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वसीयत करने के बाद हॉर्टअटैक से मौत
देवरिया
Updated Fri, 07 Apr 2017 10:22 PM IST
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मौत के बाद मौके पर जुटी भीड़।
- फोटो : अमर उजाला
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बरहज। वसीयत करने के बाद रजिस्ट्रार ऑफिस से बाहर निकलते ही एक बुजुर्ग को दिल का दौरा पड़ने से मौत हो गई। इससे तहसील प्रशासन में हड़कंप मच गया। मोहांव गांव निवासी 90 वर्षीय रमाकांत पाल शुक्रवार को पौत्रों के नाम संपत्ति का वसीयत करने तहसील आए थे।
लोगों का कहना है कि रजिस्ट्रार ऑफिस से बाहर निकलते ही उसे दिल का दौरा पड़ गया और मूर्छित होकर गिर पड़े। यह देख आसपास के लोग जुट गए। लोग जब तक उसे इलाज के लिए ले लाते तब तक मौत हो चुकी थी।
शव को तहसीलदार वंशराज राम के कार्यालय के सामने लिटा दिया। आनन-फानन में तहसीलदार ने 108 नंबर पर सूचना दी। वृद्ध के मौत को लेकर पूरे दिन तहसील परिसर में चर्चा का माहौल बना रहा। रमाकांत के तीन संतान राजेंद्र, फणींद्र और गायत्री हैं। वह तीनों संतानों की शादी कर चुके थे। पत्नी पौधारी देवी की करीब छह वर्ष पहले निधन हो चुका है।
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दो बीघे जमीन का आधा बड़े पुत्र राजेंद्र पाल और आधा फणींद्र के बच्चों विकास, झुनझुन और टुनटुन के नाम करना चाहते थे। इस संबंध में रजिस्ट्रार विजय देव से पूछने पर उन्होंने बताया कि वृद्ध वसीयत करके घर जा रहा था।
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लोगों का कहना है कि रजिस्ट्रार ऑफिस से बाहर निकलते ही उसे दिल का दौरा पड़ गया और मूर्छित होकर गिर पड़े। यह देख आसपास के लोग जुट गए। लोग जब तक उसे इलाज के लिए ले लाते तब तक मौत हो चुकी थी।
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शव को तहसीलदार वंशराज राम के कार्यालय के सामने लिटा दिया। आनन-फानन में तहसीलदार ने 108 नंबर पर सूचना दी। वृद्ध के मौत को लेकर पूरे दिन तहसील परिसर में चर्चा का माहौल बना रहा। रमाकांत के तीन संतान राजेंद्र, फणींद्र और गायत्री हैं। वह तीनों संतानों की शादी कर चुके थे। पत्नी पौधारी देवी की करीब छह वर्ष पहले निधन हो चुका है।
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दो बीघे जमीन का आधा बड़े पुत्र राजेंद्र पाल और आधा फणींद्र के बच्चों विकास, झुनझुन और टुनटुन के नाम करना चाहते थे। इस संबंध में रजिस्ट्रार विजय देव से पूछने पर उन्होंने बताया कि वृद्ध वसीयत करके घर जा रहा था।