{"_id":"575efd3f4f1c1b4d1f11b7ba","slug":"electricity-workers-protest","type":"story","status":"publish","title_hn":"मानदेय के लिए बिजली मजदूर सड़क पर उतरे","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
मानदेय के लिए बिजली मजदूर सड़क पर उतरे
deoria
Updated Tue, 14 Jun 2016 12:06 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
देवरिया में विद्युत संविदा मजदूर संगठन ने बकाया मानदेय भुगतान की मांग को लेकर सोमवार को प्रदर्शन किया। उनका कहना था कि बिजली विभाग के अधिकारी भुगतान में जान बूझ कर अवरोध डाल रहे हैं। बिजली मजदूरों का तेवर देख विभागीय अधिकारी सकते में आ गए। बवाल की आशंका से अधिकारियों ने खामोश रहने में भलाई समझी। जिलाधिकारी की अनुपस्थिति में एसडीएम को मांगपत्र दिया।
विद्युत वितरण खंड कुशीनगर, कसया, देवरिया और सलेमपुर के बिजली मजदूर सोमवार को अधीक्षण अभियंता कार्यालय में एकत्र हुए। यहां पर अधिकारियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। बिजली मजदूरों का तेवर देख अधिकारियों ने चुप रहने में भलाई समझी। हो-हल्ला के चलते कर्मचारियों का काम करना दुश्वार हो गया। किसी तरह कर्मचारी वहां से बाहर निकले।
इसके बाद अस्पताल रोड, बस स्टेशन होते हुए कलेक्ट्रेट परिसर में पहुंचें। जिलाधिकारी कार्यालय के सामने पहुंचकर नारेेबाजी शुरू कर दी। बिजली मजदूरों का कहना था कि ठेकेदार और अधिकारियों की मिलीभगत से मजदूरों का नुकसान हो रहा है। आठ महीने से अधिक का समय हो गया है लेकिन अब तक मानदेय भुगतान में कोई पहल नहीं की गई है।
विज्ञापन
बिजली मजदूरों के समक्ष भरण पोषण की समस्या खड़ी हो गई है। हालांकि अधिकारियों को कोई परवाह नहीं है। प्रदर्शन में मुकेश सिंह, गोरख यादव, अनिल कुमार, संजय दुबे, जयप्रकाश, रंजन सिंह, राकेश श्रीवास्तव, अमिताभ शुक्ल, बाबूलाल, विजय आदि शामिल रहे। उधर, अधीक्षण अभियंता कार्यालय परिसर में राजेश, नंदू तिवारी, सुग्रीव कुशवाहा, राजकिशोर दुबे, देवेंद्र पटेल का भूख हड़ताल पर बैठे रहे।
विज्ञापन
विद्युत वितरण खंड कुशीनगर, कसया, देवरिया और सलेमपुर के बिजली मजदूर सोमवार को अधीक्षण अभियंता कार्यालय में एकत्र हुए। यहां पर अधिकारियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। बिजली मजदूरों का तेवर देख अधिकारियों ने चुप रहने में भलाई समझी। हो-हल्ला के चलते कर्मचारियों का काम करना दुश्वार हो गया। किसी तरह कर्मचारी वहां से बाहर निकले।
विज्ञापन
इसके बाद अस्पताल रोड, बस स्टेशन होते हुए कलेक्ट्रेट परिसर में पहुंचें। जिलाधिकारी कार्यालय के सामने पहुंचकर नारेेबाजी शुरू कर दी। बिजली मजदूरों का कहना था कि ठेकेदार और अधिकारियों की मिलीभगत से मजदूरों का नुकसान हो रहा है। आठ महीने से अधिक का समय हो गया है लेकिन अब तक मानदेय भुगतान में कोई पहल नहीं की गई है।
विज्ञापन
बिजली मजदूरों के समक्ष भरण पोषण की समस्या खड़ी हो गई है। हालांकि अधिकारियों को कोई परवाह नहीं है। प्रदर्शन में मुकेश सिंह, गोरख यादव, अनिल कुमार, संजय दुबे, जयप्रकाश, रंजन सिंह, राकेश श्रीवास्तव, अमिताभ शुक्ल, बाबूलाल, विजय आदि शामिल रहे। उधर, अधीक्षण अभियंता कार्यालय परिसर में राजेश, नंदू तिवारी, सुग्रीव कुशवाहा, राजकिशोर दुबे, देवेंद्र पटेल का भूख हड़ताल पर बैठे रहे।