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Deoria News: दो हजार नंबरों की जांच के बाद भी रहमान के कातिलों का पुलिस पता नहीं लगा पाई
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दो हजार नंबरों की जांच के बाद भी रहमान के कातिलों का पुलिस पता नहीं लगा पाई
बदलते रहे थानेदार, नहीं चिन्हित हुए हत्या के राजदार, तीन एसओ आए पर नहीं कर सके हत्या का पर्दाफाश
संवाद न्यूज एजेंसी
चनुकी। दो हजार नंबरों की जांच के बाद भी रहमान के कातिलों का पुलिस पता नहीं लगा पाई है। सोलह महीने बाद भी पुलिस को सुराग हाथ नहीं लग सके हैं। इस बीच कई थानेदार बदल गए, लेकिन हत्या का खुलासा करने में पुलिस नाकाम साबित हुई, जबकि पिता को अभी भी आस है कि उसके बेटे के कातिल को पुलिस सामने लाएगी।
लार कस्बा के खीरी मोहल्ला निवासी रहमान पुत्र सलीम की 24 जून 2022 को गला काटकर निर्मम हत्या कर दी गई थी। उसका शव लार थाना क्षेत्र के ही सुतावर - कौसड़ मार्ग पर फेंक दिया गया था। दिल दहला देने वाली इस घटना के पर्दाफाश के लिए तत्कालीन थानेदार नवीन कुमार सिंह और जिले की एसओजी को लगाया गया। पुलिस ने चनुकी मोड़ स्थित एक सीसीटीवी कैमरे का फुटेज खंगाली तो स्पष्ट हुआ कि रहमान आठ बजे बाइक लेकर पूरब तरफ अकेले जा रहा है। सत्रह वर्षीय रहमान ओकेएम इंटर काॅलेज का दसवीं का छात्र था और उसी वर्ष दसवीं की बोर्ड की परीक्षा में उत्तीर्ण हुआ था। 24 जून की यह यात्रा उसकी आखिरी यात्रा साबित हुई। रहमान के पिता सलीम की तहरीर पर अज्ञात हत्यारों के विरुद्ध हत्या का केस दर्ज हुआ। घटना का पर्दाफाश नहीं होने पर लार के तत्कालीन निरीक्षक को हटा कर उनकी जगह नवीन चौधरी को लार का थानेदार बनाया गया। वे भी हत्याकांड का पर्दाफाश नहीं कर सके। उसके बाद राहुल कुमार सिंह लार के निरीक्षक बने, वे भी कातिलों को नहीं पकड़ सके।
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रहमान हत्याकांड को लेकर पुलिस ने कई बार जांच पड़ताल की, लेकिन अभी सफलता नहीं मिली है। काफी संख्या में लोगों से पूछताछ की गई है। अभी मामले में विवेचना चल रही है। पुलिस का प्रयास है कि जल्द खुलासा कर दिया जाए।
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-राजेश कुमार, एएसपी
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जब भी दरवाजे से गुजरती पुलिस तो मां -बाप को लगता हत्यारे पकड़ लिए गए
चनुकी। बेटे की हत्या के सदमे से पिता सलीम अभी उबर नहीं सके हैं। आज भी कातिलों की गिरफ्तारी की सूचना के इंतजार में हैं। जब भी कभी पुलिस उनके दरवाजे से होकर गुजरती है तो उनकी आंखें पुलिस जवानों को निहारती हैं, उन्हें लगता है कि पुलिस यह बताने आ रही कि बेटे के हत्यारे पकड़ लिए गए। पर हर बार यह एक भ्रम ही साबित होता है। पिता आज भी आस लगाए बैठे हैं।
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बदलते रहे थानेदार, नहीं चिन्हित हुए हत्या के राजदार, तीन एसओ आए पर नहीं कर सके हत्या का पर्दाफाश
संवाद न्यूज एजेंसी
चनुकी। दो हजार नंबरों की जांच के बाद भी रहमान के कातिलों का पुलिस पता नहीं लगा पाई है। सोलह महीने बाद भी पुलिस को सुराग हाथ नहीं लग सके हैं। इस बीच कई थानेदार बदल गए, लेकिन हत्या का खुलासा करने में पुलिस नाकाम साबित हुई, जबकि पिता को अभी भी आस है कि उसके बेटे के कातिल को पुलिस सामने लाएगी।
लार कस्बा के खीरी मोहल्ला निवासी रहमान पुत्र सलीम की 24 जून 2022 को गला काटकर निर्मम हत्या कर दी गई थी। उसका शव लार थाना क्षेत्र के ही सुतावर - कौसड़ मार्ग पर फेंक दिया गया था। दिल दहला देने वाली इस घटना के पर्दाफाश के लिए तत्कालीन थानेदार नवीन कुमार सिंह और जिले की एसओजी को लगाया गया। पुलिस ने चनुकी मोड़ स्थित एक सीसीटीवी कैमरे का फुटेज खंगाली तो स्पष्ट हुआ कि रहमान आठ बजे बाइक लेकर पूरब तरफ अकेले जा रहा है। सत्रह वर्षीय रहमान ओकेएम इंटर काॅलेज का दसवीं का छात्र था और उसी वर्ष दसवीं की बोर्ड की परीक्षा में उत्तीर्ण हुआ था। 24 जून की यह यात्रा उसकी आखिरी यात्रा साबित हुई। रहमान के पिता सलीम की तहरीर पर अज्ञात हत्यारों के विरुद्ध हत्या का केस दर्ज हुआ। घटना का पर्दाफाश नहीं होने पर लार के तत्कालीन निरीक्षक को हटा कर उनकी जगह नवीन चौधरी को लार का थानेदार बनाया गया। वे भी हत्याकांड का पर्दाफाश नहीं कर सके। उसके बाद राहुल कुमार सिंह लार के निरीक्षक बने, वे भी कातिलों को नहीं पकड़ सके।
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रहमान हत्याकांड को लेकर पुलिस ने कई बार जांच पड़ताल की, लेकिन अभी सफलता नहीं मिली है। काफी संख्या में लोगों से पूछताछ की गई है। अभी मामले में विवेचना चल रही है। पुलिस का प्रयास है कि जल्द खुलासा कर दिया जाए।
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-राजेश कुमार, एएसपी
जब भी दरवाजे से गुजरती पुलिस तो मां -बाप को लगता हत्यारे पकड़ लिए गए
चनुकी। बेटे की हत्या के सदमे से पिता सलीम अभी उबर नहीं सके हैं। आज भी कातिलों की गिरफ्तारी की सूचना के इंतजार में हैं। जब भी कभी पुलिस उनके दरवाजे से होकर गुजरती है तो उनकी आंखें पुलिस जवानों को निहारती हैं, उन्हें लगता है कि पुलिस यह बताने आ रही कि बेटे के हत्यारे पकड़ लिए गए। पर हर बार यह एक भ्रम ही साबित होता है। पिता आज भी आस लगाए बैठे हैं।