{"_id":"6abff5a94eb91dcf4a0f1cfc","slug":"father-was-exhausted-from-constantly-running-back-and-forth-to-the-police-station-deoria-news-c-208-1-deo1016-193326-2026-10-02","type":"story","status":"publish","title_hn":"Deoria News: थाने पर दौड़ते-दौड़ते थक गए थे पिताजी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Deoria News: थाने पर दौड़ते-दौड़ते थक गए थे पिताजी
Fri, 02 Oct 2026 11:49 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
Updated Fri, 02 Oct 2026 11:49 PM IST
विज्ञापन
लार में पिता के हत्यारों की गिरफ्तारी के लिए एडीएम प्रशासन से गुहार लगाता बेटा
लार। आरोपियों के घर से और रामेश्वर तिवारी के घर से लंबे समय से अदावत चल रही थी। इसको लेकर स्थानीय थाने पर कई बार शिकायत की। आरोप है कि कोई कार्रवाई नहीं हुई। पिता और बहन की ही पिटाई पुलिस ने कर दी।
शिकायत करते-करते पिता जी थक गए थे। गिनती नहीं कितनी बार आवेदन दिया गया था। यह कह बेटा विकास तिवारी फफक पड़े।
परिजन के मुताबिक, आरोपियों के घर से और रामेश्वर तिवारी के घर से करीब 50 साल से अदावत चली आ रही है। आरोप है करीब डेढ़ साल पहले विवाद हुआ था। इस पर पुलिस से शिकायत करने गए थे। आरोपियों पर कार्रवाई की बजाय पिता को ही हल्का दारोगा ने बंद कर दिया।
उस दौरान मौजूद रहे दो पुलिसकर्मियों ने पिटाई की थी। पिता ने वीडियो के माध्यम से कार्रवाई की मांग की थी। इस पर अधिकारियों ने थाने में तैनात दोनों पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की थी।
विज्ञापन
एक साल पहले सिंचाई को लेकर भी विवाद हुआ था। 20 जुलाई को भी आरोपियों ने मारपीट करने की धमकी दी थी। इधर 10 दिन पूर्व भी शिकायत की गई मगर पुलिस कार्रवाई के बजाय मामले को टालती रही। विकास ने बताया कि डेढ़ साल से पिता ने कई बार थाने में शिकायत की, इसकी गिनती नहीं की जा सकती है। पुलिस से भरोसा उठ चुका है।
गांव के लोगों का कहना है कि हल्का दारोगा राममूरत राम से जब भी किसी मामले की शिकायत की जाती थी तो पीड़ित को ही फटकार लगाने लगते थे। गुस्से में आकर कहते थे कि कानून तुम जानते हो कि हम। इसको लेकर ग्रामीणों सहित हल्के के लोगों की बहस भी हो चुकी है।
विज्ञापन
शिकायत करते-करते पिता जी थक गए थे। गिनती नहीं कितनी बार आवेदन दिया गया था। यह कह बेटा विकास तिवारी फफक पड़े।
परिजन के मुताबिक, आरोपियों के घर से और रामेश्वर तिवारी के घर से करीब 50 साल से अदावत चली आ रही है। आरोप है करीब डेढ़ साल पहले विवाद हुआ था। इस पर पुलिस से शिकायत करने गए थे। आरोपियों पर कार्रवाई की बजाय पिता को ही हल्का दारोगा ने बंद कर दिया।
विज्ञापन
उस दौरान मौजूद रहे दो पुलिसकर्मियों ने पिटाई की थी। पिता ने वीडियो के माध्यम से कार्रवाई की मांग की थी। इस पर अधिकारियों ने थाने में तैनात दोनों पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की थी।
विज्ञापन
एक साल पहले सिंचाई को लेकर भी विवाद हुआ था। 20 जुलाई को भी आरोपियों ने मारपीट करने की धमकी दी थी। इधर 10 दिन पूर्व भी शिकायत की गई मगर पुलिस कार्रवाई के बजाय मामले को टालती रही। विकास ने बताया कि डेढ़ साल से पिता ने कई बार थाने में शिकायत की, इसकी गिनती नहीं की जा सकती है। पुलिस से भरोसा उठ चुका है।
गांव के लोगों का कहना है कि हल्का दारोगा राममूरत राम से जब भी किसी मामले की शिकायत की जाती थी तो पीड़ित को ही फटकार लगाने लगते थे। गुस्से में आकर कहते थे कि कानून तुम जानते हो कि हम। इसको लेकर ग्रामीणों सहित हल्के के लोगों की बहस भी हो चुकी है।