{"_id":"61d5dd74de74ee7afd6f174c","slug":"demanding-money-to-cvo-on-the-name-of-osd-to-cm-case-registerd-deoria-news-gkp422613224","type":"story","status":"publish","title_hn":"मुख्यमंत्री का ओएसडी बन कर डिप्टी सीएम के रिश्तेदार के नाम पर मांगी रकम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मुख्यमंत्री का ओएसडी बन कर डिप्टी सीएम के रिश्तेदार के नाम पर मांगी रकम
विज्ञापन
मुख्यमंत्री का ओएसडी बन कर डिप्टी सीएम के रिश्तेदार के नाम पर मांगी रकम
देवरिया। अपने को मुख्यमंत्री का ओएसडी बताकर एक ठग ने मुख्य पशु चिकित्साधिकारी (सीवीओ) के मोबाइल फोन पर मंगलवार की रात करीब दस बजे फोन किया। उसने सीवीओ को अर्दब में लेते हुए कहा कि डिप्टी सीएम डॉ. दिनेश शर्मा के एक रिश्तेदार हादसे में घायल हैं, उनके खाते में 12 हजार रुपये डाल दें। सीवीओ ने जब ऐसा न करने की बात कही तो फोन करने वाले ने आला अफसरों का हवाला देते हुए देख लेने की धमकी दी। इस मामले में बुधवार को सीवीओ ने कोतवाली पुलिस को तहरीर दी है। मामला सीएम के नाम से जुड़ा होने के कारण पुलिस सक्रिय हो गई है।
सीवीओ डॉ. पीएन सिंह ने कोतवाली पुलिस को तहरीर देकर बताया है कि चार जनवरी की रात में उनके मोबाइल नंबर एक व्यक्ति ने फोन कर खुद को मुख्यमंत्री का ओएसडी आनंद कौशिक बताया। उसने कुछ देर बाद कहा कि डिप्टी सीएम डॉ. दिनेश शर्मा के एक रिश्तेदार सड़क हादसे में बालाजी में घायल हैं। उनको इलाज के 10 से 12 हजार रुपये की जरूरत है। उनके खाते में यह रकम डाल दें। सीवीओ ने कहा कि जब आप को जानते ही नहीं हैं तो कैसे आप के कहने पर रकम डाल दें। इतना सुनते ही ठग ने पशुपालन विभाग के आला अफसरों का हवाला देकर नाराजगी जताई और कार्रवाई की धमकी दी। सीवीओ ने तहरीर देकर मुकदमा दर्ज करने की मांग की है। जबकि दूसरी तरफ पुलिस विभाग के सूत्रों का कहना है कि मामला सीएम से जुड़ा होने के कारण एसटीएफ लखनऊ और जिले की एसओजी को जांच के लिए लगाया गया है। पुलिस फोन करने वाले व्यक्ति की तलाश में जुट गई है। कोतवाल अनुज कुमार सिंह ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।
सीवीओ ने नहीं उठाया फोन तो एडीएम प्रशासन को मिला दिया
देवरिया। ठग ने रात में सीवीओ के पास कई बार फोन किया लेकिन नहीं उठा। इस पर उसने एडीएम प्रशासन कुंवर पंकज के सीयूजी नंबर पर काल किया। एडीएम प्रशासन ने बताया कि हम उस समय मीटिंग में थे। उसने कहा कि सीवीओ फोन नहीं उठा रहे हैं। इस पर हमने मीटिंग में होने की बात कही, फिर एक घंटे बाद उसने फोन किया। इस पर हमने सीवीओ को फोन कर जानकारी दी और फोन उठाने के लिए बोल दिया। सुबह सीवीओ ने पूरे मामले की जानकारी दी तो हमने तहरीर देकर मुकदमा दर्ज कराने को कहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन
देवरिया। अपने को मुख्यमंत्री का ओएसडी बताकर एक ठग ने मुख्य पशु चिकित्साधिकारी (सीवीओ) के मोबाइल फोन पर मंगलवार की रात करीब दस बजे फोन किया। उसने सीवीओ को अर्दब में लेते हुए कहा कि डिप्टी सीएम डॉ. दिनेश शर्मा के एक रिश्तेदार हादसे में घायल हैं, उनके खाते में 12 हजार रुपये डाल दें। सीवीओ ने जब ऐसा न करने की बात कही तो फोन करने वाले ने आला अफसरों का हवाला देते हुए देख लेने की धमकी दी। इस मामले में बुधवार को सीवीओ ने कोतवाली पुलिस को तहरीर दी है। मामला सीएम के नाम से जुड़ा होने के कारण पुलिस सक्रिय हो गई है।
सीवीओ डॉ. पीएन सिंह ने कोतवाली पुलिस को तहरीर देकर बताया है कि चार जनवरी की रात में उनके मोबाइल नंबर एक व्यक्ति ने फोन कर खुद को मुख्यमंत्री का ओएसडी आनंद कौशिक बताया। उसने कुछ देर बाद कहा कि डिप्टी सीएम डॉ. दिनेश शर्मा के एक रिश्तेदार सड़क हादसे में बालाजी में घायल हैं। उनको इलाज के 10 से 12 हजार रुपये की जरूरत है। उनके खाते में यह रकम डाल दें। सीवीओ ने कहा कि जब आप को जानते ही नहीं हैं तो कैसे आप के कहने पर रकम डाल दें। इतना सुनते ही ठग ने पशुपालन विभाग के आला अफसरों का हवाला देकर नाराजगी जताई और कार्रवाई की धमकी दी। सीवीओ ने तहरीर देकर मुकदमा दर्ज करने की मांग की है। जबकि दूसरी तरफ पुलिस विभाग के सूत्रों का कहना है कि मामला सीएम से जुड़ा होने के कारण एसटीएफ लखनऊ और जिले की एसओजी को जांच के लिए लगाया गया है। पुलिस फोन करने वाले व्यक्ति की तलाश में जुट गई है। कोतवाल अनुज कुमार सिंह ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
सीवीओ ने नहीं उठाया फोन तो एडीएम प्रशासन को मिला दिया
देवरिया। ठग ने रात में सीवीओ के पास कई बार फोन किया लेकिन नहीं उठा। इस पर उसने एडीएम प्रशासन कुंवर पंकज के सीयूजी नंबर पर काल किया। एडीएम प्रशासन ने बताया कि हम उस समय मीटिंग में थे। उसने कहा कि सीवीओ फोन नहीं उठा रहे हैं। इस पर हमने मीटिंग में होने की बात कही, फिर एक घंटे बाद उसने फोन किया। इस पर हमने सीवीओ को फोन कर जानकारी दी और फोन उठाने के लिए बोल दिया। सुबह सीवीओ ने पूरे मामले की जानकारी दी तो हमने तहरीर देकर मुकदमा दर्ज कराने को कहा है।
विज्ञापन