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मंदीप ने मांगी थी 15 लाख की फिरौती
ब्यूरो अमर उजाला/ देवरिया
Updated Fri, 27 May 2016 11:13 PM IST
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करीब डेढ़ माह से अपह्रत सईद अपहरण कांड की गुत्थी पुलिस ने सुलझा ली है। पुलिस की जांच में इस बात का खुलासा हुआ कि अपह्रत बच्चे के बदले में पंद्रह लाख रुपये की फिरौती मांगने वाला मुख्य आरोपी मंदीप कुशवाहा है जिससे पुलिस पूछताछ कर चुकी है। हालांकि बच्चे के बारे में पुलिस के पास कोई ठोस जानकारी नहीं है। वहीं पूछताछ के बाद छोड़ा गया मंदीप फरार चल रहा है। फिरौती के लिए जिस नंबर का प्रयोग किया गया था। वह आरोपी मंदीप के करीबी का है और सभी की भूमिका अपहरण में संदिग्ध है। चार लोगों के खिलाफ पुलिस ने केस दर्ज कर मामले की पड़ताल तेज कर दी है।
12 अप्रैल को तरकुलवा, बोलबम चौराहे से सुबह छह बजे के करीब पांच वर्षीय सईद पुत्र एहसान अहमद का अपहरण हो गया था। बच्चा ननिहाल पोखरभिंडा मां के साथ आया था। खोजबीन के बाद जब कोई जानकारी नहीं मिली तो सईद के नाना समिल हसन तरकुलवा में गुमशुदगी दर्ज कराई। दो दिन बाद सईद के परिजनों के मोबाइल पर 15 लाख रुपये फिरौती मांगी गई। जानकारी होते ही पुलिस हरकत में आई। सबूत के आधार पर पुलिस ने नाना समिल हसन की मकान में दुकान चलाने वाले कई लोगों से पूछताछ की।
शक की सुई हरपुर निवासी मंदीप कुशवाहा की तरफ गई। पूछताछ में मंदीप ने पुलिस को खूब छकाया। पुलिस के थर्ड डिग्री के इस्तेमाल से मंदीप कुशवाहा की हालत बिगड़ गई। कसया में भर्ती कराया गया। कई साक्ष्य पुलिस के हाथ लगे लेकिन अपह्रत बच्चे को पुलिस नहीं खोज पाई। जिस नंबर से फिरौती की मांग की जा रही थी वह दूसरे के नाम से था। जांच में पता चला कि बंजरिया का संदीप श्रीवास्तव, तुर्कपट्टी का शुभम पांडेय, पटेहरवा, तुलसीपट्टी निवासी अभिषेक गुप्ता और बाबूपट्टी निवासी उमेश कुशवाहा ने फिरौती के लिए सिमकार्ड उपलब्ध कराया था।
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पथरदेवा चौकी प्रभारी उप निरीक्षक गुफरान अंसारी ने बताया कि मंदीप ने ही बच्चे को अगवा किया था। उसने कई लोगों के साथ मिलकर फिरौती मांगी थी। सईद की खोजबीन चल रही है। उसके सकुशल होने की उम्मीद कम ही बची है।
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12 अप्रैल को तरकुलवा, बोलबम चौराहे से सुबह छह बजे के करीब पांच वर्षीय सईद पुत्र एहसान अहमद का अपहरण हो गया था। बच्चा ननिहाल पोखरभिंडा मां के साथ आया था। खोजबीन के बाद जब कोई जानकारी नहीं मिली तो सईद के नाना समिल हसन तरकुलवा में गुमशुदगी दर्ज कराई। दो दिन बाद सईद के परिजनों के मोबाइल पर 15 लाख रुपये फिरौती मांगी गई। जानकारी होते ही पुलिस हरकत में आई। सबूत के आधार पर पुलिस ने नाना समिल हसन की मकान में दुकान चलाने वाले कई लोगों से पूछताछ की।
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शक की सुई हरपुर निवासी मंदीप कुशवाहा की तरफ गई। पूछताछ में मंदीप ने पुलिस को खूब छकाया। पुलिस के थर्ड डिग्री के इस्तेमाल से मंदीप कुशवाहा की हालत बिगड़ गई। कसया में भर्ती कराया गया। कई साक्ष्य पुलिस के हाथ लगे लेकिन अपह्रत बच्चे को पुलिस नहीं खोज पाई। जिस नंबर से फिरौती की मांग की जा रही थी वह दूसरे के नाम से था। जांच में पता चला कि बंजरिया का संदीप श्रीवास्तव, तुर्कपट्टी का शुभम पांडेय, पटेहरवा, तुलसीपट्टी निवासी अभिषेक गुप्ता और बाबूपट्टी निवासी उमेश कुशवाहा ने फिरौती के लिए सिमकार्ड उपलब्ध कराया था।
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पथरदेवा चौकी प्रभारी उप निरीक्षक गुफरान अंसारी ने बताया कि मंदीप ने ही बच्चे को अगवा किया था। उसने कई लोगों के साथ मिलकर फिरौती मांगी थी। सईद की खोजबीन चल रही है। उसके सकुशल होने की उम्मीद कम ही बची है।