{"_id":"5834846e4f1c1be73413af2f","slug":"clay-crushed-to-death-two-children-three-injured","type":"story","status":"publish","title_hn":"मिट्टी में दबने से दो बच्चों की मौत, तीन जख्मी","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
मिट्टी में दबने से दो बच्चों की मौत, तीन जख्मी
देवरिया
Updated Tue, 22 Nov 2016 11:16 PM IST
विज्ञापन
अस्पताल में पहुंचे लोगों की आंखें भर आईं।
- फोटो : नीलांबुज
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सलेमपुर (देवरिया)। बकरी चराने गए दो बच्चों की मिट्टी के अड़ार में दबने से मौत हो गई। तीन बच्चे घायल हो गए। गंभीर रूप से घायलों को जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। यह हादसा खेलते वक्त हुुआ।
मधवापुर गांव में बच्चे रोज की तरह बकरी चराने गए थे। उसी दौरान वे एक खेत में ईंट-भट्ठे के लिए खुदाई की गई मिट्टी के अड़ार पर खेलने लगे। करीब 12 बजे अचानक अड़ार टूट गया, जिससे इंदल का सात वर्षीय बेटा इशू, रामछबिला का आठ वर्षीय बेटा रितेश उर्फ रवि, पतिराज का 15 वर्षीय बेटा रोहित, बल्लन की 10 वर्षीय बेटी भागमनी और मुनीम की 10 वर्षीय बेटी निर्मला दब गईं।
वहां मौजूद अन्य बच्चों के शोर मचाने पर गांववाले दौड़े और मशक्कत के बाद मिट्टी में दबे बच्चों को निकालकर अस्पताल पहुंचाया। डॉक्टर ने इशू और रितेश को मृत घोषित कर दिया। इस घटना की खबर मिलते ही गांववाले कोतवाली पहुंच गए और हादसे में मारे गए बच्चों के घरवालों को मुआवजा देने की मांग करने लगे। एसडीएम आरपी तिवारी ने सरकारी योजना के तहत मिलने वाली आर्थिक मदद देने का आश्वासन दिया।
विज्ञापन
इसके बाद गमजदां लोग शांत हुए। कोतवाल ने बताया कि लाश को पीएम के लिए भेज दिया गया है। इस मामले में मदन प्रसाद की तहरीर पर सात अज्ञात लोगों पर गैर इरादतन हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया है।
विज्ञापन
मधवापुर गांव में बच्चे रोज की तरह बकरी चराने गए थे। उसी दौरान वे एक खेत में ईंट-भट्ठे के लिए खुदाई की गई मिट्टी के अड़ार पर खेलने लगे। करीब 12 बजे अचानक अड़ार टूट गया, जिससे इंदल का सात वर्षीय बेटा इशू, रामछबिला का आठ वर्षीय बेटा रितेश उर्फ रवि, पतिराज का 15 वर्षीय बेटा रोहित, बल्लन की 10 वर्षीय बेटी भागमनी और मुनीम की 10 वर्षीय बेटी निर्मला दब गईं।
विज्ञापन
वहां मौजूद अन्य बच्चों के शोर मचाने पर गांववाले दौड़े और मशक्कत के बाद मिट्टी में दबे बच्चों को निकालकर अस्पताल पहुंचाया। डॉक्टर ने इशू और रितेश को मृत घोषित कर दिया। इस घटना की खबर मिलते ही गांववाले कोतवाली पहुंच गए और हादसे में मारे गए बच्चों के घरवालों को मुआवजा देने की मांग करने लगे। एसडीएम आरपी तिवारी ने सरकारी योजना के तहत मिलने वाली आर्थिक मदद देने का आश्वासन दिया।
विज्ञापन
इसके बाद गमजदां लोग शांत हुए। कोतवाल ने बताया कि लाश को पीएम के लिए भेज दिया गया है। इस मामले में मदन प्रसाद की तहरीर पर सात अज्ञात लोगों पर गैर इरादतन हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया है।