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बिजली आपूर्ति में सुधार के 600 करोड़ के प्रस्ताव को केंद्र की हरी झंडी का इंतजार
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बिजली आपूर्ति में सुधार के 600 करोड़ के प्रस्ताव को केंद्र की हरी झंडी का इंतजार
विश्व दीपक त्रिपाठी
देवरिया। शहरी तथा ग्रामीण इलाकों में विद्युत सुधार के लिए दोनों सांसदों के साथ ही विधायकों ने छह सौ करोड़ रुपये के प्रस्ताव दो माह पूर्व दिए हैं। इसमें अन्य कार्यों के साथ ही 21 उपकेंद्रों का निर्माण भी शामिल है। ये प्रस्ताव केंद्र सरकार की हरी झंडी मिलने का इंतजार कर रहे हैं। फिलहाल प्रस्ताव शासन में लंबित हैं। इनकी मंजूरी मिल जाती तो लोगों को लो वोल्टेज और बेहतर आपूर्ति का लाभ मिल जाता।
जिले में बिजली की बदहाली दूर करने के लिए केंद्र सरकार की पुनरुत्थान योजना के तहत 600 करोड़ के कार्यों का प्रस्ताव तैयार किया गया है। जिसमें ट्रांसफार्मर, विद्युत उपकेंद्र तैयार करने, क्षमता बढ़ाने, जर्जर तार हटाने जैसे कार्य शामिल हैं। इसी क्रम में निगम के मांगने पर सांसद सदर डॉ. रमापति राम त्रिपाठी, सांसद सलेमपुर रविंद्र कुशवाहा, कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही, राज्य मंत्री जय प्रकाश निषाद, सदर विधायक डॉ. सत्य प्रकाश मणि त्रिपाठी, बरहज विधायक सुरेश तिवारी, रामपुर कारखाना विधायक कमलेश शुक्ला, सलेमपुर विधायक काली प्रसाद, भाटपाररानी विधायक डा. आशुतोष उपाध्याय ने 21 नए उपकेंद्र के निर्माण का प्रस्ताव दिया। इसके अलावा निगम के अफसरों ने जरूरत के लिहाज से उपकेंद्र के निर्माण का खाका तैयार कर शासन को भेजा। प्रस्ताव के दो माह बाद भी इसे मंजूरी नहीं मिली।
विद्युत निगम के अधीक्षण अभियंता जीसी यादव ने कहा कि नए उपकेंद्रों की स्थापना के लिए प्रस्ताव सांसद और विधायकों से प्राप्त हुआ था। जिसे मंजूरी के लिए शासन को भेज दिया गया है। अगर उपकेंद्रों की संख्या बढ़ती है तो विद्युत आपूर्ति में सुधार होगा और उपभोक्ताओं को लाभ होगा। (संवाद)
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केंद्रीय टीम करेगी सर्वे
पुनरुत्थान योजना केंद्र सरकार की होने के कारण उपकेंद्रों की स्थापना के लिए केंद्रीय एजेंसी की टीम को जनपद में आना है। टीम के सर्वे करने के बाद ही नए उपकेंद्रों की स्थापना हो सकेगी। सूत्रों के अनुसार, निगम अब सर्वे टीम के आने का इंतजार कर रहा है।
ऊर्जा मंत्री आज जनप्रतिनिधियों से करेंगे संवाद
पुनरुत्थान योजना के तहत जिले की बिजली व्यवस्था सुदृढ़ करने का खाका तैयार किया गया है। इसके लिए शुक्रवार को ऊर्जा मंत्री सभी विधायकों और सांसदों से वीडियो क्रांफ्रेंसिंग के माध्यम से बात करेंगे। अगर किसी माननीय ने प्रस्ताव अभी तक नहीं दिया है तो वह जल्द दे सकते हैं। जिन माननीयों के प्रस्ताव भेजे जा चुके है, उन्हें फिर से प्रस्ताव देने की जरूरत नहीं है।
- जीसी यादव, अधीक्षण अभियंता
देवरिया लोकसभा क्षेत्र में जो भी उपकेंद्र, जर्जर तार बदलने, ट्रांसफार्मर की क्षमता बढ़ाने आदि मामले जो भी मेरे संज्ञान में आया उसका प्रस्ताव दिया गया है। स्वीकृति मिलेगी मुझे विश्वास है। प्रदेश सरकार सौभाग्य योजना के तहत 20 वर्ष पूर्व लगे तारों को बदलने का निर्देश जारी कर चुकी है।
