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Deoria News: मेडिकल कॉलेज में रही भीड़, हुई धक्का-मुक्की
Wed, 19 Jun 2024 02:58 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
Updated Wed, 19 Jun 2024 02:58 AM IST
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मेडिकल कॉलेज में बाल रोग विभाग में बीमार बच्चों को लेकर लाइन में खड़े तीमारदार।संवाद
- फोटो
गर्मी से परेशान रहे मरीज और तीमारदार, करना पड़ा इंतजार
भीड़ को नियंत्रित करने में सुरक्षा कर्मियों को छूटा पसीना
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। मेडिकल कॉलेज में मरीजों की भीड़ बढ़ी है। इसकी वजह से मंगलवार को व्यवस्था पर असर पड़ा। मरीजों को लंबी कतार में एक से डेढ़ घंटे तक इंतजार करना पड़ा। कुछ जगह बगल से अंदर जाने के लिए हो-हल्ला मचा तो धक्का-मुक्की भी हुई। मरीज और तीमारदार गर्मी के कारण परेशान रहे।
महर्षि देवरहा बाबा मेडिकल कॉलेज में भीड़ को सहेजने में सुरक्षा कर्मी और कर्मचारी परेशान रहे। रविवार के अवकाश और सोमवार को दोपहर तक ओपीडी रही। मंगलवार को अस्पताल खुलने पर अधिक संख्या में मरीज पहुंचे। भीषण गर्मी के कारण लोग सुबह पहुंचे। सुबह आठ बजे से ही रजिस्ट्रेशन काउंटर पर लंबी लाइन लग गई। यह दोपहर बाद एक बजे तक रही। अस्पताल में इलाज कराने के लिए 2496 लोगों ने रजिस्ट्रेशन कराया। इसके अलावा करीब 1400 से अधिक पुराने मरीज भी फालोअप में पहुंचे थे। सभी के साथ तीमारदार भी थे।
पर्ची लेने के बाद मरीज ओपीडी में पहुंचे और ओपीडी में कतार लगने लगी। सुबह 11 बजे तक लंबी लाइन लग गई। मेडिसिन विभाग में 1:30 बजे लाइन रही। सुरक्षा कर्मी भीड़ को सहेजने में परेशान रहे। डॉ. विजय गुप्ता, डॉ. गौरव, डॉ. विश्वजीत ने करीब 448 मरीजों का इलाज किया। इसमें सबसे अधिक पेट दर्द के 100, बुखार के 60 से अधिक मरीज रहे। उल्टी-दस्त के 25, घबराहट के 35 के अलावा अन्य बीमारी से पीड़ित मरीज रहे।
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मानसिक रोग विभाग में डॉ. अंबु पांडेय ने 100 से अधिक मरीजों का उपचार किया। चेस्ट व टीबी में डॉ. अनुराग शुक्ल, डॉ. ज्योति सिंह ने 110 मरीजों का इलाज किया। इसमें 80 सांस से पीड़ित के अलावा अन्य मरीज रहे। तीन मरीजों के फेफड़े से पानी भी निकाला गया। दंत में डॉ. रेनू सिंह, डॉ. प्रियंका, डॉ. निहारिका ने 85, कम्युनिटी मेडिसिन में डॉ. पुरुषोत्तम ने 95 मरीजों का इलाज किया। चर्म रोग विभाग में डॉ. सुधा ने 185, सर्जरी में डॉ. संजय गुप्ता ने 140, नेत्र में डॉ. अदिती, डॉ. आकांक्षा, डॉ. दयानंद ने 203 मरीजों का इलाज किया।
ईएनटी में डॉ. प्रदीप गुप्ता ने 205 मरीजों का इलाज किया। यहां मरीजों की काफी भीड़ रही। दो लाइन लगी थी। डॉक्टर चैंबर का फाटक खुलने पर मरीज धक्का-मुक्की कर रहे थे। ऑर्थों में डॉ. अजय कुमार यादव, डॉ. विकास मित्तल, डॉ. शंभू ने 430 मरीजों का इलाज किया। बाल रोग विभाग में भी सुबह से ही भीड़ रही। लोगों को दो घंटे तक इंतजार करना पड़ा। यहां करीब 11:40 बजे बिना नंबर के जाने से सुरक्षा कर्मी के रोकने पर कतार में खड़े लोग हो-हल्ला करने लगे। सुरक्षा कर्मियों ने लाेगों को शांत कराया। यहां भी मरीजों को बुलाने पर धक्का देकर लोग अधिक संख्या में पहुंच जा रहे थे।
रेडियोलाॅजिस्ट के अवकाश पर रहने से ठप रहा अल्ट्रासाउंड
रेडियोलाॅजिस्ट के अवकाश पर जाने के कारण अल्ट्रासाउंड जांच नहीं हुई। मरीजों को निराश होकर लौटना पड़ा। कुछ लोगों को निजी सेंटरों का सहारा लेना पड़ा। इसके लिए उन्हें कीमत चुकानी पड़ी।
