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Deoria News: प्रशिक्षित कर्मचारियों की कमी, समय से फिट नहीं हो पा रही रोडवेज की बसें

Tue, 03 Sep 2024 05:19 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया Updated Tue, 03 Sep 2024 05:19 AM IST
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Deoria News: Lack of trained employees, roadways buses are not able to be fitted on time
देवरिया। डिपो के फ्लीट में शामिल निगम की 74 बसों के सापेक्ष कार्यशाला में प्रशिक्षित कर्मचारी व अन्य संसाधनों की कमी के चलते बसें समय से नहीं फिट नहीं हो पा रही हैं। ऐसे में हर दिन 15 से 20 बसें खड़े रहने से इसका सीधा नुकसान संबंधित जगहों को जाने वाले यात्रियों को हो रहा है, उन्हें समय से बसें नहीं मिल रही हैं और उन्हें निजी साधनों का सहारा लेकर गंतव्य तक जाना पड़ रहा है। करीब 15 बसें ऐसी हैं जो अपनी समय सीमा पूरी कर चुकी है। इसके बावजूद इनका संचालन किया जा रहा है। ऐसे में कभी-कभी यह बीच रास्ते में ही खराब हो जाती हैं।
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देवरिया डिपो के रिकार्ड में वर्तमान में परिवहन निगम की 74 बसों का संचालन हो रहा है। इसमें बीएस-6 माॅडल की 19 एवं बीएस- 4 माॅडल की 12 बसें हैं। शेष बसें पुराने मॉडल वाली है। इनमें 10 से 15 बसें ऐसी हैं जो अपनी समय सीमा समाप्त कर चुकी हैं, हालांकि किसी तरह ठोक पीटकर लोकल रूटों पर इनका संचालन किया जा रहा है। इधर रोडवेज के कार्यशाला में हर दिन 15 से 20 बसें मरम्मत के लिए खड़ी रह रही हैं। इनके मरम्मत में देरी होने से संबंधित जगहों के यात्रियों को जाने में देरी या अन्य साधनों का सहारा लेना पड़ रहा है।
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वर्तमान में कार्यशाला में 26 नियमित कर्मचारी हैं, इसमें एक सीनियर व एक जूनियर फोरमैन के अलावा तीन मैकेनिक, दो सहायक मैकेनिक, एक इलेक्ट्रिशियन, एक सहायक इलेक्ट्रिशियन, एक टायर निरीक्षक, दो ब्लैक स्मिथ यानि सीट सिलने वाले, एक वेल्डर, एक कारपेंटर, एक सहायक बल्क नाइजर यानि टायर बनाने वाले, एक मजदूर, चार अक्षम चालक जो बस को धुलाई के लिए चढ़ाते हैं। तीन बुकिंग लिपिक, एक सीनियर क्लर्क कार्यरत हैं। इसके अलावा 18 आईटीआई पास अनुबंध वाले कर्मचारी व आउटसोर्सिंग से नौ कर्मचारी तैनात हैं। हालांकि बसों की मरम्मत में देरी और मरम्मत के लिए अधिक समय तक खड़ी रहने वाली बसों की संख्या होने से जिम्मेदारों की सक्रियता पर ही सवाल खड़े हो रहे हैं। सोमवार को दोपहर दो बजे कार्यशाला में मरम्मत के लिए कुल 17 बसें खड़ी दिखीं, उसमें देवरिया-पडरौना-कसया, देवरिया-लखनऊ, देवरिया-दोहरीघाट सहित अन्य जगहों की बसें शामिल रहीं।
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नए माॅडल की बसों के मरम्मत के लिए नहीं है सुविधा

सीनियर फोरमैन रमेश सिंह ने सोमवार को बताया कि बीएस-6 एवं बीएस-4 मॉडलों की बसों में तकनीकी खराबी की जांच कंप्यूटर से किया जाता है। यह सुविधा गोरखपुर क्षेत्रीय कार्यशाला में है। यहां पर यह सुविधा नहीं होने पर इन बसों में खराबी आने पर इन्हें गोरखपुर ही भेजना पड़ता है। कार्यशाला में नियमित, संविदा व आउटसोर्सिंग से तैनात कुल कर्मचारियों की संख्या 53 है। आईटीआई पास जो कर्मचारी हैं, वह अभी मरम्मत का कार्य सीख रहे हैं। कई अप्रशिक्षित कर्मचारियों के होने से बसों के मरम्मत में थोड़ी देरी होती है।



कोट

कार्यशाला से बसें फिट होकर ही निकले, इसके लिए लगातार मानीटरिंग की जाती है। इस संबंध में सीनियर फोरमैन को मुख्यालय के आदेश से अवगत करा दिया गया है। बसें कार्यशाला में मरम्मत के अभाव में खड़ी न रहें, इसका ध्यान रखा जाता है। बसों के ऑफरोड रहने से निगम की आय सीधे प्रभावित होती है।



-मो. इरफान, सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक
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