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देवरिया में जमीन के विवाद में तीन को गोलियों से भूना
deoria
Updated Sat, 14 Oct 2017 11:06 PM IST
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देवरिया। सरौरा गांव में पेट्रोल पंप की जमीन को लेकर चल रही तनातनी शनिवार को खूनखराबे में तब्दील हो गई। गांववालों की इच्छा के विपरीत पंप लगाने की तैयारी कर रहे पक्ष के समर्थन में शनिवार को भाजपा का झंडा लगी गाड़ियों से पहुंचे हथियारबंद लोगों ने विरोध कर रहे ग्रामीणों पर ताबड़तोड़ गोलियां बरसाईं। इसकी चपेट में आए तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि आठ घायल हैं। गुस्साए ग्रामीणों ने फायरिंग का जवाब पत्थरबाजी से दिया, जबकि मौके पर दम तोड़ने वाले शख्स का शव सड़क पर रखकर जाम लगा दिया। शव कब्जे में लेने के लिए पुलिस को लाठियां फटकारनी पड़ीं। पुलिस ने मौके से भाग रहे फायरिंग के आरोपी तीन लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। लाइसेंसी पिस्टल समेत चार असलहे व दो गाड़ियां कब्जे में ली हैं।
खूनी संघर्ष की वजह बनी देवरिया-रुद्रपुर मार्ग के सरौरा चौराहे पर स्थित जमीन। मंदिर के बगल की इस जमीन को राघवनगर में रहने वाले रुद्रपुर के जोकहा खास के मूल निवासी हरिशंकर पांडेय ने पेट्रोल पंप शुरू करने के लिए खरीदा था। सरौरा गांव के लोग इस जमीन को विवादित बताते हुए पेट्रोल पंप को जारी एनओसी का विरोध कर रहे थे। विरोध देख कुछ दिन पहले प्रशासनिक टीम ने जमीन की पैमाइश कराई थी लेकिन इससे गांव वाले संतुष्ट नहीं हुए।
आरोप है कि शनिवार सुबह हरिशंकर पांडेय भाजपा का झंडा लगी कुछ गाड़ियों से हथियारबंद लोगों को लेकर पहुंचे और बढ़या बुजुर्ग निवासी नरेंद्र प्रताप उर्फ संजय सिंह को बातचीत के बहाने बुलाकर पिटवाना शुरू कर दिया। ऐसा देख नजदीक मौजूद ग्रामीण पत्थर और डंडे लेकर हमलावरों की तरफ दौड़े। ग्रामीणों को उग्र तेवर से जुटता देख हमलावरों ने फायरिंग शुरू कर दी।
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देवरिया में जमीन...
अंधाधुंध फायरिंग के बीच एक गोली बगल में खेत की सिंचाई कर रहे शुकुल चौहान के पुत्र रामप्रवेश उर्फ कोहली (25 वर्ष) के सीने में जा धंसी। रामप्रवेश की मौके पर ही मौत हो गई। इससे उग्र हुए ग्रामीणों ने हमलावरों को घेरने की कोशिश में पत्थरबाजी शुरू कर दी। जवाब में हमलावरों ने और गोलियां दागीं, जिनकी चपेट में आकर इंद्रजीत कुशवाहा (22 वर्ष), सत्यप्रकाश (20 वर्ष), विजय राजभर (50 वर्ष) और मुखलाल के बेटे रामप्रवेश (40 वर्ष) बुरी तरह घायल हो गए। इलाज की कोशिशों के बीच इंद्रजीत को जिला अस्पताल में मृत घोषित कर दिया गया, जबकि सत्यप्रकाश ने गोरखपुर मेडिकल कॉलेज में दम तोड़ दिया। रामप्रवेश और नरेंद्र प्रताप सिंह का मेडिकल कॉलेज में इलाज चल रहा है। विजय राजभर, संजय चौहान, रमेश यादव, संदीप, चुन्नीलाल और अमरावती देवरिया जिला अस्पताल में भर्ती हैं।
एसपी राकेश शंकर ने बताया कि हमले के आरोपी हरिशंकर पांडेय, छोटे लाल पांडेय, शमशेर अली को मौके से भागते समय रुद्रपुर के पास से गिरफ्तार कर लिया गया। इन समेत नौ के खिलाफ हत्या व अन्य गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया है। इनके कब्जे से लाइसेंसी पिस्टल समेत चार असलहे बरामद किए हैं। एक स्कॉर्पियो व एक अन्य गाड़ी भी कब्जे में ली है। सरौरा में हालात काबू करते हुए सुरक्षा के लिहाज से पीएसी तैनात की है।
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चौराहे से भाग खड़े हुए सिपाही
