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दो से तीन दवाइयां ही मिलती हैं अस्पताल से
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मरीज बोले, अन्य दवाइयां खरीदनी पड़ रही मेडिकल स्टोर से
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। जिला अस्पताल को महर्षि देवरहा बाबा मेडिकल कालेज से संबद्ध कर दिया गया, लेकिन दवाइयों की कमी की बनी हुई है। सामान्यतया चिकित्सक चार से छह दवाइयां लिखते हैं, जिसमें दो से तीन दवाएं ही दवा वितरण काउंटर पर मिल पाती हैं। अन्य दवाओं के लिए मेडिकल स्टोर का रास्ता दिखा दिया जाता है।
अस्पताल में औसतन एक हजार मरीज इलाज कराने आते हैं। ओपीडी में दिखाने के बाद चिकित्सक दवा लिखते हैं, लेकिन सभी दवा नहीं मिल पा रही है। शनिवार को ग्राम पचहुआं की सृष्टि इलाज कराने जिला अस्पताल पहुंचीं, उन्हें आंख में दिक्कत थी।उनका कहना है कि चिकित्सक ने छह दवाइयां लिखीं। दवा वितरण केंद्र पर मात्र दो दवा मिली, चार दवा बाहर से खरीदने के लिए कहा गया। सांस की बीमारी से पीड़ित शहर के रौनियारी मोहल्ला निवासी रानी गुप्ता जिला अस्पताल पहुंचीं। उन्होंने बताया कि चिकित्सक ने उन्हें चार दवा लिखी। वह दवा वितरण केंद्र पर पहुंचीं तो तीन दवा ही मिली, जबकि शेष दवा न होने की बात कहते हुए बाहर से खरीदने के लिए कहा गया। खुखुंदू के राजीव राव को सिर में दर्द व चक्कर की शिकायत थी। उन्होंने बताया कि चिकित्सक की लिखी चार में से दो दवा ही मिली, इसी गांव के संजय राव ने कहा कि उनके हाथ में चोट लगी थी। चिकित्सक को दिखाया, उन्होंने चार दवा लिखी, जिसमें एक दवा नहीं मिली। रुद्रपुर क्षेत्र के रामचक निवासी रिंकू कुमार ने बताया कि चाचा की साढ़े तीन साल की पुत्री रीतिका सीढ़ी से गिर गई थी, उसे सिर पर चोट आई थी। सीटी स्कैन की रिपोर्ट नार्मल आने पर चिकित्सक ने तीन दवा लिखी, जिसमें मात्र दो ही मिली, जबकि महंगी एक दवा बाहर से खरीदने के लिए कहा गया।
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जिला अस्पताल में उपलब्ध दवाओं का वितरण किया जाता है। दवा की कमी की समस्या के समाधान का प्रयास किया जा रहा है। जिस दवा की कमी है डिमांड भेजी गई है। जल्द उपलब्ध करा दी जाएगी।
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डॉ. सुनील सिंह, प्रभारी औषधि भंडार
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संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। जिला अस्पताल को महर्षि देवरहा बाबा मेडिकल कालेज से संबद्ध कर दिया गया, लेकिन दवाइयों की कमी की बनी हुई है। सामान्यतया चिकित्सक चार से छह दवाइयां लिखते हैं, जिसमें दो से तीन दवाएं ही दवा वितरण काउंटर पर मिल पाती हैं। अन्य दवाओं के लिए मेडिकल स्टोर का रास्ता दिखा दिया जाता है।
अस्पताल में औसतन एक हजार मरीज इलाज कराने आते हैं। ओपीडी में दिखाने के बाद चिकित्सक दवा लिखते हैं, लेकिन सभी दवा नहीं मिल पा रही है। शनिवार को ग्राम पचहुआं की सृष्टि इलाज कराने जिला अस्पताल पहुंचीं, उन्हें आंख में दिक्कत थी।उनका कहना है कि चिकित्सक ने छह दवाइयां लिखीं। दवा वितरण केंद्र पर मात्र दो दवा मिली, चार दवा बाहर से खरीदने के लिए कहा गया। सांस की बीमारी से पीड़ित शहर के रौनियारी मोहल्ला निवासी रानी गुप्ता जिला अस्पताल पहुंचीं। उन्होंने बताया कि चिकित्सक ने उन्हें चार दवा लिखी। वह दवा वितरण केंद्र पर पहुंचीं तो तीन दवा ही मिली, जबकि शेष दवा न होने की बात कहते हुए बाहर से खरीदने के लिए कहा गया। खुखुंदू के राजीव राव को सिर में दर्द व चक्कर की शिकायत थी। उन्होंने बताया कि चिकित्सक की लिखी चार में से दो दवा ही मिली, इसी गांव के संजय राव ने कहा कि उनके हाथ में चोट लगी थी। चिकित्सक को दिखाया, उन्होंने चार दवा लिखी, जिसमें एक दवा नहीं मिली। रुद्रपुर क्षेत्र के रामचक निवासी रिंकू कुमार ने बताया कि चाचा की साढ़े तीन साल की पुत्री रीतिका सीढ़ी से गिर गई थी, उसे सिर पर चोट आई थी। सीटी स्कैन की रिपोर्ट नार्मल आने पर चिकित्सक ने तीन दवा लिखी, जिसमें मात्र दो ही मिली, जबकि महंगी एक दवा बाहर से खरीदने के लिए कहा गया।
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जिला अस्पताल में उपलब्ध दवाओं का वितरण किया जाता है। दवा की कमी की समस्या के समाधान का प्रयास किया जा रहा है। जिस दवा की कमी है डिमांड भेजी गई है। जल्द उपलब्ध करा दी जाएगी।
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डॉ. सुनील सिंह, प्रभारी औषधि भंडार