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राप्ती और गोर्रा का जलस्तर घटते ही होने लगी कटान
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बाढ़ के पानी से घिरा सेमरौना का पंचायत भवन
- फोटो : DEORIA
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राप्ती और गोर्रा का जलस्तर घटते ही होने लगी कटान
संवाद न्यूज एजेंसी
रुद्रपुर। गोर्रा और राप्ती नदी का जलस्तर सोमवार को पांच सेमी घटा। इससे बाढ़ पीड़ितों को मामूली राहत मिली। हालांकि जलस्तर घटने के साथ बंधों पर नदी तेजी से कटान करने लगी। इससे कृषि योग्य भूमि भी नदी में विलीन हो जा रही है।
राप्ती नदी केवटलिया गांव के समीप रविवार रात रिसाव करने लगी। गांव और सिंचाई विभाग के लोगों ने मिट्टी और गिट्टी डाल कर रिसाव बंद किया। जलस्तर घटने पर गोर्रा नदी नरायनपुर और बहोरा दलपतपुर के मकानों पर सीधे टक्कर मार रही है। नदी और बंधे के बीच बसे लोगों की मकानों में दरार पड़ गई है। नदी से सटे लोगों ने मकानों को खाली कर दिया है। राप्ती नदी तिघरा मराछी, हड़हा, भेड़ी, नीबा और माझा नरायन गांव के समीप बंधे पर लगातार दबाव बनाए हुए है।
गोर्रा नदी पिड़री, पिड़रा और सिलहटा गांव के तरफ कटान करते हुए तेजी से बढ़ रही है। नदियों के विकराल रुप को देख ग्रामीण रात में बंधों पर पहरा दे रहे है। पचलड़ी बांध पर लोग घरों में पानी घुसने के पहले ही ठौर बना रखे है। सचौली पटवनिया, भिरवा, छपरा, पिड़हनी, इस्लामाबाद, गायघाट, रामपुर, सोनबह, सोनबरसा गांव पानी से घिरे होने के कारण लोगों को आवागमन में दिक्कते झेलनी पड़ रहीं हैं। सिंचाई विभाग के लोग बंधों को कटने से बचाने के लिए दिन रात काम में जुटे है। क्षेत्र के नरायनपुर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, सेेमरौना पंचायत भवन सहित कई सरकारी भवन पानी से घिरे ंहै। एसडीएम संजीव कुमार उपाध्याय ने सिंचाई विभाग के साथ सोमवार को बंधों का जायजा लिया। उन्होंने सिंचाई विभाग को बंधों की सुरक्षा में मुस्तैद रहने का निर्देश दिया।
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बरहज : सरयू दो दिन में 20 सेमी घटी
रिसाव के कारण कपरवार के रास्ते भारी वाहनों की आवाजाही है बंद
संवाद न्यूज एजेंसी
बरहज। थाना घाट पर बने मीटर गेज पर पिछले दो दिनों में सरयू नदी के जलस्तर में 20 सेमी की कमी दर्ज की गई।
सोमवार को सरयू नदी खतरे के निशान 66.50 से एक मीटर 45 सेमी ऊपर 67.95 पर बह रही थी। नदी के पीछे हटने से तटवर्ती गांवों के लोगों ने कुछ हद तक राहत महसूस की। हालांकि जलभराव और दुर्गंध की मुसीबत ज्यों की त्यों बनी हुई है। सरयू में उमड़ रहे सैलाब से राप्ती भी उफान पर है। जिससे बाढ़ का पानी गांवों में फैल गया है। सड़कों पर दबाव बना हुआ है। परसियां-विशुनपुर देवार के 26 टोलों में चारों तरफ नदी का पानी पहुंच गया है। भदिला प्रथम गांव टापू बना हुआ है। नगर के आजाद नगर दक्षिणी, पटेल नगर, केवटलिया, रगरगंज, पुराना बरहज मोहल्लों में नाली-नालों के रास्ते लोगों के घरों तक बाढ़ का पानी पहुंच गया है। पिछले दो दिनों से जलस्तर में निरंतर हो रही कमी से बाढ़ की विभीषिका जैसे संकट से राहत महसूस किया गया है। कुछ जगहों पर कटान की संभावना को लेकर लोगों की सांसे अटकी हुई हैं। रामजानकी मार्ग पर बाढ़ के पानी के रिसाव के कारण कपरवार के रास्ते भारी वाहनों की आवाजाही पर पूर्णतया रोक है। सहायक अभियंता अशोक द्विवेदी ने बताया कि जलस्तर में निरंतर हो रही कमी से अच्छे संकेत मिल रहे हैं। फिलहाल बंधों पर चौकसी की जा रही है।
