{"_id":"627aa36d173e3859321df331","slug":"dm-warned-officers-deoria-news-gkp436410471","type":"story","status":"publish","title_hn":"सरकारी धन के दुरुपयोग पर होगी कड़ी कार्रवाई : डीएम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सरकारी धन के दुरुपयोग पर होगी कड़ी कार्रवाई : डीएम
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सरकारी धन के दुरुपयोग पर होगी कड़ी कार्रवाई : डीएम
प्राथमिकता के साथ ग्राम पंचायतों में संचालित हों मनरेगा के कार्य
सामुदायिक शौचालय संचालित होने पर ही करें मानदेय का भुगतान
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने गूगल मीट के माध्यम से मंगलवार को मनरेगा योजना की समीक्षा की। उन्होंने बीडीओ, एडीओ पंचायत, एपीओ, डीपीआरओ सहित अन्य अधिकारियों से कहा कि यदि सरकारी पैसे का अपव्यय व दुरुपयोग हुआ तो संबंधित को बख्शा नहीं जाएगा। ऐसे लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। ऐसे में पूरे मनोयोग एवं नियमों के तहत कार्य करें और किसी प्रकार का कोई दुरुपयोग न हो इस पर नियंत्रण रखें। इसमें कोई सुधार नहीं पाया जाएगा तो मुकदमा लिखवाने के साथ ही रिकवरी व जेल भेजने की कार्रवाई की जाएगी।
जिलाधिकारी मनरेगा कार्यों की समीक्षा में सात विकास खंडों की 31 ग्राम पंचायतों में कार्य नहीं चलने पर नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने जिम्मेदारी तय कर कार्रवाई करने के निर्देश दिए। भटनी विकास खंड की आठ ग्राम पंचायतों में मनरेगा से कार्य शुरू नहीं मिले। इसके लिए खंड विकास अधिकारी शकील अख्तर को फटकार लगाई तथा एपीओ मंजू कुशवाहा से कारणों के बारे में जानकारी ली और नराजगी व्यक्त करते हुए कार्यों में सुधार लाने तथा बीडीओ को इन पर कार्रवाई करने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने भागलपुर ब्लॉक के सात गांवों में मनरेगा का कार्य शुरू नहीं मिला। बताया गया कि एपीओ ने डिमांड नहीं प्रस्तुत की है। इस पर डीएम ने उनके विरुद्ध कार्रवाई करने को कहा। सलेमपुर की पांच ग्राम पंचायतों में कार्य नहीं होना पाया गया। डीएम ने नाराजगी व्यक्त की और संबंधित के विरुद्ध कार्रवाई के निर्देश दिए। डीएम ने सामुदायिक शौचालयों को समुचित रूप से संचालित होने के बाद ही भुगतान आदि की कार्रवाई किए जाने के निर्देश दिए। कहा कि किसी भी दशा में असंचालन की स्थिति में मानदेय आदि का भुगतान नहीं होना चाहिए। यदि ऐसा मिला तो संबंधित पंचायत सचिव व अन्य जुड़े कर्मियों की जिम्मेदारी तय करते हुए उनके विरुद्ध भी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने सभी खंड विकास अधिकारियों, जिला पंचायत राज अधिकारी को प्रभावी अनुश्रण करने व नियंत्रण रखने के निर्देश दिए। सीडीओ रवींद्र कुमार ने सभी खंड विकास अधिकारियों को निर्देश दिया कि जिन पैरामीटरों में प्रगति अपेक्षित नहीं है, उसमें सुधार लाएं, अन्यथा कार्रवाई होगी। इस दौरान डीसी मनरेगा बीएस राय, डीपीआरओ अविनाश कुमार, खंड विकास अधिकारी, एडीओ पंचायत, एपीओ व अन्य अधिकारी, कर्मचारी आदि जुड़े रहे।
विज्ञापन
प्राथमिकता के साथ ग्राम पंचायतों में संचालित हों मनरेगा के कार्य
सामुदायिक शौचालय संचालित होने पर ही करें मानदेय का भुगतान
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने गूगल मीट के माध्यम से मंगलवार को मनरेगा योजना की समीक्षा की। उन्होंने बीडीओ, एडीओ पंचायत, एपीओ, डीपीआरओ सहित अन्य अधिकारियों से कहा कि यदि सरकारी पैसे का अपव्यय व दुरुपयोग हुआ तो संबंधित को बख्शा नहीं जाएगा। ऐसे लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। ऐसे में पूरे मनोयोग एवं नियमों के तहत कार्य करें और किसी प्रकार का कोई दुरुपयोग न हो इस पर नियंत्रण रखें। इसमें कोई सुधार नहीं पाया जाएगा तो मुकदमा लिखवाने के साथ ही रिकवरी व जेल भेजने की कार्रवाई की जाएगी।
जिलाधिकारी मनरेगा कार्यों की समीक्षा में सात विकास खंडों की 31 ग्राम पंचायतों में कार्य नहीं चलने पर नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने जिम्मेदारी तय कर कार्रवाई करने के निर्देश दिए। भटनी विकास खंड की आठ ग्राम पंचायतों में मनरेगा से कार्य शुरू नहीं मिले। इसके लिए खंड विकास अधिकारी शकील अख्तर को फटकार लगाई तथा एपीओ मंजू कुशवाहा से कारणों के बारे में जानकारी ली और नराजगी व्यक्त करते हुए कार्यों में सुधार लाने तथा बीडीओ को इन पर कार्रवाई करने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने भागलपुर ब्लॉक के सात गांवों में मनरेगा का कार्य शुरू नहीं मिला। बताया गया कि एपीओ ने डिमांड नहीं प्रस्तुत की है। इस पर डीएम ने उनके विरुद्ध कार्रवाई करने को कहा। सलेमपुर की पांच ग्राम पंचायतों में कार्य नहीं होना पाया गया। डीएम ने नाराजगी व्यक्त की और संबंधित के विरुद्ध कार्रवाई के निर्देश दिए। डीएम ने सामुदायिक शौचालयों को समुचित रूप से संचालित होने के बाद ही भुगतान आदि की कार्रवाई किए जाने के निर्देश दिए। कहा कि किसी भी दशा में असंचालन की स्थिति में मानदेय आदि का भुगतान नहीं होना चाहिए। यदि ऐसा मिला तो संबंधित पंचायत सचिव व अन्य जुड़े कर्मियों की जिम्मेदारी तय करते हुए उनके विरुद्ध भी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने सभी खंड विकास अधिकारियों, जिला पंचायत राज अधिकारी को प्रभावी अनुश्रण करने व नियंत्रण रखने के निर्देश दिए। सीडीओ रवींद्र कुमार ने सभी खंड विकास अधिकारियों को निर्देश दिया कि जिन पैरामीटरों में प्रगति अपेक्षित नहीं है, उसमें सुधार लाएं, अन्यथा कार्रवाई होगी। इस दौरान डीसी मनरेगा बीएस राय, डीपीआरओ अविनाश कुमार, खंड विकास अधिकारी, एडीओ पंचायत, एपीओ व अन्य अधिकारी, कर्मचारी आदि जुड़े रहे।
विज्ञापन