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Deoria News: बालिग को नाबालिग दिखाने के लिए बनाया फर्जी टीसी, ले गई गुजरात पुलिस
Fri, 20 Sep 2024 03:29 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
Updated Fri, 20 Sep 2024 03:29 AM IST
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देवरिया। बालिग युवती को नाबालिग दिखाने के लिए फर्जी टीसी बनाने के आरोप में कोतवाली क्षेत्र के एक निजी विद्यालय के प्रधानाध्यापक को तीन दिन पहले गुजरात पुलिस उठा ले गयी। युवती के अपने प्रेमी के साथ चले जाने के बाद युवती के परिजनों ने युवक के खिलाफ केस दर्ज कराने के लिए विद्यालय से युवती के नाबालिग होने का फर्जी टीसी बनवाया था, जबकि गुजरात पुलिस की जांच में युवती बालिग मिली।
सदर कोतवाली क्षेत्र के एक गांव की युवती का पड़ोस के ही एक युवक से प्रेम संबंध था। कुछ समय पहले युवक और युवती घर से फरार हो गये। इसकी जानकारी होने पर युवती के परिजनों ने युवक के खिलाफ गंभीर धाराओं में केस दर्ज कराने के लिए युवती को नाबालिग दिखाने को कोतवाली क्षेत्र के एक प्राइवेट विद्यालय के प्रधानाध्यापक से संपर्क किया। प्रधानाध्यापक ने परिजनों की मंशा के अनुसार युवती के नाबालिग होने का स्थानांतरण प्रमाण पत्र यानी टीसी जारी कर दिया। इसमें लिखी जन्मतिथि के अनुसार नाबालिग बताकर युवती के परिजनों ने युवक के खिलाफ केस दर्ज करा दिया।
युवक और युवती दोनों गुजरात चले गए। वहां पर उन्होंने पुलिस की शरण ली और विद्यालय द्वारा जारी प्रमाण पत्र को फर्जी बताते हुए युवती ने अपने को बालिग बताया। इसे साबित करने को युवती द्वारा कुछ साक्ष्य भी उपलब्ध कराए गए। पुलिस द्वारा साक्ष्य की जांच व मेडिकल कराने पर युवती बालिग पाई गई। इसके बाद गुजरात पुलिस नाबालिग का प्रमाण पत्र जारी करने वाले की तलाश में जुट गयी। तीन दिन पूर्व गुजरात पुलिस देवरिया पहुंची और बालिग का नाबालिग होने का प्रमाणपत्र जारी करने वाले प्रधानाध्यापक को अपने साथ लेकर चली गयी। कोतवाल दिलीप सिंह ने बताया कि गुजरात पुलिस ने कोतवाली पुलिस से संपर्क नहीं किया। उनके आने की कोई जानकारी नहीं है। इसके बारे पता कराया जा रहा है।
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सदर कोतवाली क्षेत्र के एक गांव की युवती का पड़ोस के ही एक युवक से प्रेम संबंध था। कुछ समय पहले युवक और युवती घर से फरार हो गये। इसकी जानकारी होने पर युवती के परिजनों ने युवक के खिलाफ गंभीर धाराओं में केस दर्ज कराने के लिए युवती को नाबालिग दिखाने को कोतवाली क्षेत्र के एक प्राइवेट विद्यालय के प्रधानाध्यापक से संपर्क किया। प्रधानाध्यापक ने परिजनों की मंशा के अनुसार युवती के नाबालिग होने का स्थानांतरण प्रमाण पत्र यानी टीसी जारी कर दिया। इसमें लिखी जन्मतिथि के अनुसार नाबालिग बताकर युवती के परिजनों ने युवक के खिलाफ केस दर्ज करा दिया।
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युवक और युवती दोनों गुजरात चले गए। वहां पर उन्होंने पुलिस की शरण ली और विद्यालय द्वारा जारी प्रमाण पत्र को फर्जी बताते हुए युवती ने अपने को बालिग बताया। इसे साबित करने को युवती द्वारा कुछ साक्ष्य भी उपलब्ध कराए गए। पुलिस द्वारा साक्ष्य की जांच व मेडिकल कराने पर युवती बालिग पाई गई। इसके बाद गुजरात पुलिस नाबालिग का प्रमाण पत्र जारी करने वाले की तलाश में जुट गयी। तीन दिन पूर्व गुजरात पुलिस देवरिया पहुंची और बालिग का नाबालिग होने का प्रमाणपत्र जारी करने वाले प्रधानाध्यापक को अपने साथ लेकर चली गयी। कोतवाल दिलीप सिंह ने बताया कि गुजरात पुलिस ने कोतवाली पुलिस से संपर्क नहीं किया। उनके आने की कोई जानकारी नहीं है। इसके बारे पता कराया जा रहा है।
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