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घोटाले के आरोप में आठ इंजीनियर चले गए, एक पर मेहरबान हो गया विभाग
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घोटाले के आरोप में आठ इंजीनियर चले गए, एक पर मेहरबान हो गया विभाग
देवरिया। जिस मामले में एक्सईएन तक नहीं बचे। एई, जेई समेत नौ इंजीनियरों का तबादला हो गया। उसी मामले में एक जेई परोक्ष रूप से उसी खंड में पांव जमाए बैठ गया। कार्रवाई के नाम पर जेई का तबादला भूतल से प्रथम तल पर एनएच में किया गया था। जिसे चंद दिनों बाद पुन: उसी विभाग में वही जिम्मेदारी दे दी गई, जो उसे पहले मिली थी। फोरलेन समेत कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं का काम उसी जेई की देखरेख में हो रहा है।
वित्तीय वर्ष 2018-19 में पीडब्ल्यूडी प्रांतीय खंड में गड्ढा मुक्ति के नाम पर करोड़ों रुपये की गड़बड़ी उजागर हुई थी। सप्लाई आर्डर के नाम पर एक करोड़ 90 हजार रुपये का फर्जी भुगतान प्रकाश में आया था। एक के बाद एक परत खुलने पर शासन के कान खड़े हो गए। मुख्यमंत्री के निर्देश पर टीएसई जांच बैठाई गई थी। जांच प्रभावित न हो इसके लिए एक्सईएन समेत नौ इंजीनियरों का तबादला कर दिया गया। जिस पर सप्लाई आर्डर के नाम पर फर्जी भुगतान का आरोप लगा था, उसी जेई को आज फोरलेन, सोनूघाट-महुआनी मार्ग समेत कई परियोजनाओं की जिम्मेदारी दी गई है। एक जेई पर अधिकारियों की मेहरबानी से बेदाग इंजीनियरों में असंतोष उत्पन्न हो रहा है। पीडब्ल्यूडी एक्सईएन कमल किशोर ने कहा कि जेई को प्रांतीय खंड से संबद्ध किया गया है। क्या आरोप थे और क्या कार्रवाई हुई इसके बारे में मुझे पता नहीं है। अभी मुझे 15 दिन पहले डिवीजन का चार्ज मिला है।
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देवरिया। जिस मामले में एक्सईएन तक नहीं बचे। एई, जेई समेत नौ इंजीनियरों का तबादला हो गया। उसी मामले में एक जेई परोक्ष रूप से उसी खंड में पांव जमाए बैठ गया। कार्रवाई के नाम पर जेई का तबादला भूतल से प्रथम तल पर एनएच में किया गया था। जिसे चंद दिनों बाद पुन: उसी विभाग में वही जिम्मेदारी दे दी गई, जो उसे पहले मिली थी। फोरलेन समेत कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं का काम उसी जेई की देखरेख में हो रहा है।
वित्तीय वर्ष 2018-19 में पीडब्ल्यूडी प्रांतीय खंड में गड्ढा मुक्ति के नाम पर करोड़ों रुपये की गड़बड़ी उजागर हुई थी। सप्लाई आर्डर के नाम पर एक करोड़ 90 हजार रुपये का फर्जी भुगतान प्रकाश में आया था। एक के बाद एक परत खुलने पर शासन के कान खड़े हो गए। मुख्यमंत्री के निर्देश पर टीएसई जांच बैठाई गई थी। जांच प्रभावित न हो इसके लिए एक्सईएन समेत नौ इंजीनियरों का तबादला कर दिया गया। जिस पर सप्लाई आर्डर के नाम पर फर्जी भुगतान का आरोप लगा था, उसी जेई को आज फोरलेन, सोनूघाट-महुआनी मार्ग समेत कई परियोजनाओं की जिम्मेदारी दी गई है। एक जेई पर अधिकारियों की मेहरबानी से बेदाग इंजीनियरों में असंतोष उत्पन्न हो रहा है। पीडब्ल्यूडी एक्सईएन कमल किशोर ने कहा कि जेई को प्रांतीय खंड से संबद्ध किया गया है। क्या आरोप थे और क्या कार्रवाई हुई इसके बारे में मुझे पता नहीं है। अभी मुझे 15 दिन पहले डिवीजन का चार्ज मिला है।
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