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Deoria News: मुकदमे से नाम न हटाने पर चिकित्सक ने दी अनशन की चेतावनी
Mon, 11 Dec 2023 12:29 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
Updated Mon, 11 Dec 2023 12:29 AM IST
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पांच वर्षों से न्याय के लिए भटक रहे
भाटपाररानी। श्रीरामपुर थाना क्षेत्र के टोला अहिबरन राय निवासी एक चिकित्सक ने फर्जी मुकदमे में फंसाए जाने का आरोप लगाया है। उन्होंने न्याय न मिलने पर 16 दिसंबर से पुलिस अधीक्षक कार्यालय पर सपरिवार आमरण अनशन की चेतावनी दी है। पीड़ित डॉक्टर ने पत्रक एसपी से मिलकर सौंपा है।
एसपी को सौंपे पत्रक में डॉ. दिलीप कुमार ने बताया है कि वर्ष 2018 में एसडीए मेडिकल कॉलेज रांची में छात्र था। एक मई 2018 को मेरे छोटे भाई की शादी थी। उसमें शरीक होने के लिए गांव आया था। उससे पहले 28 अप्रैल 2018 को तत्कालीन थानाध्यक्ष खामपार हरेराम चौराहा पर वाहन चेकिंग कर रहे थे। उस दौरान पुलिस ने जनता से बदसलूकी के कारण चौराहा की जनता अचानक उग्र हो गई और मारपीट की नौबत आ गई। किसी तरह मामला शांत हो गया।
पुलिस ने कई लोगों के साथ मेरे खिलाफ भी केस दर्ज कर दिया। उस समय मैं भाई की शादी की खरीदारी के लिए देवरिया स्थित एक मॉल में मौजूद था। उसका सीसीटीवी फुटेज भी मेरे पास है। पुलिस ने मुझे फर्जी तरीके से केस में फंसाया है। इसे लेकर पांच वर्षों से न्याय के लिए भटक रहा हूं। मुख्यमंत्री कार्यालय के पांच बार आदेश के बावजूद संबंधित सीसीटीवी फुटेज की जांच नहीं की जा रही है।
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भाटपाररानी। श्रीरामपुर थाना क्षेत्र के टोला अहिबरन राय निवासी एक चिकित्सक ने फर्जी मुकदमे में फंसाए जाने का आरोप लगाया है। उन्होंने न्याय न मिलने पर 16 दिसंबर से पुलिस अधीक्षक कार्यालय पर सपरिवार आमरण अनशन की चेतावनी दी है। पीड़ित डॉक्टर ने पत्रक एसपी से मिलकर सौंपा है।
एसपी को सौंपे पत्रक में डॉ. दिलीप कुमार ने बताया है कि वर्ष 2018 में एसडीए मेडिकल कॉलेज रांची में छात्र था। एक मई 2018 को मेरे छोटे भाई की शादी थी। उसमें शरीक होने के लिए गांव आया था। उससे पहले 28 अप्रैल 2018 को तत्कालीन थानाध्यक्ष खामपार हरेराम चौराहा पर वाहन चेकिंग कर रहे थे। उस दौरान पुलिस ने जनता से बदसलूकी के कारण चौराहा की जनता अचानक उग्र हो गई और मारपीट की नौबत आ गई। किसी तरह मामला शांत हो गया।
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पुलिस ने कई लोगों के साथ मेरे खिलाफ भी केस दर्ज कर दिया। उस समय मैं भाई की शादी की खरीदारी के लिए देवरिया स्थित एक मॉल में मौजूद था। उसका सीसीटीवी फुटेज भी मेरे पास है। पुलिस ने मुझे फर्जी तरीके से केस में फंसाया है। इसे लेकर पांच वर्षों से न्याय के लिए भटक रहा हूं। मुख्यमंत्री कार्यालय के पांच बार आदेश के बावजूद संबंधित सीसीटीवी फुटेज की जांच नहीं की जा रही है।
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