सरौरा में जिस वक्त मंदिर के करीब पेट्रोल पंप की जमीन को लेकर गोलियों की बौछार शुरू हुई, उस वक्त नजदीकी चौराहे पर रोज की तरह सिपाही ड्यूटी कर रहे थे। ताबड़तोड़ फायरिंग से खूनखराबे के हालात देख सिपाही भाग खड़े हुए। बाद में अफसरों के साथ ज्यादा फोर्स पहुंची और गुस्साई भीड़ के विरोध के बीच मौके पर दम तोड़ने वाले रामप्रवेश का शव लाठियां फटकार कर कब्जे में ले सकी।
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खूनी संघर्ष की वजह बनी देवरिया-रुद्रपुर मार्ग के सरौरा चौराहे पर स्थित जमीन। मंदिर के बगल की इस जमीन को राघवनगर में रहने वाले रुद्रपुर के जोकहा खास के मूल निवासी हरिशंकर पांडेय ने पेट्रोल पंप शुरू करने के लिए खरीदा था। सरौरा गांव के लोग इस जमीन को विवादित बताते हुए पेट्रोल पंप को जारी एनओसी का विरोध कर रहे थे। विरोध देख कुछ दिन पहले प्रशासनिक टीम ने जमीन की पैमाइश कराई थी लेकिन इससे गांव वाले संतुष्ट नहीं हुए।
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आरोप है कि शनिवार सुबह हरिशंकर पांडेय भाजपा का झंडा लगी कुछ गाड़ियों से हथियारबंद लोगों को लेकर पहुंचे और बढ़या बुजुर्ग निवासी नरेंद्र प्रताप उर्फ संजय सिंह को बातचीत के बहाने बुलाकर पिटवाना शुरू कर दिया। ऐसा देख नजदीक मौजूद ग्रामीण पत्थर और डंडे लेकर हमलावरों की तरफ दौड़े। ग्रामीणों को उग्र तेवर से जुटता देख हमलावरों ने फायरिंग शुरू कर दी।
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देवरिया में जमीन...
अंधाधुंध फायरिंग के बीच एक गोली बगल में खेत की सिंचाई कर रहे शुकुल चौहान के पुत्र रामप्रवेश उर्फ कोहली (25 वर्ष) के सीने में जा धंसी। रामप्रवेश की मौके पर ही मौत हो गई। इससे उग्र हुए ग्रामीणों ने हमलावरों को घेरने की कोशिश में पत्थरबाजी शुरू कर दी। जवाब में हमलावरों ने और गोलियां दागीं, जिनकी चपेट में आकर इंद्रजीत कुशवाहा (22 वर्ष), सत्यप्रकाश (20 वर्ष), विजय राजभर (50 वर्ष) और मुखलाल के बेटे रामप्रवेश (40 वर्ष) बुरी तरह घायल हो गए। इलाज की कोशिशों के बीच इंद्रजीत को जिला अस्पताल में मृत घोषित कर दिया गया, जबकि सत्यप्रकाश ने गोरखपुर मेडिकल कॉलेज में दम तोड़ दिया। रामप्रवेश और नरेंद्र प्रताप सिंह का मेडिकल कॉलेज में इलाज चल रहा है। विजय राजभर, संजय चौहान, रमेश यादव, संदीप, चुन्नीलाल और अमरावती देवरिया जिला अस्पताल में भर्ती हैं।
एसपी राकेश शंकर ने बताया कि हमले के आरोपी हरिशंकर पांडेय, छोटे लाल पांडेय, शमशेर अली को मौके से भागते समय रुद्रपुर के पास से गिरफ्तार कर लिया गया। इन समेत नौ के खिलाफ हत्या व अन्य गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया है। इनके कब्जे से लाइसेंसी पिस्टल समेत चार असलहे बरामद किए हैं। एक स्कॉर्पियो व एक अन्य गाड़ी भी कब्जे में ली है। सरौरा में हालात काबू करते हुए सुरक्षा के लिहाज से पीएसी तैनात की है।
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चौराहे से भाग खड़े हुए सिपाही
सरौरा में जिस वक्त मंदिर के करीब पेट्रोल पंप की जमीन को लेकर गोलियों की बौछार शुरू हुई, उस वक्त नजदीकी चौराहे पर रोज की तरह सिपाही ड्यूटी कर रहे थे। ताबड़तोड़ फायरिंग से खूनखराबे के हालात देख सिपाही भाग खड़े हुए। बाद में अफसरों के साथ ज्यादा फोर्स पहुंची और गुस्साई भीड़ के विरोध के बीच मौके पर दम तोड़ने वाले रामप्रवेश का शव लाठियां फटकार कर कब्जे में ले सकी।
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