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नदियों में गिर रहा शहर के नालों का गंदा पानी
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शहर का गंदा पानी बडे नाला से गिर रहा कुर्ना में।संवाद
- फोटो : DEORIA
नदियों में गिर रहा शहर के नालों का गंदा पानी
जिले की किसी भी नगर पालिका या नगर पंचायत में सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट नहीं
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। नगर पालिका देवरिया, बरहज सहित अन्य नगर पंचायतों के आवासीय इलाकों के घरों का पानी सहायक नदियों के रास्ते बड़ी नदियों में गिर रहा है। इससे नदियों के पानी को स्वच्छ बनाने की राह में रोड़ा अटक रहा है। गंभीर यह कि किसी भी नगर निकाय में एसटीपी (सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट) की व्यवस्था नहीं है।
जिला मुख्यालय से लगायत विभिन्न कस्बों में गंदा पानी छोटी-बड़ी नदियों में गिर रहा है। बिना ट्रीटमेंट के पानी गिरने से स्वच्छ पानी गंदा हो रहा है। आवासीय के अलावा औद्योगिक क्षेत्र का कचरा नाला के रास्ते नदियों में पहुंच रहा है। देवरिया नगर पालिका क्षेत्र के घरों का पानी कुर्ना नाला में जाता है। कुर्ना नाला करमेल, बनरही, कोरवा, मदनपुर गोला में गायघाट के पास राप्ती नदी से मिल जाता है। रुद्रपुर नगरीय क्षेत्र का गंदा पानी सेमरौना के पास बथुआ नाले मिल जाता है। डाला के पास कुर्ना नाला मिल जाता है, जो गायघाट के पास राप्ती नदी में मिल जाता है।
बरहज नगर पालिका क्षेत्र का गंदा पानी सीधे थाना के पास सरयू नदी में गिरता है। इससे काफी गंदगी देखने को मिलती है। सलेमपुर, भटनी के नगरीय क्षेत्र का भी बिना ट्रीटमेंट के ही गंदा पानी छोटी गंडक नदी में उड़ेला जा रहा है, जो आगे जाकर राप्ती नदी में मिल जाती है। रामपुर कारखाना कस्बे का पानी करमैनी नाला से होकर छोटी गंडक नदी में गिर जाता है। इसके कारण नदियां प्रदूषित हो रही हैं, जनजीवन पर भी बुरा असर पड़ रहा है। इसके बाद भी किसी भी निकाय में ट्रीटमेंट प्लांट लगाना तो दूर की बात है कार्ययोजना तक नहीं बनाई गई है। गंदा पानी गिरने के कारण नदियों को स्वच्छ रखने की राह में बड़ी दिक्कत आ रही है।
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सहायक नदियों का पानी हो रहा है काला
देवरिया। जिला मुख्यालय से लगायत दो अन्य नगर पंचायत रुद्रपुर और गौरी बाजार का पानी कुर्ना नाले में गिरने के कारण पानी काला हो गया है। अविरल बहने वाली नदियां प्रदूषण से कराह रही हैं। जिम्मेदारों की सुस्त चाल के सरयू, राप्ती, गोर्रा व छोटी गंडक नदी में हर रोज गिरने वाले गंदे पानी की परवाह करने वाला कोई नहीं है।
प्रदूषण के चलते पानी काला होता जा रहा है। साथ ही नदी के जलीय जीव-जंतु मर जा रहे हैं। जिसके कारण उनका अस्तित्व समाप्त हो रहा है। रुद्रपुर, बरहज, भागलपुर, लार के पिंडी इलाके से होकर बिहार प्रांत में प्रवेश करने वाली इन नदियों का पानी भी कई जगहों पर पीने योग्य नहीं रहा गया है।
वहीं छोटी गंडक नदी हेतिमपुर के रास्ते जिले में प्रवेश करती है। इसके बाद कोटवा, रामपुर कारखाना, भटनी, मझौलीराज के रास्ते होकर बिहार बॉर्डर पर मेहरौनाघाट के आगे सरयू नदी में मिल जाती है। इससे साफ जाहिर हो रहा है कि अधिकांश निकायों का गंदा पानी किसी न किसी रास्ते नदियों में जा रहा है। इसके कारण पानी काल पड़ जा रहा है। संवाद
कोट
नदियों के पानी की स्वच्छता को लेकर गंभीरता बरती जा रही है। अभी किसी नगर निकाय में एसटीपी नहीं है। लेकिन आने वाले समय में इसकी योजना बनाई जाएगी। सभी निकायों से रिपोर्ट तैयार की जाएगी कि गंदा पानी सीधे नदी में न जाएं।
