फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Deoria News ›   Police eye of punks on artillery

पुलिस के असलहों पर बदमाशों की नजर

Sat, 07 Jan 2017 10:54 PM IST
देवरिया
देवरिया Updated Sat, 07 Jan 2017 10:54 PM IST
विज्ञापन
Police eye of punks on artillery
मदनपुर थाने में जली हुई पब्लिक की बंदूकों का निरीक्षण करते एसडीएम घनश्याम - फोटो : अमर उजाला
देवरिया। जिनके कंधों पर आम लोगों की सुरक्षा की जिम्मेदारी है वे खुद की सुरक्षा करने में नाकामयाब साबित हो रहे हैं। उपद्रवी पुलिस के साथ दो-दो हाथ कर उनके असलहों को ही लूट ले जा रहे हैं। मदनपुर में हुई घटना में उपद्रवियों ने दो रिवाल्वर और एक बैनट लूट ली। इसके पहले में भी कई असलहे गायब हो चुके हैं जो आज तक बरामद नहीं हो सका। जब भी असलहा गायब हुआ संबधित थाने में केस दर्ज कर पुलिसकर्मी को सस्पेंड कर दिया जाता है और वेतन से असलहे का दाम वसूल कर लिया जाता है।
विज्ञापन


कुछ समय बाद विवेचक भी थक-हारकर फाइनल रिपोर्ट लगा देते हैं। फिर मामला ठंडे बस्ते में चला जाता है। सलेेमपुर के पूर्व सांसद स्व. हरिकेवल कुशवाहा की सुरक्षा में लगे पुलिसकर्मी की वर्ष 2008 में कारबाइन और 2005 एक सुरक्षाकर्मी का पिस्टल चोरी हो गई। आवास में आराम करते हुए गायब असलहों के बारे में पुलिस कुछ दिन तक सक्रिय रही। इस दोनों मामले में सलेमपुर कोतवाली में मुकदमा दर्ज हुआ था लेकिन सुराग नहीं लग सका। 2009 में बरहज थाने में तैनात दरोगा नदी पर परसिया देवार में शव के पंचनामा कराने गए थे।
विज्ञापन


रात में उसी गांव में रुक गए। सुबह पता चला कि सर्विस रिवाल्वर चोरी हो गई। आज तक पुलिस रिवाल्वर का पता नहीं चला। 2006 में ट्रेन में यात्रा करते समय पंजाब जा रहे सीआरपीएफ जवान का असलहा भाटपाररानी से भटनी के बीच में गायब हो गया। इस मामले में जीआरपी में केस दर्ज हुआ, लेकिन हथियार के बारे में सुराग नहीं मिल सका।
विज्ञापन
विज्ञापन


रामपुर कारखाना थानाक्षेत्र के पटनवापुल कांड में एक सिपाही को पीटकर उसकी राइफल छीन ली गई थी और राइफल आज तक नहीं मिली। पुलिस के गायब असलहों पर गौर किया जाए तो एक बात साफ है कि असलहों की गोली दिलाने वाले पुलिस के करीब हैं क्योंकि  पुलिस विभाग के असलहे में लगने वाली गोली प्राइवेट दुकानों पर  नहीं मिलती।
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed