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Deoria News: अस्पताल में गंदगी, बिना कंबल मिले मरीज
Sun, 15 Dec 2024 01:39 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
Updated Sun, 15 Dec 2024 01:39 AM IST
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देवरिया। मेडिकल कॉलेज की व्यवस्था को चुस्त-दुरुस्त करने के लिए शनिवार को सीएमएस व प्रभारी चिकित्सा अधीक्षक ने निरीक्षण किया। महिला अस्पताल के लेबर वार्ड में गंदगी मिलने और मरीजों के पास कंबल न होने पर नाराजगी जताई। साथ ही चेतावनी देते हुए कंबल उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। वार्ड में गंदगी मिलने पर फटकार लगाई और सफाई व्यवस्था को और बेहतर करने को कहा।
मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में डाॅक्टरों की मौजूदगी सहित अन्य व्यवस्था का जायजा लेने के लिए सीएमएस डॉ. एचके मिश्रा व प्रभारी चिकित्सा अधीक्षक डॉ. अजीत पाल दोपहर बाद करीब डेढ़ बजे निकले। वह नए भवन के गेट पर पहुंचे।
इसके बाद रजिस्ट्रेशन कक्ष में पहुंचे, जहां अनावश्यक भीड़ न होने के निर्देश दिए। यहां से ओपीडी में गए, जहां मेडिसिन विभाग में सभी डॉक्टर व कर्मी मौजूद थे, जबकि कंसंल्टेंट डॉ. सराजुद्दीन वार्ड में मरीज देखने गए थे। इसके बाद मानसिक रोग विभाग में गए, जहां विभाग की अध्यक्ष डॉ. अंबु पांडेय व जूनियर डॉक्टर मौजूद थे।
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चेस्ट व टीबी रोग विभाग में कंसंल्टेंट अवकाश थे, जबकि जूनियर डॉक्टर मरीज देख रहे थे। दंत विभाग में भी डॉ. रेनू सिंह सहित अन्य जूनियर डॉक्टर व कर्मी मौजूद रहे। ईएनटी में विभाग के अध्यक्ष डॉ. प्रदीप गुप्ता सहित अन्य डॉक्टर, कर्मी मौजूद रहे। चर्म रोग, नेत्र व आर्थों विभाग में सभी डॉक्टर व कर्मी मौजूद थे।
सर्जरी में कंसंल्टेंट नहीं थे, जूनियर डॉ. मरीज देख रहे थे। इसके बाद मेल, फिमेल मेडिसिन व सर्जिकल वार्ड का निरीक्षण किए। हर जगह ड्रेस में स्टाफ नर्स व एमपीडब्लू मौजूद रहे। सीएमएस ने सभी मरीजों को आवश्यकतानुसार मांग पर एक व उससे अधिक कंबल उपलब्ध कराने का निर्देश दिया।
वार्ड में हैलोजन हीटर क्रियाशील रखने को कहा। उन्होंने मरीजों से मिलने वाली सुविधाओं के बारे में जानकारी ली। मरीज व्यवस्था से संतुष्ट दिखे। यहां से एमसीएच विंग स्थित महिला अस्पताल पहुंचे, जहां ओपीडी में मरीज न होने की वजह से डॉक्टर वार्ड में चले गए थे।
प्रथम तल पर लेबर रूम का जायजा लिया। इसके बाद वार्ड में पहुंच कर मरीजों के पास कंबल होने पर उनसे पूछा तो बताया गया कि कंबल नहीं मिला है। इस पर नाराजगी जताई और चेतावनी देते हुए स्टाफ नर्स को मांग के अनुसार कंबल उपलब्ध कराने और जिसे जरूरत न हो उससे बीएसटी पर लिखवाकर हस्ताक्षर कराने के निर्देश दिए।
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मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में डाॅक्टरों की मौजूदगी सहित अन्य व्यवस्था का जायजा लेने के लिए सीएमएस डॉ. एचके मिश्रा व प्रभारी चिकित्सा अधीक्षक डॉ. अजीत पाल दोपहर बाद करीब डेढ़ बजे निकले। वह नए भवन के गेट पर पहुंचे।
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इसके बाद रजिस्ट्रेशन कक्ष में पहुंचे, जहां अनावश्यक भीड़ न होने के निर्देश दिए। यहां से ओपीडी में गए, जहां मेडिसिन विभाग में सभी डॉक्टर व कर्मी मौजूद थे, जबकि कंसंल्टेंट डॉ. सराजुद्दीन वार्ड में मरीज देखने गए थे। इसके बाद मानसिक रोग विभाग में गए, जहां विभाग की अध्यक्ष डॉ. अंबु पांडेय व जूनियर डॉक्टर मौजूद थे।
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चेस्ट व टीबी रोग विभाग में कंसंल्टेंट अवकाश थे, जबकि जूनियर डॉक्टर मरीज देख रहे थे। दंत विभाग में भी डॉ. रेनू सिंह सहित अन्य जूनियर डॉक्टर व कर्मी मौजूद रहे। ईएनटी में विभाग के अध्यक्ष डॉ. प्रदीप गुप्ता सहित अन्य डॉक्टर, कर्मी मौजूद रहे। चर्म रोग, नेत्र व आर्थों विभाग में सभी डॉक्टर व कर्मी मौजूद थे।
सर्जरी में कंसंल्टेंट नहीं थे, जूनियर डॉ. मरीज देख रहे थे। इसके बाद मेल, फिमेल मेडिसिन व सर्जिकल वार्ड का निरीक्षण किए। हर जगह ड्रेस में स्टाफ नर्स व एमपीडब्लू मौजूद रहे। सीएमएस ने सभी मरीजों को आवश्यकतानुसार मांग पर एक व उससे अधिक कंबल उपलब्ध कराने का निर्देश दिया।
वार्ड में हैलोजन हीटर क्रियाशील रखने को कहा। उन्होंने मरीजों से मिलने वाली सुविधाओं के बारे में जानकारी ली। मरीज व्यवस्था से संतुष्ट दिखे। यहां से एमसीएच विंग स्थित महिला अस्पताल पहुंचे, जहां ओपीडी में मरीज न होने की वजह से डॉक्टर वार्ड में चले गए थे।
प्रथम तल पर लेबर रूम का जायजा लिया। इसके बाद वार्ड में पहुंच कर मरीजों के पास कंबल होने पर उनसे पूछा तो बताया गया कि कंबल नहीं मिला है। इस पर नाराजगी जताई और चेतावनी देते हुए स्टाफ नर्स को मांग के अनुसार कंबल उपलब्ध कराने और जिसे जरूरत न हो उससे बीएसटी पर लिखवाकर हस्ताक्षर कराने के निर्देश दिए।