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Deoria News: भागलपुर में सरयू का जलस्तर 7 सेमी घटा, अब भी खतरे के निशान से 90 सेमी ऊपर
Fri, 20 Sep 2024 04:48 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
Updated Fri, 20 Sep 2024 04:48 AM IST
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बरहज के पटेल नगर में सड़क पर फैले बाढ़ के पानी को लेकर प्रदर्शन करती महिलाएं
भागलपुर। नेपाल से पानी छोड़ने की वजह से सरयू नदी हफ्ते से उफान पर थी लेकिन बृहस्पतिवार से नदी का जलस्तर घटने लगा। नदी के जलस्तर में बृहस्पतिवार शाम चार बजे 7 सेमी की कमी दर्ज की गई। नदी अब भी खतरे के निशान से 90 सेमी ऊपर बह रही है। जिससे तटवर्ती इलाकों के लोगों को राहत तो मिली है, दहशत बरकरार है।
केंद्रीय जल आयोग के अनुसार सरयू नदी का जलस्तर बृहस्पतिवार सुबह तुर्तीपार रेगुलेटर पर स्थिर होने के बाद धीरे-धीरे कम होने लगा, दोपहर से नदी में एक सेमी प्रति घंटे की कमी आने लगी। बुधवार शाम चार बजे रेगुलेटर पर नदी का जलस्तर 65.27 मीटर दर्ज किया गया था। बृहस्पतिवार शाम को नदी का जलस्तर 65.20 मीटर दर्ज किया गया। नदी अब भी रेगुलेटर पर अंकित खतरे के निशान 64.30 मीटर से 90 सेमी ऊपर बह रही है।
एक सप्ताह से तटवर्तियों की नींद उड़ाने वाली सरयू नदी का जलस्तर घटने से तटवर्ती इलाकों के लोगों ने राहत की सांस ली है लेकिन नदी की धारा अब भी भागलपुर-मईल मार्ग को बचाने के लिए बने छित्तूपुर, देवसिया गांव के सामने बने स्पर बंधों पर प्रहार कर रही है। तटवर्ती गांवों देवसिया और नरियांव के बाहरी घरों में अब भी दो से तीन फिट पानी भरा है। रिहायशी इलाकों से पानी निकलने में अभी दो से तीन दिन का समय लग सकता है। बाढ़ विभाग के सहायक अभियंता अशोक कुमार द्विवेदी ने बताया कि नदी के जलस्तर में कमी हो रही है। फिलहाल बाढ़ की संभावना टल गई है। बंधों और जलस्तर पर निगरानी रखी जा रही है।
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सरयू नदी का जलस्तर पांच सेमी घटा, दुश्वारियां बरकरार
फोटो समाचार-19डीईओ 131, 132
दियारा और भदिला प्रथम गांव में कम नहीं हो रही मुश्किलें, पटेल नगर में घुसा पानी
संवाद न्यूज एजेंसी
बरहज। सरयू नदी का पानी खतरे के निशान से 1.40 मीटर ऊपर बह रहा है। हालांकि बृहस्पतिवार को सरयू के थमने से जलस्तर में पांच सेमी की कमी आई है। फिलहाल बाढ़ प्रभावित गांवों के लोगों की दुश्वारियां जस की तस बनी हुई हैं। वहीं जलस्तर में कमी से लोगों ने राहत महसूस किया है।
नेपाल द्वारा पानी छोड़े जाने से करीब एक सप्ताह से नदी ने रौद्र रूप अख्तियार कर लिया था। रोजाना जलस्तर में 10-15 सेमी का इजाफा हो रहा था। सरयू का जलस्तर बढ़ने से राप्ती भी उफना गई थी। सरयू में आई बाढ़ से परसियां के बिचला टोला, नकियहवां, राजभर टोला, दसरसरिया, माहो टोला और विशुनपुर देवार के कत्लहिया, चौहान बस्ती, नई-पुरानी बस्ती सहित दर्जनों मजरों में बाढ़ का पानी घरों तक पहुंच गया है। भदिला प्रथम गांव चारों ओर से बाढ़ के पानी से घिर गया है।
गोरखपुर जनपद के विस्थापित कोलखास गांव में बाढ़ का पानी लोगों के दरवाजे तक पहुंच गया है। चारों ओर पानी ही पानी हो जाने से लोगों की सांसत कम होने का नाम नहीं ले रही है। सुबह से जलस्तर में आई पांच सेमी की कमी से लोग नदी का जलस्तर कम होने की उम्मीद जता रहे हैं।
