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अगल-बगल दफनाए गए पिता-पुत्र, भर आई लोगों की आंखें
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अगल-बगल दफनाए गए पिता-पुत्र, भर आई लोगों की आंखें
रुद्रपुर। महराजगंज में मंगलवार की शाम पोस्टमार्टम बाद पिता-पुत्र का शव पहुंचते ही कोहराम मच गया। घर के सामने कब्रिस्तान में अगल-बगल दोनों को मिट्टी दी गई। पिता-पुत्र की कब्र पर एक साथ मिट्टी देने के दौरान लोगों की आंखें भर आईं।
गांव में शहीद और उसके बेटे नजीर का शव शाम करीब पांच बजे पहुंचा। शव दफन करने के दौरान बड़ी संख्या में पुलिस और पीएसी के जवान तैनात रहे। एसडीएम संजीव उपाध्याय और सीओ जिलाजीत मयफोर्स जमे रहे। दरवाजे से करीब पचास मीटर की दूरी पर कब्रिस्तान में लोग जनाजा लेकर पहुंचे। एक साथ का एक साथ जनाजा उठा तो पूरा गांव उमड़ पड़ा। परिजन दहाड़ मार कर रोने लगे। मिलनसार शहीद की मौत पर हर कोई गम में दिखा।
चौराहे से शराब की दुकान हटाने की मांग
शव दफन होने के दौरान ग्रामीणों ने प्रशासन से चौराहे से देशी शराब की दुकान हटाने की मांग की। उन्होंने कहा कि चौराहे पर शराब की दुकान पर शाम को शराबियों का जमावड़ा लगता है, जिससे आए दिन विवाद होता है। देर रात तक अलग बगल गांव के अराजकतत्व चौराहे पर शराब के नशे में हंगामा करते हैं। एसडीएम और सीओ ने लोगों को कार्रवाई का आश्वासन दिया।
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चौराहे पर दुकानदारों से अक्सर मारपीट करता था मुख्य आरोपी
रुद्रपुर। महराजगंज गांव में पिता-पुत्र की गला काट कर हत्या का मुख्य आरोपी अमरनाथ निषाद चौराहे पर अक्सर विवाद के लिए चर्चा में रहा है। उसके खिलाफ पुलिस को कई बार शिकायत भी मिली थी, पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने से उसका हौसला बढ़ता गया। बीते विधानसभा चुनाव में एक प्रत्याशी के समर्थन में मतदान करने के लिए उसने वोटरों को धमकी भी दी थी।
चौराहे पर अक्सर दुकानदारों से मारपीट के लिए चर्चित मुख्य आरोपी छह माह पहले धारदार हथियार लेकर दुकानदार रमेश गुप्ता को मारने के लिए दौड़ा लिया था। दो महीने पहले चौराहे पर ही सरिया काट रहे मजदूरों से मनबढ़ किस्म के युवक ने विवाद कर लिया। उस दौरान भी उसने चाकू लेकर मजदूरों पर हमला बोल दिया। लोगों ने बीच बचाव कर मामला शांत कराया। आरोपी चौराहे पर शाम को टहलने निकलीं महिलाओं को फब्तियां कसता था। लोगों ने पुलिस से शिकायत भी की थी। मृतक शहीद के परिवार के सदस्य को तंज कसना विवाद की जड़ में बताया जा रहा है। घटना की शाम आरोपी ने कुछ साथियों के साथ दावत भी की। उसके बाद वह घटना को अंजाम देने के लिए निकल पड़ा।
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रुद्रपुर। महराजगंज में मंगलवार की शाम पोस्टमार्टम बाद पिता-पुत्र का शव पहुंचते ही कोहराम मच गया। घर के सामने कब्रिस्तान में अगल-बगल दोनों को मिट्टी दी गई। पिता-पुत्र की कब्र पर एक साथ मिट्टी देने के दौरान लोगों की आंखें भर आईं।
गांव में शहीद और उसके बेटे नजीर का शव शाम करीब पांच बजे पहुंचा। शव दफन करने के दौरान बड़ी संख्या में पुलिस और पीएसी के जवान तैनात रहे। एसडीएम संजीव उपाध्याय और सीओ जिलाजीत मयफोर्स जमे रहे। दरवाजे से करीब पचास मीटर की दूरी पर कब्रिस्तान में लोग जनाजा लेकर पहुंचे। एक साथ का एक साथ जनाजा उठा तो पूरा गांव उमड़ पड़ा। परिजन दहाड़ मार कर रोने लगे। मिलनसार शहीद की मौत पर हर कोई गम में दिखा।
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चौराहे से शराब की दुकान हटाने की मांग
शव दफन होने के दौरान ग्रामीणों ने प्रशासन से चौराहे से देशी शराब की दुकान हटाने की मांग की। उन्होंने कहा कि चौराहे पर शराब की दुकान पर शाम को शराबियों का जमावड़ा लगता है, जिससे आए दिन विवाद होता है। देर रात तक अलग बगल गांव के अराजकतत्व चौराहे पर शराब के नशे में हंगामा करते हैं। एसडीएम और सीओ ने लोगों को कार्रवाई का आश्वासन दिया।
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चौराहे पर दुकानदारों से अक्सर मारपीट करता था मुख्य आरोपी
रुद्रपुर। महराजगंज गांव में पिता-पुत्र की गला काट कर हत्या का मुख्य आरोपी अमरनाथ निषाद चौराहे पर अक्सर विवाद के लिए चर्चा में रहा है। उसके खिलाफ पुलिस को कई बार शिकायत भी मिली थी, पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने से उसका हौसला बढ़ता गया। बीते विधानसभा चुनाव में एक प्रत्याशी के समर्थन में मतदान करने के लिए उसने वोटरों को धमकी भी दी थी।
चौराहे पर अक्सर दुकानदारों से मारपीट के लिए चर्चित मुख्य आरोपी छह माह पहले धारदार हथियार लेकर दुकानदार रमेश गुप्ता को मारने के लिए दौड़ा लिया था। दो महीने पहले चौराहे पर ही सरिया काट रहे मजदूरों से मनबढ़ किस्म के युवक ने विवाद कर लिया। उस दौरान भी उसने चाकू लेकर मजदूरों पर हमला बोल दिया। लोगों ने बीच बचाव कर मामला शांत कराया। आरोपी चौराहे पर शाम को टहलने निकलीं महिलाओं को फब्तियां कसता था। लोगों ने पुलिस से शिकायत भी की थी। मृतक शहीद के परिवार के सदस्य को तंज कसना विवाद की जड़ में बताया जा रहा है। घटना की शाम आरोपी ने कुछ साथियों के साथ दावत भी की। उसके बाद वह घटना को अंजाम देने के लिए निकल पड़ा।