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Deoria News: एसडीएम ने क्लीनिक में बंद कराया ताला, पैथोलॉजी पर डॉक्टर बैठाने की दी चेतावनी
Mon, 02 Sep 2024 12:23 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
Updated Mon, 02 Sep 2024 12:23 AM IST
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सलेमपुर। नगर के निजी हॉस्पिटल और पैथोलॉजी पर एसडीएम ने छापे मारे। इसमें एक डायग्नोस्टिक सेंटर पर डाॅक्टर नहीं मिले, जबकि बगल के एक क्लीनिक में मरीज बैठाकर बहार से ताला बंद मिला। गंभीरता से लेते हुए एसडीएम ने ताला खाेलवाकर मरीजों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भिजवाया कर क्लीनिक में ताला बंद करा दिया। जबकि पैथोलॉजी संचालक को डॉक्टर के साथ दस्तावेज लेकर कार्यालय पर उपस्थित होने के बाद डॉक्टर की मौजूदगी में जांच कराने की सलाह दी।
डीएम दिव्या मित्तल के निर्देश पर एसडीएम दिशा श्रीवास्तव रविवार दोपहर राजस्व कर्मचारियों के साथ सेंट जेवियर्स रोड पर स्थित बुद्धा डायग्नोस्टिक सेंटर पर पहुंची, जहां पर पहले रजिस्ट्रेशन की जांच की। जांच में रजिस्ट्रेशन सही पाया गया, लेकिन मौके पर डॉक्टर नहीं मिले। किसको लेकर नाराजगी जताते हुए एसडीएम ने संचालक से डॉक्टर की उपस्थिति में मरीजों का जांच कराने का निर्देश दिया। डॉक्टर के बारे में पूछे जाने पर संचालक ने बताया कि डॉक्टर आए थे। जरूरी काम आने पर आज जल्द घर चले गए।
इसके बाद बगल में संचालित हो रही एक क्लिनिक पर पहुंचीं, जहां अंदर मरीज बैठे थे और बाहर से ताला बंद था। एसडीएम ने मकान मालिक को फोन से बुलाकर ताला खुलवाया, जिसमें दो मरीज बेड पर लेटे हुए थे। एक मरीज के बच्चेदानी का आपरेशन हुआ था। वहीं दूसरे मरीज के पैर में घाव था। एसडीएम ने दोनों मरीजों से पूछा तो मरीजों ने बताया कि वे पहले सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंची थी। मौके पर कोई नहीं था। नाराजगी जाहिर करते हुए एसडीएम ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी से वार्ता कर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से तत्काल एंबुलेंस बुलाकर मरीजों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचवाया। उसके बाद क्लीनिक में ताला बंद करा दिया।
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अस्पताल के बाहर नोटिस चस्पा कर दो सितंबर को अभिलेख लेकर तहसील कार्यालय में पहुंचने की सूचना दी। एसडीएम दिशा श्रीवास्तव ने कहा कि जिलाधिकारी के निर्देश पर यह कार्रवाई की गई है। किसी भी हाल में बगैर रजिस्ट्रेशन के हॉस्पिटल व डायग्नोस्टिक सेंटर संचालित नहीं होंगे।
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डीएम दिव्या मित्तल के निर्देश पर एसडीएम दिशा श्रीवास्तव रविवार दोपहर राजस्व कर्मचारियों के साथ सेंट जेवियर्स रोड पर स्थित बुद्धा डायग्नोस्टिक सेंटर पर पहुंची, जहां पर पहले रजिस्ट्रेशन की जांच की। जांच में रजिस्ट्रेशन सही पाया गया, लेकिन मौके पर डॉक्टर नहीं मिले। किसको लेकर नाराजगी जताते हुए एसडीएम ने संचालक से डॉक्टर की उपस्थिति में मरीजों का जांच कराने का निर्देश दिया। डॉक्टर के बारे में पूछे जाने पर संचालक ने बताया कि डॉक्टर आए थे। जरूरी काम आने पर आज जल्द घर चले गए।
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इसके बाद बगल में संचालित हो रही एक क्लिनिक पर पहुंचीं, जहां अंदर मरीज बैठे थे और बाहर से ताला बंद था। एसडीएम ने मकान मालिक को फोन से बुलाकर ताला खुलवाया, जिसमें दो मरीज बेड पर लेटे हुए थे। एक मरीज के बच्चेदानी का आपरेशन हुआ था। वहीं दूसरे मरीज के पैर में घाव था। एसडीएम ने दोनों मरीजों से पूछा तो मरीजों ने बताया कि वे पहले सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंची थी। मौके पर कोई नहीं था। नाराजगी जाहिर करते हुए एसडीएम ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी से वार्ता कर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से तत्काल एंबुलेंस बुलाकर मरीजों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचवाया। उसके बाद क्लीनिक में ताला बंद करा दिया।
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अस्पताल के बाहर नोटिस चस्पा कर दो सितंबर को अभिलेख लेकर तहसील कार्यालय में पहुंचने की सूचना दी। एसडीएम दिशा श्रीवास्तव ने कहा कि जिलाधिकारी के निर्देश पर यह कार्रवाई की गई है। किसी भी हाल में बगैर रजिस्ट्रेशन के हॉस्पिटल व डायग्नोस्टिक सेंटर संचालित नहीं होंगे।