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Deoria News: सिटी स्कैन मशीन खराब, मरीज परेशान
Sat, 26 Sep 2026 12:00 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
Updated Sat, 26 Sep 2026 12:00 AM IST
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मशीन खराब होने से बंद पड़ा सिटी स्कैन सेंटर
देवरिया। महर्षि देवरहा बाबा मेडिकल कॉलेज में पुरानी सिटी स्कैन मशीन खराब होने से मरीजों की परेशानी बढ़ गई है। मशीन का ट्यूब खराब होने के कारण पिछले चार दिन से निशुल्क सिटी स्कैन जांच बंद है। मरीजों की जरूरत को देखते हुए मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने नई मशीन से जांच शुरू कराई है लेकिन इसके लिए मरीजों से शुल्क लिया जा रहा है।
आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों के लिए जांच का यह खर्च अतिरिक्त बोझ बन रहा है। मेडिकल कॉलेज में पुरानी सिटी स्कैन मशीन से रोजाना करीब 100 से 125 मरीजों की जांच होती थी। इस मशीन से जांच निशुल्क होने के साथ मरीजों को जांच की फिल्म सुरक्षित रखने के लिए झोला भी दिया जाता था।
अब नई मशीन से जांच कराने पर मरीजों को शुल्क देना पड़ रहा है और जांच की फिल्म रखने के लिए झोले की सुविधा भी नहीं मिल रही है।
मेडिकल कॉलेज में इलाज कराने पहुंचे मरीजों को सिटी स्कैन की जरूरत पड़ने पर नई मशीन का सहारा लेना पड़ रहा है। चेस्ट की जांच कराने पहुंचीं गुलाबी देवी और शांता ने नई मशीन से जांच कराई। वहीं पेट की जांच के लिए पहुंचे अरुण कुशवाहा, बाबूलाल और प्रिया पांडेय को भी शुल्क देकर सिटी स्कैन कराना पड़ा।
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मरीजों का कहना है कि पहले पुरानी मशीन से निशुल्क जांच हो जाती थी। नई मशीन से जांच के लिए शुल्क देना पड़ रहा है। मरीजों ने पुरानी मशीन को जल्द ठीक कराने की मांग की है, ताकि उन्हें अतिरिक्त आर्थिक बोझ से राहत मिल सके।
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आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों के लिए जांच का यह खर्च अतिरिक्त बोझ बन रहा है। मेडिकल कॉलेज में पुरानी सिटी स्कैन मशीन से रोजाना करीब 100 से 125 मरीजों की जांच होती थी। इस मशीन से जांच निशुल्क होने के साथ मरीजों को जांच की फिल्म सुरक्षित रखने के लिए झोला भी दिया जाता था।
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अब नई मशीन से जांच कराने पर मरीजों को शुल्क देना पड़ रहा है और जांच की फिल्म रखने के लिए झोले की सुविधा भी नहीं मिल रही है।
मेडिकल कॉलेज में इलाज कराने पहुंचे मरीजों को सिटी स्कैन की जरूरत पड़ने पर नई मशीन का सहारा लेना पड़ रहा है। चेस्ट की जांच कराने पहुंचीं गुलाबी देवी और शांता ने नई मशीन से जांच कराई। वहीं पेट की जांच के लिए पहुंचे अरुण कुशवाहा, बाबूलाल और प्रिया पांडेय को भी शुल्क देकर सिटी स्कैन कराना पड़ा।
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मरीजों का कहना है कि पहले पुरानी मशीन से निशुल्क जांच हो जाती थी। नई मशीन से जांच के लिए शुल्क देना पड़ रहा है। मरीजों ने पुरानी मशीन को जल्द ठीक कराने की मांग की है, ताकि उन्हें अतिरिक्त आर्थिक बोझ से राहत मिल सके।