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एक और नामजद आरोपी गिरफ्तार
देवरिया
Updated Mon, 23 Jan 2017 11:18 PM IST
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जेल
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रुद्रपुर। बहुचर्चित मदनपुर कांड में पुलिस ने सोमवार को पुलिस एक और नामजद को गिरफ्तार किया। पुलिस अभी उसके नाम का खुलासा नहीं कर रही है। पकड़े गए युवक से पुलिस फरार आरोपियों के ठिकानों के बारे में जानकारी जुटा रही है। पुलिस मदनपुर थाना फूंकने के नामजद 43 आरोपियों में से अब तक सिर्फ सात आरोपियों की गिरफ्तारी कर पाई है। दबाव बनाने के लिए नामजदों के घर की कुर्की को पुलिस न्यायालय को रिपोर्ट भेजने की तैयारी भी कर रही है।
बीते चार जनवरी को मदनपुर में उन्मादी भीड़ ने थाना में आग लगा दी थी। उपद्रवियों ने थाना परिसर में ढाई घंटे तक तांडव किया। उन्होंने पुलिसकर्मियों को पीटने के बाद थाने पर कब्जा जमाकर आगजनी करनी शुरू कर दी। इस घटना में पुलिस और पब्लिक की दर्जनों गाड़ियां तबाह हो गईं। सरकारी और निजी असलहों को जला दिए गए। पुलिस और पब्लिक के असलहे लूट ले गए। करीब दो हजार की भीड़ ने नगर और थाना परिसार में कोहराम मचा दिया। इस घटना में पुलिस को बैकफुट पर जाना पड़ा।
थाना जलाने के प्रदेश के सबसे शर्मनाक घटना के बाद भी कार्रवाई शिथिल रही। थाने पर हमले के 24 घंटे बाद भी पुलिस कार्रवाई में नहीं जुट पाई। इस कारण थाना जलाने और हथियार लूटने में लिप्त लोग गांव छोड़कर फरार होने में कामयाब हो गए। मामले में पुलिस ने थानाध्यक्ष की तहरीर पर 43 नामजद और 1000 अज्ञात लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया।
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नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी को चार जिले एसओ की दस टीमें बनाकर दबिश दी गई। गिरफ्तारी को भारी भरकम फोर्स लगाने के बाद भी अब तक सिर्फ सात लोग ही गिरफ्तार हो पाए हैं। सीओ नागेंद्र सिंह ने कहा कि नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी को लगातार दबिश दी जा रही है। दबाव बनाने को कुर्की की रिपोर्ट तैयार कर ली गई है। जल्द ही कोर्ट में दाखिल कर अनुमति ले ली जाएगी।
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बीते चार जनवरी को मदनपुर में उन्मादी भीड़ ने थाना में आग लगा दी थी। उपद्रवियों ने थाना परिसर में ढाई घंटे तक तांडव किया। उन्होंने पुलिसकर्मियों को पीटने के बाद थाने पर कब्जा जमाकर आगजनी करनी शुरू कर दी। इस घटना में पुलिस और पब्लिक की दर्जनों गाड़ियां तबाह हो गईं। सरकारी और निजी असलहों को जला दिए गए। पुलिस और पब्लिक के असलहे लूट ले गए। करीब दो हजार की भीड़ ने नगर और थाना परिसार में कोहराम मचा दिया। इस घटना में पुलिस को बैकफुट पर जाना पड़ा।
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थाना जलाने के प्रदेश के सबसे शर्मनाक घटना के बाद भी कार्रवाई शिथिल रही। थाने पर हमले के 24 घंटे बाद भी पुलिस कार्रवाई में नहीं जुट पाई। इस कारण थाना जलाने और हथियार लूटने में लिप्त लोग गांव छोड़कर फरार होने में कामयाब हो गए। मामले में पुलिस ने थानाध्यक्ष की तहरीर पर 43 नामजद और 1000 अज्ञात लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया।
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नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी को चार जिले एसओ की दस टीमें बनाकर दबिश दी गई। गिरफ्तारी को भारी भरकम फोर्स लगाने के बाद भी अब तक सिर्फ सात लोग ही गिरफ्तार हो पाए हैं। सीओ नागेंद्र सिंह ने कहा कि नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी को लगातार दबिश दी जा रही है। दबाव बनाने को कुर्की की रिपोर्ट तैयार कर ली गई है। जल्द ही कोर्ट में दाखिल कर अनुमति ले ली जाएगी।