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Deoria News: फर्जी दस्तावेजों से मान्यता और स्कूल की जमीन बेचने के मामले में प्रबंधक और उसकी पत्नी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज

Thu, 19 Mar 2026 03:10 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Thu, 19 Mar 2026 03:10 AM IST
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FIR lodged against manager and his wife for selling school land and obtaining recognition through fake documents
गांव के रहने वाले एक व्यक्ति की शिकायत पर न्यायालय दिया था आदेश
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कूटरचना व धोखाधड़ी के आरोप में कोतवाली पुलिस ने की कार्रवाई
सलेमपुर। फर्जी और कूटरचित अभिलेखों के सहारे विद्यालय की मान्यता प्राप्त करने तथा बाद में विद्यालय की भूमि बेचे जाने के आरोप में कोतवाली में प्रबंधक दंपती के खिलाफ कई गंभीर धाराओं में प्राथमिकी दर्ज किया गया है। यह कार्रवाई पुलिस न्यायालय अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के आदेश पर की है।
कोतवाली क्षेत्र के बढ़पुरवा गांव निवासी मो. अशरफ ने न्यायालय में प्रार्थना पत्र देकर आरोप लगाया कि शकीना खातून उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, बढ़पुरवा-डुमवलिया, सलेमपुर की मान्यता वर्ष 2006 में हाईस्कूल और वर्ष 2010 में इंटरमीडिएट स्तर तक फर्जी खतौनी और कथित जाली विक्रय पत्र के आधार पर प्राप्त की गई। आरोप है कि विद्यालय के प्रबंधक जलालुद्दीन ने गाटा संख्या-190 की भूमि के संबंध में कूटरचित अभिलेख शासन व विभाग के समक्ष प्रस्तुत किए। प्रार्थना पत्र में कहा गया है कि जिला विद्यालय निरीक्षक देवरिया और क्षेत्रीय शिक्षा परिषद कार्यालय, गोरखपुर से प्राप्त सूचनाओं और तहसीलदार कार्यालय से मिली प्रमाणित प्रतिलिपियों में यह तथ्य सामने आया कि मान्यता के समय भूमि विद्यालय के नाम दर्ज नहीं थी।
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आरोप यह भी है कि बाद में 22 जनवरी 2011 को संबंधित भूमि का एक हिस्सा विद्यालय के नाम से प्रबंधक नैमुननिशा पत्नी जलालुद्दीन के पक्ष में रजिस्ट्री कराया गया। इसके बाद 20 जून 2016 को इसी भूमि में से 0.020 हेक्टेयर हिस्सा कथित रूप से अवैध तरीके से 10.73 लाख रुपये में बेच दिया गया। वादी ने इसे बेईमानी, कपट और आपराधिक साजिश का मामला बताया है।
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मो. अशरफ का कहना है कि उन्होंने 25 अक्तूबर 2025 को सलेमपुर थाने में प्रार्थना पत्र देकर एफआईआर दर्ज कराने का प्रयास किया, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद पुलिस अधीक्षक को भी रजिस्ट्री से सूचना दी गई, पर कोई सुनवाई न होने पर न्यायालय की शरण ली गई। न्यायालय में दाखिल प्रार्थना पत्र के आधार पर पुलिस ने जलालुद्दीन और नैमुननिशा के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज किया है। कोतवाल दिनेश कुमार मिश्र ने बताया कि न्यायालय के आदेश पर प्राथमिकी दर्ज कर मामले की विवेचना शुरू कर दी गई है।
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