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देवरिया न्यूज: पहले 5वीं मंजिल की टंकी में मिला शव, अब दूसरी मंजिल से गिरकर मरीज की मौत; मौत या आत्महत्या?
Mon, 05 Oct 2026 02:48 PM IST
Rohit Singh
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
Published by: Rohit Singh
Updated Mon, 05 Oct 2026 02:48 PM IST
सार
देवरिया के महर्षि देवरहा बाबा मेडिकल कॉलेज में मेडिकल वार्ड की दूसरी मंजिल से संदिग्ध परिस्थितियों में गिरकर मरीज की मौत हो गई। मृतक बिहार के गोपालगंज जिले के भोरे थाना क्षेत्र के महदेवा बाजार निवासी रामानुज चौहान (60) वार्ड संख्या दो में लीवर की बीमारी से भर्ती थे। रविवार रात गिरने से गंभीर रूप से घायल होने के बाद उनकी मौत हो गई।
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इसी वार्ड में बेड नंबर 33 पर मरीज भर्ती थे
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
विस्तार
महर्षि देवरहा बाबा मेडिकल कॉलेज के मेडिकल वार्ड की दूसरी मंजिल से रविवार रात संदिग्ध परिस्थितियों में गिरकर एक मरीज की मौत हो गई। घटना को लेकर अलग-अलग बातें सामने आ रही हैं। मरीज के खिड़की से कूदकर आत्महत्या करने की चर्चा है, जबकि अधिकारियों का कहना है कि मरीज हाथ छुड़ाकर भाग रहा था और इसी दौरान दूसरी मंजिल से नीचे गिर गया।
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ऑनलाइन उपलब्ध रिपोर्टों में भी घटना को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है। एक रिपोर्ट में मरीज के दूसरी मंजिल से छलांग लगाने की बात कही गई है, जबकि दूसरी रिपोर्ट में उसे खिड़की से संदिग्ध परिस्थितियों में गिरना बताया गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए डीएम मधुसूदन हुल्गी ने सदर तहसीलदार अलका सिंह के नेतृत्व में तीन सदस्यीय जांच कमेटी गठित कर दी है।
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बिहार के गोपालगंज जिले के भोरे थाना क्षेत्र के महदेवा बाजार निवासी रामानुज चौहान (60) मेडिकल कॉलेज के वार्ड संख्या दो में भर्ती थे। मेडिकल कॉलेज प्रशासन के अनुसार मरीज लीवर की बीमारी से ग्रसित था। रविवार रात वह दूसरी मंजिल से नीचे गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गए। मौके पर काफी रक्तस्राव हुआ।
इसके बाद उन्हें उपचार के लिए ले जाया गया, लेकिन कुछ समय बाद मौत हो गई। घटना के बाद प्राचार्य डॉ. रजनी पटेल और सीएमएस डॉ. एचके मिश्रा भी मौके पर पहुंचे। परिजन बिना पोस्टमार्टम कराए शव लेकर घर चले गए। मरीज दूसरी मंजिल से नीचे कैसे पहुंचा, यही जांच का सबसे महत्वपूर्ण बिंदु है।
यदि अधिकारियों के मुताबिक वह किसी का हाथ छुड़ाकर भाग रहा था तो सवाल है कि उसे कौन पकड़कर रखे था? उसने हाथ क्यों छुड़ाया? इसके बाद वह किस रास्ते भागा और खिड़की तक कैसे पहुंच गया? घटना के समय वार्ड में चिकित्सक, नर्सिंग स्टाफ और सुरक्षाकर्मी कहां थे? इसकी भी जांच जरूरी है।
घटना ने मेडिकल कॉलेज की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े किए हैं। अक्तूबर 2025 में इसी मेडिकल कॉलेज के नवीन भवन की पांचवीं मंजिल पर स्थित पानी की टंकी में अशोक गावंडे का शव मिला था। उस समय भी सवाल उठा था कि कोई व्यक्ति सुरक्षा व्यवस्था को पार कर पांचवीं मंजिल और पानी की टंकी तक कैसे पहुंच गया।
इसके अलावा 30 सितंबर को प्रसव के बाद नवजात की मौत के मामले में भी परिजनों ने स्टाफ की लापरवाही का आरोप लगाया था और मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने जांच के लिए टीम बनाई थी। अब दूसरी मंजिल से मरीज के गिरने की घटना ने वार्डों की खिड़कियों, मरीजों की निगरानी और अस्पताल के अंदर सुरक्षा इंतजाम की फिर से पड़ताल की जरूरत खड़ी कर दी है।
डीएम मधुसूदन हुल्गी के मुताबिक मेडिकल कॉलेज में मरीज की गिरने से मौत की जानकारी मिली है। सदर तहसीलदार अलका सिंह के नेतृत्व में सीएमएस समेत तीन सदस्यीय टीम गठित की गई है। जांच रिपोर्ट मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने मरीज के एल्कोहलिक होने की जानकारी मिलने की बात भी कही है। अब जांच से ही स्पष्ट होगा कि मरीज ने खिड़की से छलांग लगाई, भागने के दौरान दुर्घटनावश गिरा या घटना के पीछे कोई दूसरी वजह थी।