अस्पताल में भीड़ बढ़ी है। गर्मी होने के कारण कुछ परेशानी हुई। सभी को इलाज, जांच, दवा सहित अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। लोगों को व्यवस्था को बनाए रखने में सहयोग करने की जरूरत है।
-डॉ. एचके मिश्रा, सीएमएस
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गर्मी से परेशान रहे मरीज और तीमारदार, करना पड़ा इंतजार
भीड़ को नियंत्रित करने में सुरक्षा कर्मियों को छूटा पसीना
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। मेडिकल कॉलेज में मरीजों की भीड़ बढ़ी है। इसकी वजह से मंगलवार को व्यवस्था पर असर पड़ा। मरीजों को लंबी कतार में एक से डेढ़ घंटे तक इंतजार करना पड़ा। कुछ जगह बगल से अंदर जाने के लिए हो-हल्ला मचा तो धक्का-मुक्की भी हुई। मरीज और तीमारदार गर्मी के कारण परेशान रहे।
महर्षि देवरहा बाबा मेडिकल कॉलेज में भीड़ को सहेजने में सुरक्षा कर्मी और कर्मचारी परेशान रहे। रविवार के अवकाश और सोमवार को दोपहर तक ओपीडी रही। मंगलवार को अस्पताल खुलने पर अधिक संख्या में मरीज पहुंचे। भीषण गर्मी के कारण लोग सुबह पहुंचे। सुबह आठ बजे से ही रजिस्ट्रेशन काउंटर पर लंबी लाइन लग गई। यह दोपहर बाद एक बजे तक रही। अस्पताल में इलाज कराने के लिए 2496 लोगों ने रजिस्ट्रेशन कराया। इसके अलावा करीब 1400 से अधिक पुराने मरीज भी फालोअप में पहुंचे थे। सभी के साथ तीमारदार भी थे।
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पर्ची लेने के बाद मरीज ओपीडी में पहुंचे और ओपीडी में कतार लगने लगी। सुबह 11 बजे तक लंबी लाइन लग गई। मेडिसिन विभाग में 1:30 बजे लाइन रही। सुरक्षा कर्मी भीड़ को सहेजने में परेशान रहे। डॉ. विजय गुप्ता, डॉ. गौरव, डॉ. विश्वजीत ने करीब 448 मरीजों का इलाज किया। इसमें सबसे अधिक पेट दर्द के 100, बुखार के 60 से अधिक मरीज रहे। उल्टी-दस्त के 25, घबराहट के 35 के अलावा अन्य बीमारी से पीड़ित मरीज रहे।
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मानसिक रोग विभाग में डॉ. अंबु पांडेय ने 100 से अधिक मरीजों का उपचार किया। चेस्ट व टीबी में डॉ. अनुराग शुक्ल, डॉ. ज्योति सिंह ने 110 मरीजों का इलाज किया। इसमें 80 सांस से पीड़ित के अलावा अन्य मरीज रहे। तीन मरीजों के फेफड़े से पानी भी निकाला गया। दंत में डॉ. रेनू सिंह, डॉ. प्रियंका, डॉ. निहारिका ने 85, कम्युनिटी मेडिसिन में डॉ. पुरुषोत्तम ने 95 मरीजों का इलाज किया। चर्म रोग विभाग में डॉ. सुधा ने 185, सर्जरी में डॉ. संजय गुप्ता ने 140, नेत्र में डॉ. अदिती, डॉ. आकांक्षा, डॉ. दयानंद ने 203 मरीजों का इलाज किया।
ईएनटी में डॉ. प्रदीप गुप्ता ने 205 मरीजों का इलाज किया। यहां मरीजों की काफी भीड़ रही। दो लाइन लगी थी। डॉक्टर चैंबर का फाटक खुलने पर मरीज धक्का-मुक्की कर रहे थे। ऑर्थों में डॉ. अजय कुमार यादव, डॉ. विकास मित्तल, डॉ. शंभू ने 430 मरीजों का इलाज किया। बाल रोग विभाग में भी सुबह से ही भीड़ रही। लोगों को दो घंटे तक इंतजार करना पड़ा। यहां करीब 11:40 बजे बिना नंबर के जाने से सुरक्षा कर्मी के रोकने पर कतार में खड़े लोग हो-हल्ला करने लगे। सुरक्षा कर्मियों ने लाेगों को शांत कराया। यहां भी मरीजों को बुलाने पर धक्का देकर लोग अधिक संख्या में पहुंच जा रहे थे।
रेडियोलाॅजिस्ट के अवकाश पर रहने से ठप रहा अल्ट्रासाउंड
रेडियोलाॅजिस्ट के अवकाश पर जाने के कारण अल्ट्रासाउंड जांच नहीं हुई। मरीजों को निराश होकर लौटना पड़ा। कुछ लोगों को निजी सेंटरों का सहारा लेना पड़ा। इसके लिए उन्हें कीमत चुकानी पड़ी।
अस्पताल में भीड़ बढ़ी है। गर्मी होने के कारण कुछ परेशानी हुई। सभी को इलाज, जांच, दवा सहित अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। लोगों को व्यवस्था को बनाए रखने में सहयोग करने की जरूरत है।
-डॉ. एचके मिश्रा, सीएमएस