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Deoria News: फाइलेरिया से बचाव के लिए दवा सेवन का दे रहे संदेश
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-कल से फाइलेरिया बीमारी से बचाव के लिए जिले में शुरू होगा एमडीए अभियान
-विद्यालयों के बच्चों को किया जा रहा जागरूक
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम के तहत जिले में 10 अगस्त से दो सितंबर तक मास ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन एमडीए अभियान की शुरुआत की जाएगी। इसके तहत लक्षित आबादी को फाइलेरिया से बचाव के लिए दवा का सेवन कराया जाएगा, जिससे वह फाइलेरिया जैसी गंभीर बीमारी से बच सकें। इसके लिए जिलाधिकारी दिव्या मित्तल के निर्देशन में स्कूलों और विद्यालयों में जन जागरूकता कार्यक्रम व गतिविधियों का आयोजन किया जा रहा है।
यह गतिविधि स्वास्थ्य व शिक्षा विभाग सहित सीफार, पीसीआई संस्था और फाइलेरिया नेटवर्क के सहयोग से आयोजित की जा रही है। सीएमओ डॉ. राजेश झा ने बताया कि सरकारी और निजी विद्यालयों सहित 375 विद्यालयों के 80 हजार से अधिक छात्र–छात्राओं को फाइलेरिया से बचाव की दवा का सेवन करने के बारे में जागरूक किया गया। विद्यालयों में सीफार, पीसीआई और फाइलेरिया नेटवर्क के सदस्य विद्यालय के बच्चों को फाइलेरिया बीमारी के कारण, लक्षण, जांच और बचाव आदि के बारे में जानकारी देने के साथ एमडीए अभियान के बारे में जानकारी दे रहे हैं।
छात्र–छात्राओं को बताया कि फाइलेरिया फीलपांव या हाथीपांव क्यूलेक्स मच्छर के काटने के बाद इसके लक्षण पांच से 15 साल के बाद दिखाई देते हैं। इसलिए एक साल से ऊपर के सभी बच्चों, किशोर-किशोरियों, वयस्कों, वृद्धजनों को फाइलेरिया से बचाव की दवा जरूर खानी चाहिए। यह दवा स्वास्थ्यकर्मियों और आशा कार्यकर्ताओं द्वारा घर-घर जाकर खिलाई जाएगी। यह दवा वितरित नहीं की जाएगी। स्वास्थ्यकर्मी और आशा कार्यकर्ता यह दवा लोगों को अपने सामने खिलाएंगी। यह दवा खाली पेट नहीं खानी है। दवाएं पूरी तरह सुरक्षित हैं। दवा एक वर्ष से कम उम्र के बच्चों, गर्भवती और गंभीर रूप से बीमार व्यक्तियों को नहीं खानी है। इस दवा के साल में एक बार और पांच साल लगातार सेवन करने से फाइलेरिया से सुरक्षित रह सकते हैं।
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इसके लिए जन सहभागिता की बेहद आवश्यकता है। छात्र-छात्राओं से अपील की जा रही है कि वह ज्यादा से ज्यादा लोगों को एमडीए अभियान और फाइलेरिया से बचाव की दवा का सेवन करने के बारे में जागरूक करें।
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-विद्यालयों के बच्चों को किया जा रहा जागरूक
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम के तहत जिले में 10 अगस्त से दो सितंबर तक मास ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन एमडीए अभियान की शुरुआत की जाएगी। इसके तहत लक्षित आबादी को फाइलेरिया से बचाव के लिए दवा का सेवन कराया जाएगा, जिससे वह फाइलेरिया जैसी गंभीर बीमारी से बच सकें। इसके लिए जिलाधिकारी दिव्या मित्तल के निर्देशन में स्कूलों और विद्यालयों में जन जागरूकता कार्यक्रम व गतिविधियों का आयोजन किया जा रहा है।
यह गतिविधि स्वास्थ्य व शिक्षा विभाग सहित सीफार, पीसीआई संस्था और फाइलेरिया नेटवर्क के सहयोग से आयोजित की जा रही है। सीएमओ डॉ. राजेश झा ने बताया कि सरकारी और निजी विद्यालयों सहित 375 विद्यालयों के 80 हजार से अधिक छात्र–छात्राओं को फाइलेरिया से बचाव की दवा का सेवन करने के बारे में जागरूक किया गया। विद्यालयों में सीफार, पीसीआई और फाइलेरिया नेटवर्क के सदस्य विद्यालय के बच्चों को फाइलेरिया बीमारी के कारण, लक्षण, जांच और बचाव आदि के बारे में जानकारी देने के साथ एमडीए अभियान के बारे में जानकारी दे रहे हैं।
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छात्र–छात्राओं को बताया कि फाइलेरिया फीलपांव या हाथीपांव क्यूलेक्स मच्छर के काटने के बाद इसके लक्षण पांच से 15 साल के बाद दिखाई देते हैं। इसलिए एक साल से ऊपर के सभी बच्चों, किशोर-किशोरियों, वयस्कों, वृद्धजनों को फाइलेरिया से बचाव की दवा जरूर खानी चाहिए। यह दवा स्वास्थ्यकर्मियों और आशा कार्यकर्ताओं द्वारा घर-घर जाकर खिलाई जाएगी। यह दवा वितरित नहीं की जाएगी। स्वास्थ्यकर्मी और आशा कार्यकर्ता यह दवा लोगों को अपने सामने खिलाएंगी। यह दवा खाली पेट नहीं खानी है। दवाएं पूरी तरह सुरक्षित हैं। दवा एक वर्ष से कम उम्र के बच्चों, गर्भवती और गंभीर रूप से बीमार व्यक्तियों को नहीं खानी है। इस दवा के साल में एक बार और पांच साल लगातार सेवन करने से फाइलेरिया से सुरक्षित रह सकते हैं।
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इसके लिए जन सहभागिता की बेहद आवश्यकता है। छात्र-छात्राओं से अपील की जा रही है कि वह ज्यादा से ज्यादा लोगों को एमडीए अभियान और फाइलेरिया से बचाव की दवा का सेवन करने के बारे में जागरूक करें।