-गौरव श्रीवास्तव, एडीएम प्रशासन
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जिले की किसी भी नगर पालिका या नगर पंचायत में सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट नहीं
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। नगर पालिका देवरिया, बरहज सहित अन्य नगर पंचायतों के आवासीय इलाकों के घरों का पानी सहायक नदियों के रास्ते बड़ी नदियों में गिर रहा है। इससे नदियों के पानी को स्वच्छ बनाने की राह में रोड़ा अटक रहा है। गंभीर यह कि किसी भी नगर निकाय में एसटीपी (सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट) की व्यवस्था नहीं है।
जिला मुख्यालय से लगायत विभिन्न कस्बों में गंदा पानी छोटी-बड़ी नदियों में गिर रहा है। बिना ट्रीटमेंट के पानी गिरने से स्वच्छ पानी गंदा हो रहा है। आवासीय के अलावा औद्योगिक क्षेत्र का कचरा नाला के रास्ते नदियों में पहुंच रहा है। देवरिया नगर पालिका क्षेत्र के घरों का पानी कुर्ना नाला में जाता है। कुर्ना नाला करमेल, बनरही, कोरवा, मदनपुर गोला में गायघाट के पास राप्ती नदी से मिल जाता है। रुद्रपुर नगरीय क्षेत्र का गंदा पानी सेमरौना के पास बथुआ नाले मिल जाता है। डाला के पास कुर्ना नाला मिल जाता है, जो गायघाट के पास राप्ती नदी में मिल जाता है।
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बरहज नगर पालिका क्षेत्र का गंदा पानी सीधे थाना के पास सरयू नदी में गिरता है। इससे काफी गंदगी देखने को मिलती है। सलेमपुर, भटनी के नगरीय क्षेत्र का भी बिना ट्रीटमेंट के ही गंदा पानी छोटी गंडक नदी में उड़ेला जा रहा है, जो आगे जाकर राप्ती नदी में मिल जाती है। रामपुर कारखाना कस्बे का पानी करमैनी नाला से होकर छोटी गंडक नदी में गिर जाता है। इसके कारण नदियां प्रदूषित हो रही हैं, जनजीवन पर भी बुरा असर पड़ रहा है। इसके बाद भी किसी भी निकाय में ट्रीटमेंट प्लांट लगाना तो दूर की बात है कार्ययोजना तक नहीं बनाई गई है। गंदा पानी गिरने के कारण नदियों को स्वच्छ रखने की राह में बड़ी दिक्कत आ रही है।
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सहायक नदियों का पानी हो रहा है काला
देवरिया। जिला मुख्यालय से लगायत दो अन्य नगर पंचायत रुद्रपुर और गौरी बाजार का पानी कुर्ना नाले में गिरने के कारण पानी काला हो गया है। अविरल बहने वाली नदियां प्रदूषण से कराह रही हैं। जिम्मेदारों की सुस्त चाल के सरयू, राप्ती, गोर्रा व छोटी गंडक नदी में हर रोज गिरने वाले गंदे पानी की परवाह करने वाला कोई नहीं है।
प्रदूषण के चलते पानी काला होता जा रहा है। साथ ही नदी के जलीय जीव-जंतु मर जा रहे हैं। जिसके कारण उनका अस्तित्व समाप्त हो रहा है। रुद्रपुर, बरहज, भागलपुर, लार के पिंडी इलाके से होकर बिहार प्रांत में प्रवेश करने वाली इन नदियों का पानी भी कई जगहों पर पीने योग्य नहीं रहा गया है।
वहीं छोटी गंडक नदी हेतिमपुर के रास्ते जिले में प्रवेश करती है। इसके बाद कोटवा, रामपुर कारखाना, भटनी, मझौलीराज के रास्ते होकर बिहार बॉर्डर पर मेहरौनाघाट के आगे सरयू नदी में मिल जाती है। इससे साफ जाहिर हो रहा है कि अधिकांश निकायों का गंदा पानी किसी न किसी रास्ते नदियों में जा रहा है। इसके कारण पानी काल पड़ जा रहा है। संवाद
कोट
नदियों के पानी की स्वच्छता को लेकर गंभीरता बरती जा रही है। अभी किसी नगर निकाय में एसटीपी नहीं है। लेकिन आने वाले समय में इसकी योजना बनाई जाएगी। सभी निकायों से रिपोर्ट तैयार की जाएगी कि गंदा पानी सीधे नदी में न जाएं।
-गौरव श्रीवास्तव, एडीएम प्रशासन