डा. रमापतिराम त्रिपाठी
सदर सांसद
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विश्व दीपक त्रिपाठी
देवरिया। शहरी तथा ग्रामीण इलाकों में विद्युत सुधार के लिए दोनों सांसदों के साथ ही विधायकों ने छह सौ करोड़ रुपये के प्रस्ताव दो माह पूर्व दिए हैं। इसमें अन्य कार्यों के साथ ही 21 उपकेंद्रों का निर्माण भी शामिल है। ये प्रस्ताव केंद्र सरकार की हरी झंडी मिलने का इंतजार कर रहे हैं। फिलहाल प्रस्ताव शासन में लंबित हैं। इनकी मंजूरी मिल जाती तो लोगों को लो वोल्टेज और बेहतर आपूर्ति का लाभ मिल जाता।
जिले में बिजली की बदहाली दूर करने के लिए केंद्र सरकार की पुनरुत्थान योजना के तहत 600 करोड़ के कार्यों का प्रस्ताव तैयार किया गया है। जिसमें ट्रांसफार्मर, विद्युत उपकेंद्र तैयार करने, क्षमता बढ़ाने, जर्जर तार हटाने जैसे कार्य शामिल हैं। इसी क्रम में निगम के मांगने पर सांसद सदर डॉ. रमापति राम त्रिपाठी, सांसद सलेमपुर रविंद्र कुशवाहा, कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही, राज्य मंत्री जय प्रकाश निषाद, सदर विधायक डॉ. सत्य प्रकाश मणि त्रिपाठी, बरहज विधायक सुरेश तिवारी, रामपुर कारखाना विधायक कमलेश शुक्ला, सलेमपुर विधायक काली प्रसाद, भाटपाररानी विधायक डा. आशुतोष उपाध्याय ने 21 नए उपकेंद्र के निर्माण का प्रस्ताव दिया। इसके अलावा निगम के अफसरों ने जरूरत के लिहाज से उपकेंद्र के निर्माण का खाका तैयार कर शासन को भेजा। प्रस्ताव के दो माह बाद भी इसे मंजूरी नहीं मिली।
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विद्युत निगम के अधीक्षण अभियंता जीसी यादव ने कहा कि नए उपकेंद्रों की स्थापना के लिए प्रस्ताव सांसद और विधायकों से प्राप्त हुआ था। जिसे मंजूरी के लिए शासन को भेज दिया गया है। अगर उपकेंद्रों की संख्या बढ़ती है तो विद्युत आपूर्ति में सुधार होगा और उपभोक्ताओं को लाभ होगा। (संवाद)
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केंद्रीय टीम करेगी सर्वे
पुनरुत्थान योजना केंद्र सरकार की होने के कारण उपकेंद्रों की स्थापना के लिए केंद्रीय एजेंसी की टीम को जनपद में आना है। टीम के सर्वे करने के बाद ही नए उपकेंद्रों की स्थापना हो सकेगी। सूत्रों के अनुसार, निगम अब सर्वे टीम के आने का इंतजार कर रहा है।
ऊर्जा मंत्री आज जनप्रतिनिधियों से करेंगे संवाद
पुनरुत्थान योजना के तहत जिले की बिजली व्यवस्था सुदृढ़ करने का खाका तैयार किया गया है। इसके लिए शुक्रवार को ऊर्जा मंत्री सभी विधायकों और सांसदों से वीडियो क्रांफ्रेंसिंग के माध्यम से बात करेंगे। अगर किसी माननीय ने प्रस्ताव अभी तक नहीं दिया है तो वह जल्द दे सकते हैं। जिन माननीयों के प्रस्ताव भेजे जा चुके है, उन्हें फिर से प्रस्ताव देने की जरूरत नहीं है।
- जीसी यादव, अधीक्षण अभियंता
देवरिया लोकसभा क्षेत्र में जो भी उपकेंद्र, जर्जर तार बदलने, ट्रांसफार्मर की क्षमता बढ़ाने आदि मामले जो भी मेरे संज्ञान में आया उसका प्रस्ताव दिया गया है। स्वीकृति मिलेगी मुझे विश्वास है। प्रदेश सरकार सौभाग्य योजना के तहत 20 वर्ष पूर्व लगे तारों को बदलने का निर्देश जारी कर चुकी है।
डा. रमापतिराम त्रिपाठी
सदर सांसद