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Deoria News: मेडिकल कॉलेज में मरीजों भीड़, सुरक्षा कर्मी व मरीज भिड़े हुई हाथापाई
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- हर जगह मरीजों को करना पड़ा इंतजार
- उमस भरी गर्मी से परेशान रहे मरीज और तीमारदार
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। मेडिकल कॉलेज में मरीजों की भीड़ रही। इसका असर व्यवस्था पर पड़ा। सोमवार को हर जगह मरीजों को इंतजार करना पड़ा। आर्थो विभाग में सुरक्षाकर्मी और मरीज भिड़ गए और हाथापाई भी हुई। लोगों ने मामला शांत कराया। कई स्थानों पर बगल से अंदर जाने को लेकर शोर-शराबा और धक्का-मुक्की हुई। सुरक्षा कर्मियों व कर्मचारियों ने समझाया-बुझाया। उमस भरी गर्मी के कारण मरीज और तीमारदार परेशान रहे।
महर्षि देवरहा बाबा मेडिकल कॉलेज में अवकाश के बाद सोमवार को अस्पताल खुलने पर बड़ी संख्या में मरीज पहुंचे। जिले के विभिन्न क्षेत्रों के अलावा बिहार के सीमावर्ती इलाके के लोग भी इलाज कराने आए थे। सुबह आठ बजे से ही पर्ची काउंटर पर लाइन लग गई, जो दोपहर करीब 1.20 बजे तक रही। इलाज कराने के लिए 2234 लोगों ने रजिस्ट्रेशन कराया। इसके अलावा करीब 1400 से अधिक पुराने मरीज भी पहुंचे थे। रजिस्ट्रेशन के बाद लोग मरीज ओपीडी में पहुंचने लगे और लाइन लगनी शुरू हो गई।
हड्डी रोग में काफी भीड़ रही। दोपहर करीब 12.35 बजे बगल से डॉक्टर कक्ष में जाने पर लोग हल्ला करने लगे। इसी बीच सुरक्षा कर्मी और एक मरीज भिड़ गए और एक-दूसरे का गिरेबां पकड़ लिए। हाथापाई भी हुई। लोगों ने बीच-बचाव कर मामला शांत कराया। डॉ. रजनीश, डॉ. शुभम, डॉ. शंभू ने 468 मरीजों का इलाज किया। सर्जरी में भी भीड़ थी। यहां भी हल्ला मचा। सुरक्षा कर्मियों ने शांत कराया। डॉ. मानवेंद्र ने 186 मरीजों का इलाज किया।
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इसी तरह सुबह 11.10 बजे मेडिसिन विभाग के दोनों कक्षों में भीड़ रही। मरीजों की लाइन लगी थी। सुरक्षा कर्मी भीड़ को सहेजने में जुटे थे। डॉ. सराजुद्दीन, डॉ. निखिलेश मिश्रा ने करीब 462 से अधिक मरीजों का इलाज किया। इसमें बुखार, पेट, कमर दर्द के अधिक मरीज रहे। इसके अलावा बीपी, शुगर व अन्य बीमारी से पीड़ित मरीज पहुंचे थे। ईएनटी में भी भीड़ रही। करीब 2.25 बजे तक लाइन लगी थी। डॉ. प्रदीप कुमार गुप्ता ने 215 मरीजों का इलाज किया। यहां भी मरीजों ने आपस में धक्का-मुक्की की।
मानसिक रोग में डॉ. रीतिका दीवान ने 95, कम्युनिटी मेडिसिन में डॉ. प्रेम प्रकाश ने 100, दंत में डॉ. अफसाना, डॉ. रेनू सिंह ने 75, चेस्ट व टीबी में 95 मरीजों का इलाज किया। चर्म रोग विभाग में भी लंबी कतार रही। डॉ. सुधा, डॉ. प्रकृति ने 275 मरीजों का इलाज किया। नेत्र विभाग में डॉ. प्रकाश कुमार, डॉ. कन्हैया, डॉ. अदिती, डॉ. आकांक्षा ने 252 मरीजों का उपचार किया। उधर पैथाेलाॅजी जांच के रजिस्ट्रेशन, एक्स-रे सेंटर पर भी भीड़ रही। उमस भरी गर्मी में मरीजों और तीमारदारों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
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अस्पताल में भीड़ बढ़ी है। उमस भरी गर्मी होने के कारण कुछ परेशानी हुई। सभी को इलाज, जांच, दवा सहित अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। लोगों को व्यवस्था को बनाए रखने में सहयोग करने की जरूरत है।
