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Deoria News: हमेशा के लिए सो गया बरहज का पहलवान
Fri, 24 Feb 2023 11:25 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
Updated Fri, 24 Feb 2023 11:25 PM IST
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बरहज के पूर्व विधायक प्रेमप्रकाश सिंह का फाइल फोटो संवाद
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पूर्व मंत्री प्रेमप्रकाश सिंह की अखाड़ों से विधानसभा तक रही धमक
प्रेमप्रकाश सिंह ने मजदूर संघ से मंत्री पद तक का किया है सफर
संवाद न्यूज एजेंसी
बरहज। क्षेत्र के पैना गांव निवासी और पूर्व वस्त्रोद्योग राज्य मंत्री प्रेमप्रकाश सिंह का नैनीताल के शक्ति फार्म पर शुक्रवार को निधन हो गया। नैनीताल के एक पेपर मिल के मजदूर संघ से राजनीति की शुरुआत करने वाले प्रेमप्रकाश सिंह ने मंत्री पद तक का सफर तय किया है। अखाड़ों से लेकर विधानसभा तक उनकी धमक रही है। उनके निधन से क्षेत्र में शोक की लहर है।
प्रगतिशील किसान प्रेमप्रकाश सिंह की राजनैतिक गलियारे में धमक रही है। राजनीति के ऊंची हस्तियों के बीच उनकी पैठ थी। दिन में करीब 1:20 बजे उनके निधन की सूचना वायरल हुई। गांव स्थित आवास पर शुभेच्छुओं की भीड़ जुट गई। परिजनों के अनुसार पूर्व मंत्री का पार्थिव शरीर शनिवार को सोनूघाट के रास्ते बरहज होते हुए पैना लाया जाएगा। जहां रविवार को शहीद स्मारक घाट पर राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा।
अभिभावक तुल्य थे पूर्व मंत्री प्रेमप्रकाश सिंह
बरहज/भाटपाररानी। पूर्व मंत्री प्रेमप्रकाश सिंह के निधन पर राजनैतिक, व्यापारिक, सामाजिक आदि संगठनों ने शोक व्यक्त किया है। सभी का कहना था कि वह लोगों के साथ अभिभावक की तरह पेश आते थे।निधन पर अखिलेंद्र शाही, अजय प्रताप सिंह, अमरेंद्र गुप्त, अब्दुल खालिक, राजन गुप्त, डॉ. एसएस जाफरी आदि ने शोक व्यक्त किया है। उधर, भाटपार रानी कार्यालय के अनुसार पूर्व मंत्री प्रेम प्रकाश सिंह के निधन पर सभी दलों के नेताओं ने शोक संवेदना व्यक्त की है। पूर्व विधायक डॉ. आशुतोष उपाध्याय ने कहा है कि वे एक जुझारू तेवर के नेता थे। यूथ कांग्रेस के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं कांग्रेस राष्ट्रीय परिषद के सदस्य केशव चंद यादव, जनार्दन सिंह, माकपा के साधु शरण, भाजपा के सुशील शाही एवं राजकुमार शाही, बसपा के जोनल इंचार्ज रमेश चंद्र एडवोकेट एवं इम्तियाज अहमद आदि ने शोक संवेदना व्यक्त की है। संवाद
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इंसेट में-
पूर्व मुख्यमंत्री नारायण दत्त तिवारी ने उनके पक्ष में की थी चुनावी जनसभा
बरहज। अखाड़ा से लेकर विधानसभा में धमक जमाने वाले प्रेमप्रकाश सिंह नैनीताल के सितारगंज से ब्लॉक प्रमुख चुने गए थे। उन्होंने कांग्रेस पार्टी से राजनीति का सफर शुरू किया था। एसके इंटर काॅलेज के मैदान में पूर्व मुख्यमंत्री नारायण दत्त तिवारी ने उनके पक्ष में चुनावी जनसभा की थी। लेकिन उन्हें हार का सामना करना पड़ा था। चुनाव में हार के बाद भी उन्होंने हिम्मत नहीं हारी। 1996 में बसपा से वह पहली बार विधायक चुने गए थे।
वह तत्कालीन मुख्यमंत्री मायावती और कांशीराम के चहेतों में से एक थे। पूर्व मुख्यमंत्री मायवती उनसे मिलने गांव पैना आईं थीं। जहां बरहज को तहसील का दर्जा दिलाने के साथ सती घाट के सुंदरीकरण के लिए प्रस्ताव किया था। इसी कार्यकाल में बसपा-भाजपा गठबंधन टूटने के बाद प्रेमप्रकाश सिंह ने लोकतांत्रिक बसपा का गठन करते हुए प्रदेश में भाजपा की सरकार बनाने के लिए कल्याण सिंह की मदद की थी। सरकार में उन्हें वस्त्रोद्योग मंत्री बनाया गया था। 2012 में समाजवादी पार्टी से विधायक चुने गए थे।
