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डिप्लोमा इंजीनियर्स ने निकाला मशाल जुलूस
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डिप्लोमा इंजीनियर्स ने निकाला मशाल जुलूस
देवरिया। छह सूत्री मांगों के समर्थन में उत्तर प्रदेश डिप्लोमा इंजीनियर्स महासंघ ने मंगलवार को मशाल जुलूस निकाला। पीडब्लूडी प्रांतीय खंड से नारेबाजी करते हुए कलेक्ट्रेट पहुंचे। मांग पूरी नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी दी।
दोपहर तीन बजे महासंघ के घटक संगठनों से जुड़े इंजीनियर लोक निर्माण विभाग के प्रांतीय खंड स्थित संघ भवन पर इकट्ठा हुए। सभा के उपरांत मशाल लेकर कलेक्ट्रेट के लिए रवाना हो गए। महासंघ के अध्यक्ष कुमार सिंह ने कहा कि आज सरकार जिन ब्रिज, इंटरनेशनल एयरपोर्ट और सड़कों का श्रेय ले रही है, वह हमारे इंजीनियरों के बगैर संभव नहीं है। इंजीनियरिंग की रीढ़ माने जाने वाले जूनियर इंजीनियरों की जायज मांगों को सरकार अनसुना कर रही है। वर्ष 2016 में दो बार हड़ताल के बाद चार सौ रुपये भत्ता समाप्त कर दिया गया है। उसे शीघ्र बहाल किया जाए। जूनियर इंजीनियर्स को प्रारंभिक वेतनमान पे बैंड में वृद्धि की जाए। वेतन विसंगति को दूर करते हुए हमें राजपत्रित घोषित किया जाए। जूनियर इंजीनियर्स को गैर विभागों के तकनीकी कार्यों से मुक्त रखा जाए। सेवा अवधि सात, 14 व 20 वर्ष में शत प्रतिशत पदोन्नति प्रदान की जाए। प्रमुख सचिव प्राविधिक शिक्षा की संस्तुति के अनुरूप डिप्लोमा में प्रवेश की न्यूनतम शैक्षिक अर्हता हाईस्कूल से बढ़ाकर इंटर की जाए। इस दौरान अनुप कुमार सिंह, सुधीर सिंह, विशाल कुमार आदि इंजीनियर्स मौजूद रहे।
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देवरिया। छह सूत्री मांगों के समर्थन में उत्तर प्रदेश डिप्लोमा इंजीनियर्स महासंघ ने मंगलवार को मशाल जुलूस निकाला। पीडब्लूडी प्रांतीय खंड से नारेबाजी करते हुए कलेक्ट्रेट पहुंचे। मांग पूरी नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी दी।
दोपहर तीन बजे महासंघ के घटक संगठनों से जुड़े इंजीनियर लोक निर्माण विभाग के प्रांतीय खंड स्थित संघ भवन पर इकट्ठा हुए। सभा के उपरांत मशाल लेकर कलेक्ट्रेट के लिए रवाना हो गए। महासंघ के अध्यक्ष कुमार सिंह ने कहा कि आज सरकार जिन ब्रिज, इंटरनेशनल एयरपोर्ट और सड़कों का श्रेय ले रही है, वह हमारे इंजीनियरों के बगैर संभव नहीं है। इंजीनियरिंग की रीढ़ माने जाने वाले जूनियर इंजीनियरों की जायज मांगों को सरकार अनसुना कर रही है। वर्ष 2016 में दो बार हड़ताल के बाद चार सौ रुपये भत्ता समाप्त कर दिया गया है। उसे शीघ्र बहाल किया जाए। जूनियर इंजीनियर्स को प्रारंभिक वेतनमान पे बैंड में वृद्धि की जाए। वेतन विसंगति को दूर करते हुए हमें राजपत्रित घोषित किया जाए। जूनियर इंजीनियर्स को गैर विभागों के तकनीकी कार्यों से मुक्त रखा जाए। सेवा अवधि सात, 14 व 20 वर्ष में शत प्रतिशत पदोन्नति प्रदान की जाए। प्रमुख सचिव प्राविधिक शिक्षा की संस्तुति के अनुरूप डिप्लोमा में प्रवेश की न्यूनतम शैक्षिक अर्हता हाईस्कूल से बढ़ाकर इंटर की जाए। इस दौरान अनुप कुमार सिंह, सुधीर सिंह, विशाल कुमार आदि इंजीनियर्स मौजूद रहे।
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