बाढ़ पीड़ितों से शिकायत मिली तो नपेंगे जिम्मेदार
आपदा प्रबंधन उपाध्यक्ष ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्र का किया निरीक्षण
संवाद न्यूज एजेंसी
बरहज। आपदा प्रबंधन उपाध्यक्ष और अवकाश प्राप्त लेफ्टिनेंट जनरल रवींद्र प्रताप शाही ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण किया। तहसील में करीब 37 बाढ़ पीड़ितों में राहत सामग्री वितरित की। उन्होंने कहा कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में पीड़ितों की शिकायत मिलने पर जिम्मेदारों पर कार्रवाई होगी॥
सोमवार दोपहर 12 बजे आपदा प्रबंधन उपाध्यक्ष रवींद्र प्रताप शाही बरहज पहुंचे। उन्होंने एसडीएम संजीव कुमार यादव और सीओ देव आनंद के साथ थाना घाट की मोटरबोट से नगर के रगरगंज, केवटलिया, पटेल नगर वार्डों के अलावा अन्य बाढ़ प्रभावित गांवों का निरीक्षण किया। कपरवार के कुवाईच टोला के बाढ़ पीड़ितों में राहत सामग्री भी बांटी।
पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि बाढ़ से परसियां-विशुनपुर देवार और भदिला प्रथम गांव के लोगों की दुश्वारियां देखने को मिलीं है। 1998 के आपदा के बाद पहली बार नदी उफान पर है। नदी का जलस्तर घटने से राहत मिली है। उन्होंने कहा कि मोदी और योगी सरकार ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में प्रशासन को हाई अलर्ट पर रखा है। कोताही बर्दास्त नहीं की जाएगी। बंधों के टूटने पर जिम्मेदार नपेंगे। इस दौरान इंस्पेक्टर टीजे सिंह, श्रवण सिंह, अभया नंद तिवारी, रामजोखन निषाद, नीतीश पाठक, वैभव शाही, अविनाश सिंह, प्लाटून कमांडेंट रामकेवल सिंह, उदय नारायण यादव, कृष्ण कुमार शुक्ल, अरविंद कुमार, रमेश, बालमुकुंद, अरुन सिंह, अनुराम सिंह, संजय सिंह आदि मौजूद रहे।
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संवाद न्यूज एजेंसी
रुद्रपुर। गोर्रा और राप्ती नदी का जलस्तर सोमवार को पांच सेमी घटा। इससे बाढ़ पीड़ितों को मामूली राहत मिली। हालांकि जलस्तर घटने के साथ बंधों पर नदी तेजी से कटान करने लगी। इससे कृषि योग्य भूमि भी नदी में विलीन हो जा रही है।
राप्ती नदी केवटलिया गांव के समीप रविवार रात रिसाव करने लगी। गांव और सिंचाई विभाग के लोगों ने मिट्टी और गिट्टी डाल कर रिसाव बंद किया। जलस्तर घटने पर गोर्रा नदी नरायनपुर और बहोरा दलपतपुर के मकानों पर सीधे टक्कर मार रही है। नदी और बंधे के बीच बसे लोगों की मकानों में दरार पड़ गई है। नदी से सटे लोगों ने मकानों को खाली कर दिया है। राप्ती नदी तिघरा मराछी, हड़हा, भेड़ी, नीबा और माझा नरायन गांव के समीप बंधे पर लगातार दबाव बनाए हुए है।
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गोर्रा नदी पिड़री, पिड़रा और सिलहटा गांव के तरफ कटान करते हुए तेजी से बढ़ रही है। नदियों के विकराल रुप को देख ग्रामीण रात में बंधों पर पहरा दे रहे है। पचलड़ी बांध पर लोग घरों में पानी घुसने के पहले ही ठौर बना रखे है। सचौली पटवनिया, भिरवा, छपरा, पिड़हनी, इस्लामाबाद, गायघाट, रामपुर, सोनबह, सोनबरसा गांव पानी से घिरे होने के कारण लोगों को आवागमन में दिक्कते झेलनी पड़ रहीं हैं। सिंचाई विभाग के लोग बंधों को कटने से बचाने के लिए दिन रात काम में जुटे है। क्षेत्र के नरायनपुर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, सेेमरौना पंचायत भवन सहित कई सरकारी भवन पानी से घिरे ंहै। एसडीएम संजीव कुमार उपाध्याय ने सिंचाई विभाग के साथ सोमवार को बंधों का जायजा लिया। उन्होंने सिंचाई विभाग को बंधों की सुरक्षा में मुस्तैद रहने का निर्देश दिया।
