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मानसून की पहली बारिश में ही शहर की जलनिकासी व्यवस्था की खुली पोल
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मानसून की पहली बारिश में ही शहर की जलनिकासी व्यवस्था की खुली पोल
देवरिया। मानसून की पहली बारिश में ही बुधवार को शहर के जलनिकासी व्यवस्था की पोल खुल गई। कई मोहल्लों में जगह-जगह पानी जमा हो गया, जिससे सड़कों पर लोगों का चलना मुश्किल हो गया। अभी दस दिन पहले लाखों रुपये खर्च कर नाला की सफाई कराई गई थी, लेकिन इसके बावजूद भी शहर के लोगों को जलभराव से निजात नहीं मिल पाई है।
बुधवार को भोर से बारिश होने लगी, जो दोपहर 12:00 बजे तक चली। रुक-रुक कर हुई बारिश के कारण शहर के कई मोहल्लों में पानी जमा हो गया। इतना जरूर रहा कि सिविल लाइंस रोड पर कहीं भी पानी नहीं जमा हुआ, लेकिन मोहल्लों में स्थित नाले ओवरफ्लो होकर बह रहे थे। इसके कारण सड़क पर पानी जमा हो गया था। सबसे अधिक दिक्कत शहर के नई बस्ती के वासियों को हो रही है। क्योंकि वहां ना जाने के लिए पक्की सड़क है और ना ही जल निकासी की व्यवस्था है। जिसके कारण बारिश में लोग अपने घरों में कैद रहे। दोपहर बाद जब बारिश खुली तो लोगों का घर से निकलना शुरू हुआ। शहर के उमा नगर, रामनाथ देवरिया, रामगुलाम टोला, गायत्री पुरम, लंगड़ी देवरिया, देवरिया खास, गरुलपार, भुजौली कॉलोनी, मुंसिफ कॉलोनी, अलीनगर, देवरही मंदिर, शांति नगर, साकेत नगर, पूर्वी नाथनगर आदि मोहल्लों में कई जगहों पर पूरे दिन भर जलभराव से लोगों को जूझना पड़ा। जबकि कांशीराम आवासीय परिसर मेहड़ा पुरवा और पुलिस लाइन के पास भी जलभराव से लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। इसी तरह शहर के पास के तिलाई बेलवा, कतरारी, खरजरवा, सकरापार आदि जगहों पर मकान बनाकर नई बस्ती बसाने वाले लोगों के आशियानों के पास तक पानी भर गया था। इसमें से कुछ जगह ऐसे भी हैं, जहां पर पक्की सड़क ना होने के कारण लोगों का आना-जाना कीचड़ युक्त सड़कों से रहा है।
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देवरिया। मानसून की पहली बारिश में ही बुधवार को शहर के जलनिकासी व्यवस्था की पोल खुल गई। कई मोहल्लों में जगह-जगह पानी जमा हो गया, जिससे सड़कों पर लोगों का चलना मुश्किल हो गया। अभी दस दिन पहले लाखों रुपये खर्च कर नाला की सफाई कराई गई थी, लेकिन इसके बावजूद भी शहर के लोगों को जलभराव से निजात नहीं मिल पाई है।
बुधवार को भोर से बारिश होने लगी, जो दोपहर 12:00 बजे तक चली। रुक-रुक कर हुई बारिश के कारण शहर के कई मोहल्लों में पानी जमा हो गया। इतना जरूर रहा कि सिविल लाइंस रोड पर कहीं भी पानी नहीं जमा हुआ, लेकिन मोहल्लों में स्थित नाले ओवरफ्लो होकर बह रहे थे। इसके कारण सड़क पर पानी जमा हो गया था। सबसे अधिक दिक्कत शहर के नई बस्ती के वासियों को हो रही है। क्योंकि वहां ना जाने के लिए पक्की सड़क है और ना ही जल निकासी की व्यवस्था है। जिसके कारण बारिश में लोग अपने घरों में कैद रहे। दोपहर बाद जब बारिश खुली तो लोगों का घर से निकलना शुरू हुआ। शहर के उमा नगर, रामनाथ देवरिया, रामगुलाम टोला, गायत्री पुरम, लंगड़ी देवरिया, देवरिया खास, गरुलपार, भुजौली कॉलोनी, मुंसिफ कॉलोनी, अलीनगर, देवरही मंदिर, शांति नगर, साकेत नगर, पूर्वी नाथनगर आदि मोहल्लों में कई जगहों पर पूरे दिन भर जलभराव से लोगों को जूझना पड़ा। जबकि कांशीराम आवासीय परिसर मेहड़ा पुरवा और पुलिस लाइन के पास भी जलभराव से लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। इसी तरह शहर के पास के तिलाई बेलवा, कतरारी, खरजरवा, सकरापार आदि जगहों पर मकान बनाकर नई बस्ती बसाने वाले लोगों के आशियानों के पास तक पानी भर गया था। इसमें से कुछ जगह ऐसे भी हैं, जहां पर पक्की सड़क ना होने के कारण लोगों का आना-जाना कीचड़ युक्त सड़कों से रहा है।
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