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चार शिक्षकों की सेवा समाप्त

Fri, 10 Jan 2020 11:24 PM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Fri, 10 Jan 2020 11:24 PM IST
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Four teachers terminated
चार शिक्षकों की सेवा समाप्त
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फर्जी अंक पत्र के सहारे कर रहे थे नौकरी
देवरिया। चार परिषदीय शिक्षकों की कूट रचित प्रमाण पत्रों के आधार पर नौकरी करने पर सेवा समाप्त कर दी गई है। इसमें से तीन शिक्षकों के नाम एसटीएफ की सूची में शामिल थे, जबकि एक स्कूल से लगातार लापता चल रहे थे। शुक्रवार को हुई कार्रवाई के बाद जिले में फर्जी शैक्षिक प्रमाण पत्रों के आधार पर कई परिषदीय स्कूलों में जालसाजों के जरिए नौकरी हथियाने वाले शिक्षकों में खलबली मच गई है। बर्खास्तगी के साथ ही संबंधित क्षेत्र के बीईओ को इनके खिलाफ विधिक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।
प्रकरण की जांच कर रही एसटीएफ यूनिट गोरखपुर ने सलेमपुर विकास खंड के पूर्व माध्यमिक विद्यालय धनपुरवा के प्रधानाध्यापक दीनानाथ तिवारी के प्रमाण पत्रों को सचिव, परीक्षा नियामक प्राधिकारी, एलनगंज, प्रयागराज से सत्यापन कराया तो उनके बीटीसी अंक पत्र व प्रमाण पत्र अभिलेख से भिन्न मिले। बीटीसी आंशिक परीक्षा वर्ष-1977 में अनुक्रमांक-102225 पर प्रार्थी प्रकाश चंद्र मिश्र पुत्र कमला कांत मिश्र का नाम अंकित है। उनके कूट रचित बीटीसी अंकपत्र प्रमाणपत्र के आधार पर नौकरी किए जाने की शिकायत सही मिली है। प्राथमिक विद्यालय बरठी के शिक्षक बृजेश नाथ तिवारी का नाम भी एसटीएफ की सूची में शामिल था। नियुक्ति से संबंधित शैक्षिक अभिलेख की सत्यापित प्रति विभाग ने मांगा था, लेकिन वह इसे दे नहीं पाए और बिना किसी सूचना के दो सितंबर-2019 से स्कूल नहीं आने लगे। बार-बार नोटिस देने के बाद स्पष्टीकरण नहीं देने पर उन्हें सेवा से हटा दिया गया। सदर क्षेत्र के जूनियर विद्यालय माड़ीपार शिक्षक चंद्रप्रकाश यादव पर आरोप था कि बिना सूचना के अनवरत स्कूल से लापता चल रहे हैं। निवर्तमान बीएसए के निरीक्षण में भी नहीं मिले तो इन्हें निलंबित कर दिया गया। लगातार अनुपस्थिति के संबंध में विभागीय नोटिस का वह कोई स्पष्टीकरण नहीं प्रस्तुत कर पाए।
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महाराजगंज की शिक्षिका के पैन नंबर का दुरुपयोग
विकास खंड तरकुलवा के पूर्व माध्यमिक विद्यालय महुअवां बसंतपुर की सहायक अध्यापक शर्मिष्ठा सिंह पुत्री चंद्रमणि सिंह ने अपने नाम वाली महाराजगंज जिले के लक्ष्मीपुर विकास खंड के जूनियर विद्यालय लक्ष्मीपुर की शिक्षिका के पैन कार्ड का दुरुपयोग कर नौकरी कर रहीं थी। महाराजगंज की शर्मिष्ठा सिंह ने कार्यालय में शिकायत की थी कि उनके पैन नंबर एवं आधार को देवरिया जिले के एसबीआई तरकुलवा के एक खाते से लिंक किया गया है। इसमें समान नाम, पिता का नाम, जन्मतिथि दर्ज कराते हुए वित्तीय वर्ष 2014-15 व 2017-18 में आयकर ऑनलाइन रिटर्न दाखिल कर अपने में खाते में रिफंड भी प्राप्त किया गया है। 2019-20 में संबंधित शिक्षिका की ओर से आईटीआर दाखिल किया गया तो उसकी प्रोसेसिंग में बाधा आने लगी और आयकर विभाग की ओर से नोटिस भी उन्हें मिली। जांच में देवरिया की शिक्षिका के खिलाफ महाराजगंज की शिक्षिका के अभिलेख के आधार पर नौकरी पाने एवं फर्जी तरीके से कार्यभार ग्रहण करने एवं सरकारी धन के दुरुपयोग के आरोपों की पुष्टि हुई है।
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इसके पूर्व 15 शिक्षक हो चुके हैं बर्खास्त
फर्जी प्रमाण पत्र के आधार पर अब तक जिले में 15 शिक्षकों की सेवा समाप्त कर दी गई है। इनमें कई शिक्षकों के नाम एसटीएफ सूची में शामिल थे। कुछ शिक्षकों के खिलाफ शासन में हुई जांच के आधार पर कार्रवाई हुई है। दो शिक्षकों को पिछले साल ही नौकरी मिली थी, लेकिन सत्यापन में उनके प्रमाण पत्र फर्जी मिले।

अध्यापक सेवा नियमावली एवं उप्र सरकारी कर्मचारी अनुशासन एवं अपील नियमावली के तहत जिले के चार शिक्षकों की सेवा समाप्त कर दी गई है। संबंधित बीईओ को इनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने के निर्देश दिए गए हैं। प्रकाश नारायण श्रीवास्तव, बीएसए
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