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बरहज : सरयू दो दिन में 20 सेमी घटी
रिसाव के कारण कपरवार के रास्ते भारी वाहनों की आवाजाही है बंद
संवाद न्यूज एजेंसी
बरहज। थाना घाट पर बने मीटर गेज पर पिछले दो दिनों में सरयू नदी के जलस्तर में 20 सेमी की कमी दर्ज की गई।
सोमवार को सरयू नदी खतरे के निशान 66.50 से एक मीटर 45 सेमी ऊपर 67.95 पर बह रही थी। नदी के पीछे हटने से तटवर्ती गांवों के लोगों ने कुछ हद तक राहत महसूस की। हालांकि जलभराव और दुर्गंध की मुसीबत ज्यों की त्यों बनी हुई है। सरयू में उमड़ रहे सैलाब से राप्ती भी उफान पर है। जिससे बाढ़ का पानी गांवों में फैल गया है। सड़कों पर दबाव बना हुआ है। परसियां-विशुनपुर देवार के 26 टोलों में चारों तरफ नदी का पानी पहुंच गया है। भदिला प्रथम गांव टापू बना हुआ है। नगर के आजाद नगर दक्षिणी, पटेल नगर, केवटलिया, रगरगंज, पुराना बरहज मोहल्लों में नाली-नालों के रास्ते लोगों के घरों तक बाढ़ का पानी पहुंच गया है। पिछले दो दिनों से जलस्तर में निरंतर हो रही कमी से बाढ़ की विभीषिका जैसे संकट से राहत महसूस किया गया है। कुछ जगहों पर कटान की संभावना को लेकर लोगों की सांसे अटकी हुई हैं। रामजानकी मार्ग पर बाढ़ के पानी के रिसाव के कारण कपरवार के रास्ते भारी वाहनों की आवाजाही पर पूर्णतया रोक है। सहायक अभियंता अशोक द्विवेदी ने बताया कि जलस्तर में निरंतर हो रही कमी से अच्छे संकेत मिल रहे हैं। फिलहाल बंधों पर चौकसी की जा रही है।
बाढ़ पीड़ितों से शिकायत मिली तो नपेंगे जिम्मेदार
आपदा प्रबंधन उपाध्यक्ष ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्र का किया निरीक्षण
संवाद न्यूज एजेंसी
बरहज। आपदा प्रबंधन उपाध्यक्ष और अवकाश प्राप्त लेफ्टिनेंट जनरल रवींद्र प्रताप शाही ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण किया। तहसील में करीब 37 बाढ़ पीड़ितों में राहत सामग्री वितरित की। उन्होंने कहा कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में पीड़ितों की शिकायत मिलने पर जिम्मेदारों पर कार्रवाई होगी॥
सोमवार दोपहर 12 बजे आपदा प्रबंधन उपाध्यक्ष रवींद्र प्रताप शाही बरहज पहुंचे। उन्होंने एसडीएम संजीव कुमार यादव और सीओ देव आनंद के साथ थाना घाट की मोटरबोट से नगर के रगरगंज, केवटलिया, पटेल नगर वार्डों के अलावा अन्य बाढ़ प्रभावित गांवों का निरीक्षण किया। कपरवार के कुवाईच टोला के बाढ़ पीड़ितों में राहत सामग्री भी बांटी।
पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि बाढ़ से परसियां-विशुनपुर देवार और भदिला प्रथम गांव के लोगों की दुश्वारियां देखने को मिलीं है। 1998 के आपदा के बाद पहली बार नदी उफान पर है। नदी का जलस्तर घटने से राहत मिली है। उन्होंने कहा कि मोदी और योगी सरकार ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में प्रशासन को हाई अलर्ट पर रखा है। कोताही बर्दास्त नहीं की जाएगी। बंधों के टूटने पर जिम्मेदार नपेंगे। इस दौरान इंस्पेक्टर टीजे सिंह, श्रवण सिंह, अभया नंद तिवारी, रामजोखन निषाद, नीतीश पाठक, वैभव शाही, अविनाश सिंह, प्लाटून कमांडेंट रामकेवल सिंह, उदय नारायण यादव, कृष्ण कुमार शुक्ल, अरविंद कुमार, रमेश, बालमुकुंद, अरुन सिंह, अनुराम सिंह, संजय सिंह आदि मौजूद रहे।

92- नरायनपुर गांव में कटान करती गोर्रा नदी - फोटो : DEORIA