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Deoria News: जमीन तय होने के बाद भी नहीं बना अग्निशमन केंद्र
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बरहज। तहसील क्षेत्र में हर साल लोग अग्निकांड का शिकार होते हैं। इसमें हजारों एकड़ गेहूं की फसलें जलकर नष्ट हो जाती हैं। इसके लिए शासन की ओर से अग्निशमन केंद्र स्थापित करने के लिए विगत वर्ष पूर्व जमीन का चिह्निकरण कराया गया था।
लेकिन आज भी नगर-क्षेत्र में अग्निशमन केंद्र स्थापित नहीं किया जा सका है। जिसको लेकर लोगों में मायूसी है। वहीं तहसील में फायर ब्रिगेड की गाड़ी नहीं पहुंचने और गेहूं फसल तैयार हो जाने से लोगों की चिंता बढ़ गई है।
2017 में किसानों ने आगलगी की घटना से निजात के लिए भाजपा सरकार के तत्कालीन विधायक सुरेश तिवारी से अग्निशमन केंद्र के लिए मांग किया था। जिस पर उन्होंने शासन को प्रस्ताव भेजा था। लोगाें के अनुसार तत्काल में फायर ब्रिगेड की दो गाड़ी भेजते हुए तहसील परिसर में वैकल्पिक स्टेशन स्थापित किया गया था।
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बीते वर्ष केंद्रीय राज्यमंत्री और सांसद कमलेश पासवान, क्षेत्रीय विधायक दीपक मिश्र शाका ने अग्निशमन केंद्र के लिए पहल किया। जिस पर शासन से मंजूरी मिलने के बाद फायर स्टेशन के लिए नगरपालिका से जमीन उपलब्ध कराने को कहा गया था। पालिकाध्यक्ष श्वेता जायसवाल ने इसके लिए रामजानकी मार्ग स्थित पेट्रोल पंप के निकट गाटा संख्या 658 और 659 निष्प्रयोज्य जमीन की पड़ताल कराई।
टीम ने सरकारी खलिहान की जमीन पर बनाए जाने वाले अग्निशमन केंद्र का स्थलीय निरीक्षण भी किया गया। लेकिन आज भी परियोजना अधर में है। अग्निशमन केंद्र स्थापित न किए जाने से लोगों मेंं नाराजगी है। लोगों का कहना है कि नदी पार दियारा क्षेत्र के अलावा अन्य जगहों पर अक्सर रबी की फसल में आग लग जाती है, इससे बड़ा नुकसान उठाना पड़ता है। एसडीएम विपिन कुमार द्विवेदी ने बताया कि अग्निशमन केंद्र के स्थापित कराए जाने के लिए जमीन चिह्निकरण जैसी बात के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं है।
रही बात फायर ब्रिगेड के गाड़ी के लिए, मांग की गई है।
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लेकिन आज भी नगर-क्षेत्र में अग्निशमन केंद्र स्थापित नहीं किया जा सका है। जिसको लेकर लोगों में मायूसी है। वहीं तहसील में फायर ब्रिगेड की गाड़ी नहीं पहुंचने और गेहूं फसल तैयार हो जाने से लोगों की चिंता बढ़ गई है।
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2017 में किसानों ने आगलगी की घटना से निजात के लिए भाजपा सरकार के तत्कालीन विधायक सुरेश तिवारी से अग्निशमन केंद्र के लिए मांग किया था। जिस पर उन्होंने शासन को प्रस्ताव भेजा था। लोगाें के अनुसार तत्काल में फायर ब्रिगेड की दो गाड़ी भेजते हुए तहसील परिसर में वैकल्पिक स्टेशन स्थापित किया गया था।
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बीते वर्ष केंद्रीय राज्यमंत्री और सांसद कमलेश पासवान, क्षेत्रीय विधायक दीपक मिश्र शाका ने अग्निशमन केंद्र के लिए पहल किया। जिस पर शासन से मंजूरी मिलने के बाद फायर स्टेशन के लिए नगरपालिका से जमीन उपलब्ध कराने को कहा गया था। पालिकाध्यक्ष श्वेता जायसवाल ने इसके लिए रामजानकी मार्ग स्थित पेट्रोल पंप के निकट गाटा संख्या 658 और 659 निष्प्रयोज्य जमीन की पड़ताल कराई।
टीम ने सरकारी खलिहान की जमीन पर बनाए जाने वाले अग्निशमन केंद्र का स्थलीय निरीक्षण भी किया गया। लेकिन आज भी परियोजना अधर में है। अग्निशमन केंद्र स्थापित न किए जाने से लोगों मेंं नाराजगी है। लोगों का कहना है कि नदी पार दियारा क्षेत्र के अलावा अन्य जगहों पर अक्सर रबी की फसल में आग लग जाती है, इससे बड़ा नुकसान उठाना पड़ता है। एसडीएम विपिन कुमार द्विवेदी ने बताया कि अग्निशमन केंद्र के स्थापित कराए जाने के लिए जमीन चिह्निकरण जैसी बात के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं है।
रही बात फायर ब्रिगेड के गाड़ी के लिए, मांग की गई है।