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प्रेमप्रकाश सिंह ने मजदूर संघ से मंत्री पद तक का किया है सफर
संवाद न्यूज एजेंसी
बरहज। क्षेत्र के पैना गांव निवासी और पूर्व वस्त्रोद्योग राज्य मंत्री प्रेमप्रकाश सिंह का नैनीताल के शक्ति फार्म पर शुक्रवार को निधन हो गया। नैनीताल के एक पेपर मिल के मजदूर संघ से राजनीति की शुरुआत करने वाले प्रेमप्रकाश सिंह ने मंत्री पद तक का सफर तय किया है। अखाड़ों से लेकर विधानसभा तक उनकी धमक रही है। उनके निधन से क्षेत्र में शोक की लहर है।
प्रगतिशील किसान प्रेमप्रकाश सिंह की राजनैतिक गलियारे में धमक रही है। राजनीति के ऊंची हस्तियों के बीच उनकी पैठ थी। दिन में करीब 1:20 बजे उनके निधन की सूचना वायरल हुई। गांव स्थित आवास पर शुभेच्छुओं की भीड़ जुट गई। परिजनों के अनुसार पूर्व मंत्री का पार्थिव शरीर शनिवार को सोनूघाट के रास्ते बरहज होते हुए पैना लाया जाएगा। जहां रविवार को शहीद स्मारक घाट पर राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा।
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अभिभावक तुल्य थे पूर्व मंत्री प्रेमप्रकाश सिंह
बरहज/भाटपाररानी। पूर्व मंत्री प्रेमप्रकाश सिंह के निधन पर राजनैतिक, व्यापारिक, सामाजिक आदि संगठनों ने शोक व्यक्त किया है। सभी का कहना था कि वह लोगों के साथ अभिभावक की तरह पेश आते थे।निधन पर अखिलेंद्र शाही, अजय प्रताप सिंह, अमरेंद्र गुप्त, अब्दुल खालिक, राजन गुप्त, डॉ. एसएस जाफरी आदि ने शोक व्यक्त किया है। उधर, भाटपार रानी कार्यालय के अनुसार पूर्व मंत्री प्रेम प्रकाश सिंह के निधन पर सभी दलों के नेताओं ने शोक संवेदना व्यक्त की है। पूर्व विधायक डॉ. आशुतोष उपाध्याय ने कहा है कि वे एक जुझारू तेवर के नेता थे। यूथ कांग्रेस के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं कांग्रेस राष्ट्रीय परिषद के सदस्य केशव चंद यादव, जनार्दन सिंह, माकपा के साधु शरण, भाजपा के सुशील शाही एवं राजकुमार शाही, बसपा के जोनल इंचार्ज रमेश चंद्र एडवोकेट एवं इम्तियाज अहमद आदि ने शोक संवेदना व्यक्त की है। संवाद
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इंसेट में-
पूर्व मुख्यमंत्री नारायण दत्त तिवारी ने उनके पक्ष में की थी चुनावी जनसभा
बरहज। अखाड़ा से लेकर विधानसभा में धमक जमाने वाले प्रेमप्रकाश सिंह नैनीताल के सितारगंज से ब्लॉक प्रमुख चुने गए थे। उन्होंने कांग्रेस पार्टी से राजनीति का सफर शुरू किया था। एसके इंटर काॅलेज के मैदान में पूर्व मुख्यमंत्री नारायण दत्त तिवारी ने उनके पक्ष में चुनावी जनसभा की थी। लेकिन उन्हें हार का सामना करना पड़ा था। चुनाव में हार के बाद भी उन्होंने हिम्मत नहीं हारी। 1996 में बसपा से वह पहली बार विधायक चुने गए थे।
वह तत्कालीन मुख्यमंत्री मायावती और कांशीराम के चहेतों में से एक थे। पूर्व मुख्यमंत्री मायवती उनसे मिलने गांव पैना आईं थीं। जहां बरहज को तहसील का दर्जा दिलाने के साथ सती घाट के सुंदरीकरण के लिए प्रस्ताव किया था। इसी कार्यकाल में बसपा-भाजपा गठबंधन टूटने के बाद प्रेमप्रकाश सिंह ने लोकतांत्रिक बसपा का गठन करते हुए प्रदेश में भाजपा की सरकार बनाने के लिए कल्याण सिंह की मदद की थी। सरकार में उन्हें वस्त्रोद्योग मंत्री बनाया गया था। 2012 में समाजवादी पार्टी से विधायक चुने गए थे।