कोट-
जलस्तर में पांच सेमी की कमी आई है। नदी के पीछे हटने का आसार दिख रहा है। बंधों की मॉनिटरिंग की जा रही है। खतरे की कोई बात नहीं है।
अशोक द्विवेदी सहायक अभियंता, बाढ़ खंड विभाग
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केंद्रीय जल आयोग के अनुसार सरयू नदी का जलस्तर बृहस्पतिवार सुबह तुर्तीपार रेगुलेटर पर स्थिर होने के बाद धीरे-धीरे कम होने लगा, दोपहर से नदी में एक सेमी प्रति घंटे की कमी आने लगी। बुधवार शाम चार बजे रेगुलेटर पर नदी का जलस्तर 65.27 मीटर दर्ज किया गया था। बृहस्पतिवार शाम को नदी का जलस्तर 65.20 मीटर दर्ज किया गया। नदी अब भी रेगुलेटर पर अंकित खतरे के निशान 64.30 मीटर से 90 सेमी ऊपर बह रही है।
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एक सप्ताह से तटवर्तियों की नींद उड़ाने वाली सरयू नदी का जलस्तर घटने से तटवर्ती इलाकों के लोगों ने राहत की सांस ली है लेकिन नदी की धारा अब भी भागलपुर-मईल मार्ग को बचाने के लिए बने छित्तूपुर, देवसिया गांव के सामने बने स्पर बंधों पर प्रहार कर रही है। तटवर्ती गांवों देवसिया और नरियांव के बाहरी घरों में अब भी दो से तीन फिट पानी भरा है। रिहायशी इलाकों से पानी निकलने में अभी दो से तीन दिन का समय लग सकता है। बाढ़ विभाग के सहायक अभियंता अशोक कुमार द्विवेदी ने बताया कि नदी के जलस्तर में कमी हो रही है। फिलहाल बाढ़ की संभावना टल गई है। बंधों और जलस्तर पर निगरानी रखी जा रही है।
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सरयू नदी का जलस्तर पांच सेमी घटा, दुश्वारियां बरकरार
फोटो समाचार-19डीईओ 131, 132
दियारा और भदिला प्रथम गांव में कम नहीं हो रही मुश्किलें, पटेल नगर में घुसा पानी
संवाद न्यूज एजेंसी
बरहज। सरयू नदी का पानी खतरे के निशान से 1.40 मीटर ऊपर बह रहा है। हालांकि बृहस्पतिवार को सरयू के थमने से जलस्तर में पांच सेमी की कमी आई है। फिलहाल बाढ़ प्रभावित गांवों के लोगों की दुश्वारियां जस की तस बनी हुई हैं। वहीं जलस्तर में कमी से लोगों ने राहत महसूस किया है।
नेपाल द्वारा पानी छोड़े जाने से करीब एक सप्ताह से नदी ने रौद्र रूप अख्तियार कर लिया था। रोजाना जलस्तर में 10-15 सेमी का इजाफा हो रहा था। सरयू का जलस्तर बढ़ने से राप्ती भी उफना गई थी। सरयू में आई बाढ़ से परसियां के बिचला टोला, नकियहवां, राजभर टोला, दसरसरिया, माहो टोला और विशुनपुर देवार के कत्लहिया, चौहान बस्ती, नई-पुरानी बस्ती सहित दर्जनों मजरों में बाढ़ का पानी घरों तक पहुंच गया है। भदिला प्रथम गांव चारों ओर से बाढ़ के पानी से घिर गया है।
गोरखपुर जनपद के विस्थापित कोलखास गांव में बाढ़ का पानी लोगों के दरवाजे तक पहुंच गया है। चारों ओर पानी ही पानी हो जाने से लोगों की सांसत कम होने का नाम नहीं ले रही है। सुबह से जलस्तर में आई पांच सेमी की कमी से लोग नदी का जलस्तर कम होने की उम्मीद जता रहे हैं।
कोट-
जलस्तर में पांच सेमी की कमी आई है। नदी के पीछे हटने का आसार दिख रहा है। बंधों की मॉनिटरिंग की जा रही है। खतरे की कोई बात नहीं है।
अशोक द्विवेदी सहायक अभियंता, बाढ़ खंड विभाग