-डॉ. एचके मिश्रा, सीएमएस
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- उमस भरी गर्मी से परेशान रहे मरीज और तीमारदार
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। मेडिकल कॉलेज में मरीजों की भीड़ रही। इसका असर व्यवस्था पर पड़ा। सोमवार को हर जगह मरीजों को इंतजार करना पड़ा। आर्थो विभाग में सुरक्षाकर्मी और मरीज भिड़ गए और हाथापाई भी हुई। लोगों ने मामला शांत कराया। कई स्थानों पर बगल से अंदर जाने को लेकर शोर-शराबा और धक्का-मुक्की हुई। सुरक्षा कर्मियों व कर्मचारियों ने समझाया-बुझाया। उमस भरी गर्मी के कारण मरीज और तीमारदार परेशान रहे।
महर्षि देवरहा बाबा मेडिकल कॉलेज में अवकाश के बाद सोमवार को अस्पताल खुलने पर बड़ी संख्या में मरीज पहुंचे। जिले के विभिन्न क्षेत्रों के अलावा बिहार के सीमावर्ती इलाके के लोग भी इलाज कराने आए थे। सुबह आठ बजे से ही पर्ची काउंटर पर लाइन लग गई, जो दोपहर करीब 1.20 बजे तक रही। इलाज कराने के लिए 2234 लोगों ने रजिस्ट्रेशन कराया। इसके अलावा करीब 1400 से अधिक पुराने मरीज भी पहुंचे थे। रजिस्ट्रेशन के बाद लोग मरीज ओपीडी में पहुंचने लगे और लाइन लगनी शुरू हो गई।
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हड्डी रोग में काफी भीड़ रही। दोपहर करीब 12.35 बजे बगल से डॉक्टर कक्ष में जाने पर लोग हल्ला करने लगे। इसी बीच सुरक्षा कर्मी और एक मरीज भिड़ गए और एक-दूसरे का गिरेबां पकड़ लिए। हाथापाई भी हुई। लोगों ने बीच-बचाव कर मामला शांत कराया। डॉ. रजनीश, डॉ. शुभम, डॉ. शंभू ने 468 मरीजों का इलाज किया। सर्जरी में भी भीड़ थी। यहां भी हल्ला मचा। सुरक्षा कर्मियों ने शांत कराया। डॉ. मानवेंद्र ने 186 मरीजों का इलाज किया।
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इसी तरह सुबह 11.10 बजे मेडिसिन विभाग के दोनों कक्षों में भीड़ रही। मरीजों की लाइन लगी थी। सुरक्षा कर्मी भीड़ को सहेजने में जुटे थे। डॉ. सराजुद्दीन, डॉ. निखिलेश मिश्रा ने करीब 462 से अधिक मरीजों का इलाज किया। इसमें बुखार, पेट, कमर दर्द के अधिक मरीज रहे। इसके अलावा बीपी, शुगर व अन्य बीमारी से पीड़ित मरीज पहुंचे थे। ईएनटी में भी भीड़ रही। करीब 2.25 बजे तक लाइन लगी थी। डॉ. प्रदीप कुमार गुप्ता ने 215 मरीजों का इलाज किया। यहां भी मरीजों ने आपस में धक्का-मुक्की की।
मानसिक रोग में डॉ. रीतिका दीवान ने 95, कम्युनिटी मेडिसिन में डॉ. प्रेम प्रकाश ने 100, दंत में डॉ. अफसाना, डॉ. रेनू सिंह ने 75, चेस्ट व टीबी में 95 मरीजों का इलाज किया। चर्म रोग विभाग में भी लंबी कतार रही। डॉ. सुधा, डॉ. प्रकृति ने 275 मरीजों का इलाज किया। नेत्र विभाग में डॉ. प्रकाश कुमार, डॉ. कन्हैया, डॉ. अदिती, डॉ. आकांक्षा ने 252 मरीजों का उपचार किया। उधर पैथाेलाॅजी जांच के रजिस्ट्रेशन, एक्स-रे सेंटर पर भी भीड़ रही। उमस भरी गर्मी में मरीजों और तीमारदारों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
अस्पताल में भीड़ बढ़ी है। उमस भरी गर्मी होने के कारण कुछ परेशानी हुई। सभी को इलाज, जांच, दवा सहित अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। लोगों को व्यवस्था को बनाए रखने में सहयोग करने की जरूरत है।
-डॉ. एचके मिश्रा, सीएमएस