चार के खिलाफ गैरजमानती वारंट
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फरार चल रहे प्रधानाचार्य और उनके भाई के हत्यारोपियों पर कोर्ट ने गैरजमानती वारंट जारी कर दिया है। हत्यारोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस बलिया प्रधानाचार्य की पत्नी और साला के घर पहुंची।
लेकिन घर पर ताला बंद होने की वजह से पुलिस को खाली हाथ लौटना पड़ा। जबकि तीन आरोपी जेल के सलाखों में बंद है।
स्वामी देवना नंद इंटर मीडिएट कॉलेज मठ लार के प्रधानाचार्य रामजीत सिंह और सेना से रिटायर्ड उनके बड़े भाई विजय बहादुर सिंह को बदमाशों ने 19 नवंबर वर्ष 2015 को लार के रेवली ढ़ाले के समीप गोलियों से भून दिया था।
वे बलिया जिले के फेफना के खलीलपुर गांव के रहने वाले थे। इस मामले में पुलिस ने रिटायर्ड फौजी की पत्नी बिंदू सिंह की तहरीर पर आठ लोगों पर केस दर्ज किया था।
पुलिस ने सात दिसंबर वर्ष 2015 को दोहरे हत्याकांड का खुलासा किया कर प्रधानाचार्य की पत्नी राजश्री सिंह के करीबी कृष्णकांत उपाध्याय उर्फ कप्तान और सीवान जिले के असांव थाना क्षेत्र के पचबेनिया निवासी शूटर सच्चितानंद को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।
पुलिस का बढ़ता दबाव देख बनकटा के रामपुर बुजुर्ग गांव निवासी सुपारी किलर प्रभाकर मिश्र ने कोर्ट में सरेंडर कर दिया है।
फरार चल रहे हत्यारोपी प्रधानाचार्य की पत्नी राजश्री सिंह, साला अरूण सिंह, कॉलेज के शिक्षक गजेन्द्र चौबे, बनकटा के जंजरिया गांव निवासी अजीत सिंह उर्फ जड़ी के खिलाफ कोर्ट ने गैर जमानती वारंट जारी किया है।
बुधवार को पत्नी राजश्री सिंह और साला अरूण की गिरफ्तारी के लिए बलिया पहुंची पुलिस को कोई सफलता नहीं मिला।
इस बाबत एसओ ने बताया कि फरार चल रहे हत्यारोपियों पर गैर जमानती वारंट जारी हुआ था। गिरफ्तारी के लिए बलिया में दबिश दिया गया। लेकिन आरोपी पकड़ में नहीं आए।