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ज्वाइंट मजिस्ट्रेट के निरीक्षण में नदारद मिले डॉक्टर और कर्मचारी
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ज्वाइंट मजिस्ट्रेट के निरीक्षण में नदारद मिले डॉक्टर और कर्मचारी
सलेमपुर। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का हाल बेहाल है। ओपीडी में समय से डॉक्टरों के न बैठने से मरीज परेशान हैं। बृहस्पतिवार को ज्वाइंट मजिस्ट्रेट गुंजन द्विवेदी ने औचक निरीक्षण की तो कई डॉक्टर और कर्मचारी नदारद मिले। इसमें कई कर्मचारी ऐसे भी देखे गए जो रजिस्टर में हस्ताक्षर कर गायब रहे। घोर लापरवाही को देखते हुए ज्वाइंट मजिस्ट्रेट ने जिम्मेदारों को फटकार लगाते हुए कार्रवाई की बात कही। उन्होंने आए मरीजों व मासूम बच्चों के इलाज और चिकित्सक के बारे में जानकारी ली। मरीजों ने बताया सुबह आठ बजे आए थे। दोपहर के 12 बजने वाले हैं, मगर जिस डॉक्टर से इलाज कराना है वे अभी नहीं आए हैं।
मौसम में बदलाव से इन दिनों सीएचसी में मरीजों की संख्या बढ़ी है। उल्टी, दस्त, बुखार, सर्दी-जुकाम के मरीजों की भीड़ रहती है। प्रतिदिन यहां 500-700 मरीज आते हैं, लेकिन अधिकांश डॉक्टरों के ओपीडी में समय से न बैठने से मरीजों को प्राइवेट क्लीनिकों का सहारा लेना पड़ रहा है। इसकी तमाम शिकायतें सीएमएस व जिला प्रशासन से की गईं, लेकिन कोई सुधार नहीं हो सका। बृहस्पतिवार सुबह 11:10 बजे ज्वाइंट मजिस्ट्रेट गुंजन द्विवेदी सीएचसी पहुंचीं। उन्होंने ओपीडी की स्थिति देखी और सभी को बुलाकर उपस्थिति रजिस्टर में हाजिरी लगवाई। सात डॉक्टर समेत 24 कर्मचारी मौके पर नहीं मिले। बताया गया कि कक्ष संख्या एक में बैठने वाले डॉ. वीके मिश्र छुट्टी पर हैं और कक्ष संख्या दो में बैठने वाले डॉ. इकबाल खान जिला अस्पताल में ड्यूटी कर रहे हैं। जबकि डॉ. रेनू मिश्रा सर्जन, डॉ. नेहा मिश्रा, डॉ. नरेंद्र मोहन बाल रोग विशेषज्ञ, डॉ. मयंक राय और डॉ. शम्श अली नदारद हैं। कक्ष संख्या एक और दो के बाहर इंतजार कर रहे मरीजों ने बताया सुबह आठ बजे अस्पताल खुलते ही वे पर्चा बनवाकर आ गए, लेकिन डॉक्टर साहब नहीं आए। कुछ देर और देखा जा रहा है अगर डॉक्टर नहीं आए तो प्राइवेट क्लीनिक में बच्चे का इलाज कराएंगे। मरीजों की यह बात सुनकर ज्वाइंट मजिस्ट्रेट ने नाराजगी जताते हुए डॉ. राजेश कुमार से तत्काल मरीजों को देखने को कहा। उन्होंने डॉ. राजेश कुमार से लापरवाह चिकित्सकों और कर्मचारियों की सूची मांगी। ज्वाइंट मजिस्ट्रेट के निर्देश के बाद डॉ. राजेश कुमार ने सात डॉक्टर समेत 24 कर्मचारियों की रिपोर्ट ज्वाइंट मजिस्ट्रेट को भेज दी।
इस बाबत ज्वाइंट मजिस्ट्रेट गुंजन द्विवेदी ने बताया कि सीएचसी का औचक निरीक्षण किया था। कुछ डॉक्टर और कुछ कर्मचारी अनुपस्थित मिले हैं। विभाग से रिपोर्ट मांगी गई है, लापरवाह कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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ज्वाइनिंग के बाद से अस्पताल नहीं आए दो डॉक्टर
सलेमपुर। दिसंबर में दो महिला डॉक्टर और एक बाल रोग विशेषज्ञ की तैनाती हुई थी। उसमें डॉ. रेनू मिश्रा ज्वाइनिंग के बाद अस्पताल में बैठने लगी। विभागीय उदासीनता के चलते डॉ. नेहा मिश्रा और डॉ. नरेंद्र मोहन 16 दिसंबर को ज्वाइनिंग के बाद आज तक यहां नहीं बैठे। इस मामले में पूर्व विधायक काली प्रसाद ने कई बार विभाग के जिम्मेदारों को पत्र भी लिखा है।
