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मुखाग्नि देते ही नम हो गईं सबकी आंखंे
देवरिया
Updated Wed, 03 May 2017 10:50 PM IST
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शहीद सैनिक प्रेमसागर के बडे़ बेटे ने मुखाग्नि दी।
- फोटो : अमर उजाला
देवरिया। शहीद पिता प्रेमसागर को मुखाग्नि देते ही बेटा ईश्वरचंद फफक पड़ा। उसे आंखों से निकल रहे आंसू देख लोगों की आंखें भी नम हो गईं। इससे पूरा माहौल गमगीन हो गया। बीएसएफ जवानों ने साथी को अंतिम सलामी दी। वंदेमातरम और गोलियों की आवाज से आसमान गूंज उठा। वहां मौजूद लोगों ने पाकिस्तान विरोधी नारे लगाए।
कैबिनेट मंत्री सूर्यप्रताप शाही और डीएम सुजीत कुमार शहीद जवान के अंतिम संस्कार में मौजूद रहे। भाटपाररानी के टीकमपार के बीएसएफ जवान प्रेमसागर जम्मू के सांबा सेक्टर में सोमवार की सुबह शहीद हो गए। मंगलवार रात आठ बजे के बाद शहीद का पार्थिव शरीर गांव ले जाया गया था। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को बुलाने की मांग को लेकर गांववाले अड़ गए थे।
परिवारवाले भी ताबूत खोलकर अंतिम दर्शन कराने की मांग कर रहे थे। काफी समझाने के बाद भी मंगलवार की रात को शहीद प्रेमसागर का अंतिम संस्कार नहीं हो पाया था। देर रात कैबिनेट मंत्री सूर्यप्रताप शाही ने परिवारवालों की फोन पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से बात कराई। योगी ने तेरही के भीतर शहीद के घर आने का आश्वासन दिया। इसके बाद बुधवार की सुबह अंतिम संस्कार करने का फैसला हो पाया। सुबह शहीद की अर्थी उठते ही पूरा परिवार चीखकर रोने लगा। शहीद की पत्नी ज्ञानती पति की अर्थी उठते ही बेहोश हो गईं।
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वहां मौजूद हर आंखों में आंसू थे तो पाकिस्तान के खिलाफ नफरत भी। बड़ी बेटी सरोज और छोटी बेटी मनीषा ताबूत से लिपटकर रोने लगीं। दोनों बेटियां ताबूत छोड़ने का नाम ही नहीं ले रही थीं लेकिन लोगों ने किसी तरह उन्हें मनाया। गांव के पश्चिम अकड़हा पोखरे की ओर शहीद की अंतिम यात्रा बढ़ी तो हजारों लोग पीछे हो लिए। लोग ‘जब तक सूरज चांद रहेगा, प्रेमसागर तेेरा नाम रहेगा, प्रेमसागर अमर रहें, पाकिस्तान मुर्दाबाद के नारे लगा रहे थे।
अकड़हा पोखरे पर 7.35 बजे बड़े बेटे ईश्वरचंद ने चिता में अग्नि लगाई। इस दौरान सांसद रविंद्र कुशवाहा, विधायक डॉ. आशुतोष उपाध्याय, डीएम सुजीत कुमार, बीएसएफ के डीआईजी, एएसपी एनके सिंह, भाटपाररानी के एसडीएम रामकृष्ण यादव, सीओ बैजनाथ और बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि और लोग मौजूद रहे।
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कैबिनेट मंत्री सूर्यप्रताप शाही और डीएम सुजीत कुमार शहीद जवान के अंतिम संस्कार में मौजूद रहे। भाटपाररानी के टीकमपार के बीएसएफ जवान प्रेमसागर जम्मू के सांबा सेक्टर में सोमवार की सुबह शहीद हो गए। मंगलवार रात आठ बजे के बाद शहीद का पार्थिव शरीर गांव ले जाया गया था। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को बुलाने की मांग को लेकर गांववाले अड़ गए थे।
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परिवारवाले भी ताबूत खोलकर अंतिम दर्शन कराने की मांग कर रहे थे। काफी समझाने के बाद भी मंगलवार की रात को शहीद प्रेमसागर का अंतिम संस्कार नहीं हो पाया था। देर रात कैबिनेट मंत्री सूर्यप्रताप शाही ने परिवारवालों की फोन पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से बात कराई। योगी ने तेरही के भीतर शहीद के घर आने का आश्वासन दिया। इसके बाद बुधवार की सुबह अंतिम संस्कार करने का फैसला हो पाया। सुबह शहीद की अर्थी उठते ही पूरा परिवार चीखकर रोने लगा। शहीद की पत्नी ज्ञानती पति की अर्थी उठते ही बेहोश हो गईं।
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वहां मौजूद हर आंखों में आंसू थे तो पाकिस्तान के खिलाफ नफरत भी। बड़ी बेटी सरोज और छोटी बेटी मनीषा ताबूत से लिपटकर रोने लगीं। दोनों बेटियां ताबूत छोड़ने का नाम ही नहीं ले रही थीं लेकिन लोगों ने किसी तरह उन्हें मनाया। गांव के पश्चिम अकड़हा पोखरे की ओर शहीद की अंतिम यात्रा बढ़ी तो हजारों लोग पीछे हो लिए। लोग ‘जब तक सूरज चांद रहेगा, प्रेमसागर तेेरा नाम रहेगा, प्रेमसागर अमर रहें, पाकिस्तान मुर्दाबाद के नारे लगा रहे थे।
अकड़हा पोखरे पर 7.35 बजे बड़े बेटे ईश्वरचंद ने चिता में अग्नि लगाई। इस दौरान सांसद रविंद्र कुशवाहा, विधायक डॉ. आशुतोष उपाध्याय, डीएम सुजीत कुमार, बीएसएफ के डीआईजी, एएसपी एनके सिंह, भाटपाररानी के एसडीएम रामकृष्ण यादव, सीओ बैजनाथ और बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि और लोग मौजूद रहे।