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Deoria News: मृतकों के नाम पर मनरेगा बजट का रुपया लेने का आरोप, जांच के आदेश
Thu, 12 Sep 2024 03:20 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
Updated Thu, 12 Sep 2024 03:20 AM IST
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देवरिया। राज्य सलाहकार समिति के सदस्य दीपक गौतम कनौजिया ने चरियाव खास में मनरेगा योजना में सरकारी धन के बंदरबांट का आरोप लगाया है। डीएम को दिए गए पत्रक में उन्होंने फर्जी लाभार्थियों को आर्थिक लाभ पहुंचाकर सरकारी धन का गोलमाल करने की बात कही है। डीएम ने जांच का आदेश दे दिया है।
राज्य सलाहकार समिति के सदस्य दीपक गौतम कनौजिया ने पत्रक में कहा है कि चरियाव गांव में ग्राम प्रधान मनरेगा योजना के अन्तर्गत फर्जी लाभार्थियों को आर्थिक लाभ पहुंचाकर सरकारी धने का बंदरबांट किया है। उन्होंने वर्ष 2024-25 की मनरेगा कार्य की सूची उपलब्ध कराते हुए कहा है कि क्रमांक-13 पर दर्ज इसराफिल अली नामक व्यक्ति की तीन वर्ष पहले मृत्यु हो चुकी है। क्रमांक-17 व 18 पर पिन्टू का नाम दर्ज है जो कि दिव्यांग है और मजदूरी करने में अक्षम है। क्रमांक 19 व 20 पर दिलबास का नाम है जो कि लंबे समय से बीमार हैं तथा मनरेगा कार्य के लिए अक्षम है। इन्होंने कभी मनरेगा के लिए आवेदन ही नहीं किया है। क्रमांक-28 पर दर्ज चन्द्रिका नामक व्यक्ति की भी मृत्यु हो चुकी है।
क्रम संख्या-30 पर जगावती देवी है, यह मनरेगा का कोई कार्य नहीं कर रही है। क्रमांक 37, 38, 39 पर भागीरथी का नाम है जो कि आर्थिक रूप से संपन्न है और यह भी मनरेगा के तहत कभी मजदूरी कार्य नहीं किए हैं। क्रमांक 37, 38, 39 पर भी भागीरथी का नाम दर्ज है। क्रमांक-170 पर सफी उल्लाह का नाम है जो कि इंजीनियर हैं तथा बलरामपुर में कार्यरत हैं। इन्होंने बताया है कि इनके खाते में मनरेगा का पैसा आया था जिसे प्रधान ने अपने खाते में वापस मंगा लिया था। क्रमांक-235 पर लाल बहादुर वाहन चालक हैं, इन्होंने ने मनरेगा में कभी काम नहीं किया है। क्रमांक- 236 पर एक व्यक्ति का नाम दर्ज है जो कि आर्थिक रूप से अत्याधिक संपन्न है और यह मनरेगा के अन्तर्गत कभी मजदूरी कार्य नहीं किया है। क्रमांक 173 पर हसीबुन निशा का विवाह 2012 में हो चुकी है। गांव में नहीं रहती हैं। इनका पैसा मनरेगा से प्राप्त हो रहा है।
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क्रमांक 67 पर आर्थिक रूप से अत्याधिक सम्पन्न व्यक्ति का नाम दर्ज है तथा यह भी मनरेगा के अन्तर्गत कभी मजदूरी कार्य नहीं किया है। उन्होंने कहा कि सूची में कुल 267 लाभार्थी हैं जिसमें से 200 से ज्यादा लाभार्थियों की सूची फर्जी बनाई गई है। अतः इन सभी लाभार्थियों से इस विषय पर जांचकर जो भी दोषी हो, उसके विरुद्ध कड़ी कार्रवाई करने की अपील की है। इस पर डीएम ने संबंधित अधिकारी को जांच करने का निर्देश दिया है।
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राज्य सलाहकार समिति के सदस्य दीपक गौतम कनौजिया ने पत्रक में कहा है कि चरियाव गांव में ग्राम प्रधान मनरेगा योजना के अन्तर्गत फर्जी लाभार्थियों को आर्थिक लाभ पहुंचाकर सरकारी धने का बंदरबांट किया है। उन्होंने वर्ष 2024-25 की मनरेगा कार्य की सूची उपलब्ध कराते हुए कहा है कि क्रमांक-13 पर दर्ज इसराफिल अली नामक व्यक्ति की तीन वर्ष पहले मृत्यु हो चुकी है। क्रमांक-17 व 18 पर पिन्टू का नाम दर्ज है जो कि दिव्यांग है और मजदूरी करने में अक्षम है। क्रमांक 19 व 20 पर दिलबास का नाम है जो कि लंबे समय से बीमार हैं तथा मनरेगा कार्य के लिए अक्षम है। इन्होंने कभी मनरेगा के लिए आवेदन ही नहीं किया है। क्रमांक-28 पर दर्ज चन्द्रिका नामक व्यक्ति की भी मृत्यु हो चुकी है।
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क्रम संख्या-30 पर जगावती देवी है, यह मनरेगा का कोई कार्य नहीं कर रही है। क्रमांक 37, 38, 39 पर भागीरथी का नाम है जो कि आर्थिक रूप से संपन्न है और यह भी मनरेगा के तहत कभी मजदूरी कार्य नहीं किए हैं। क्रमांक 37, 38, 39 पर भी भागीरथी का नाम दर्ज है। क्रमांक-170 पर सफी उल्लाह का नाम है जो कि इंजीनियर हैं तथा बलरामपुर में कार्यरत हैं। इन्होंने बताया है कि इनके खाते में मनरेगा का पैसा आया था जिसे प्रधान ने अपने खाते में वापस मंगा लिया था। क्रमांक-235 पर लाल बहादुर वाहन चालक हैं, इन्होंने ने मनरेगा में कभी काम नहीं किया है। क्रमांक- 236 पर एक व्यक्ति का नाम दर्ज है जो कि आर्थिक रूप से अत्याधिक संपन्न है और यह मनरेगा के अन्तर्गत कभी मजदूरी कार्य नहीं किया है। क्रमांक 173 पर हसीबुन निशा का विवाह 2012 में हो चुकी है। गांव में नहीं रहती हैं। इनका पैसा मनरेगा से प्राप्त हो रहा है।
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क्रमांक 67 पर आर्थिक रूप से अत्याधिक सम्पन्न व्यक्ति का नाम दर्ज है तथा यह भी मनरेगा के अन्तर्गत कभी मजदूरी कार्य नहीं किया है। उन्होंने कहा कि सूची में कुल 267 लाभार्थी हैं जिसमें से 200 से ज्यादा लाभार्थियों की सूची फर्जी बनाई गई है। अतः इन सभी लाभार्थियों से इस विषय पर जांचकर जो भी दोषी हो, उसके विरुद्ध कड़ी कार्रवाई करने की अपील की है। इस पर डीएम ने संबंधित अधिकारी को जांच करने का निर्देश दिया है।