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सलेमपुर। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का हाल बेहाल है। ओपीडी में समय से डॉक्टरों के न बैठने से मरीज परेशान हैं। बृहस्पतिवार को ज्वाइंट मजिस्ट्रेट गुंजन द्विवेदी ने औचक निरीक्षण की तो कई डॉक्टर और कर्मचारी नदारद मिले। इसमें कई कर्मचारी ऐसे भी देखे गए जो रजिस्टर में हस्ताक्षर कर गायब रहे। घोर लापरवाही को देखते हुए ज्वाइंट मजिस्ट्रेट ने जिम्मेदारों को फटकार लगाते हुए कार्रवाई की बात कही। उन्होंने आए मरीजों व मासूम बच्चों के इलाज और चिकित्सक के बारे में जानकारी ली। मरीजों ने बताया सुबह आठ बजे आए थे। दोपहर के 12 बजने वाले हैं, मगर जिस डॉक्टर से इलाज कराना है वे अभी नहीं आए हैं।
मौसम में बदलाव से इन दिनों सीएचसी में मरीजों की संख्या बढ़ी है। उल्टी, दस्त, बुखार, सर्दी-जुकाम के मरीजों की भीड़ रहती है। प्रतिदिन यहां 500-700 मरीज आते हैं, लेकिन अधिकांश डॉक्टरों के ओपीडी में समय से न बैठने से मरीजों को प्राइवेट क्लीनिकों का सहारा लेना पड़ रहा है। इसकी तमाम शिकायतें सीएमएस व जिला प्रशासन से की गईं, लेकिन कोई सुधार नहीं हो सका। बृहस्पतिवार सुबह 11:10 बजे ज्वाइंट मजिस्ट्रेट गुंजन द्विवेदी सीएचसी पहुंचीं। उन्होंने ओपीडी की स्थिति देखी और सभी को बुलाकर उपस्थिति रजिस्टर में हाजिरी लगवाई। सात डॉक्टर समेत 24 कर्मचारी मौके पर नहीं मिले। बताया गया कि कक्ष संख्या एक में बैठने वाले डॉ. वीके मिश्र छुट्टी पर हैं और कक्ष संख्या दो में बैठने वाले डॉ. इकबाल खान जिला अस्पताल में ड्यूटी कर रहे हैं। जबकि डॉ. रेनू मिश्रा सर्जन, डॉ. नेहा मिश्रा, डॉ. नरेंद्र मोहन बाल रोग विशेषज्ञ, डॉ. मयंक राय और डॉ. शम्श अली नदारद हैं। कक्ष संख्या एक और दो के बाहर इंतजार कर रहे मरीजों ने बताया सुबह आठ बजे अस्पताल खुलते ही वे पर्चा बनवाकर आ गए, लेकिन डॉक्टर साहब नहीं आए। कुछ देर और देखा जा रहा है अगर डॉक्टर नहीं आए तो प्राइवेट क्लीनिक में बच्चे का इलाज कराएंगे। मरीजों की यह बात सुनकर ज्वाइंट मजिस्ट्रेट ने नाराजगी जताते हुए डॉ. राजेश कुमार से तत्काल मरीजों को देखने को कहा। उन्होंने डॉ. राजेश कुमार से लापरवाह चिकित्सकों और कर्मचारियों की सूची मांगी। ज्वाइंट मजिस्ट्रेट के निर्देश के बाद डॉ. राजेश कुमार ने सात डॉक्टर समेत 24 कर्मचारियों की रिपोर्ट ज्वाइंट मजिस्ट्रेट को भेज दी।
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इस बाबत ज्वाइंट मजिस्ट्रेट गुंजन द्विवेदी ने बताया कि सीएचसी का औचक निरीक्षण किया था। कुछ डॉक्टर और कुछ कर्मचारी अनुपस्थित मिले हैं। विभाग से रिपोर्ट मांगी गई है, लापरवाह कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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ज्वाइनिंग के बाद से अस्पताल नहीं आए दो डॉक्टर
सलेमपुर। दिसंबर में दो महिला डॉक्टर और एक बाल रोग विशेषज्ञ की तैनाती हुई थी। उसमें डॉ. रेनू मिश्रा ज्वाइनिंग के बाद अस्पताल में बैठने लगी। विभागीय उदासीनता के चलते डॉ. नेहा मिश्रा और डॉ. नरेंद्र मोहन 16 दिसंबर को ज्वाइनिंग के बाद आज तक यहां नहीं बैठे। इस मामले में पूर्व विधायक काली प्रसाद ने कई बार विभाग के जिम्मेदारों को पत्र भी लिखा है।