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नियमों को दरकिनार कर अधिकारियों ने दिखाई दरियाली
Updated Tue, 14 Aug 2018 11:44 PM IST
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देवरिया -3
अफसरों ने भी गिरिजा पर दिखाई दरियादिली
पूर्व डीएम के आदेश पर गिरिजा की शिक्षक बहू थी संस्था से संबद्ध
दो साल तक किया शिक्षण कार्य, पूर्व बीएसए ने आदेश निरस्त किया
सुनील कुमार सिंह
देवरिया। बड़े अधिकारियों ने भी मां विंध्यवासिनी महिला प्रशिक्षण एवं समाज सेवा संस्थान की अध्यक्ष गिरिजा त्रिपाठी पर खूब दरियादिली दिखाई थी। इनमें पूर्व डीएम अनीता श्रीवास्तव भी थीं। जिन्होंने गिरिजा की शिक्षक बहू को उसकी संस्था में शिक्षण कार्य के लिए संबद्ध करने का आदेश जारी कर दिया था।
गिरिजा त्रिपाठी का बेटा और बहू शिक्षक हैं। पुत्र प्रदीप त्रिपाठी भलुअनी ब्लॉक में प्रधानाध्यापक पद पर तैनात है तो बहू प्रियंका सदर ब्लॉक के प्राथमिक विद्यालय चौबरिया में सहायक अध्यापक पद पर। एक अप्रैल 2016 को तत्कालीन डीएम अनीता श्रीवास्तव ने उस समय के बीएसए मनोज मिश्र को आदेश दिया था कि प्रियंका को मां विंध्यवासिनी महिला प्रशिक्षण एवं समाज सेवा संस्थान की ओर से स्टेशन रोड पर संचालित बालगृह बालिका में शिक्षण कार्य के लिए संबद्ध कर दिया जाए। यह आदेश लगभग दो साल तक प्रभावी रहा। इस बीच कई डीएम और कई बीएसए आए, लेकिन किसी का ध्यान इस पर नहीं गया। पूर्व बीएसए उपेंद्र कुमार ने अप्रैल में सभी की संबद्धता समाप्त करने का आदेश दिया। इसके बाद प्रियंका अपने मूल विद्यालय पर वापस हो गईं। अब जब देवरिया बालिका गृह का मामला उठा तो बेसिक शिक्षा विभाग में इस बात की चर्चा होने लगी है कि गिरिजा त्रिपाठी ने अपनी पहुंच के बल पर ऐसा करा लिया था।
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अफसरों ने भी गिरिजा पर दिखाई दरियादिली
पूर्व डीएम के आदेश पर गिरिजा की शिक्षक बहू थी संस्था से संबद्ध
दो साल तक किया शिक्षण कार्य, पूर्व बीएसए ने आदेश निरस्त किया
सुनील कुमार सिंह
देवरिया। बड़े अधिकारियों ने भी मां विंध्यवासिनी महिला प्रशिक्षण एवं समाज सेवा संस्थान की अध्यक्ष गिरिजा त्रिपाठी पर खूब दरियादिली दिखाई थी। इनमें पूर्व डीएम अनीता श्रीवास्तव भी थीं। जिन्होंने गिरिजा की शिक्षक बहू को उसकी संस्था में शिक्षण कार्य के लिए संबद्ध करने का आदेश जारी कर दिया था।
गिरिजा त्रिपाठी का बेटा और बहू शिक्षक हैं। पुत्र प्रदीप त्रिपाठी भलुअनी ब्लॉक में प्रधानाध्यापक पद पर तैनात है तो बहू प्रियंका सदर ब्लॉक के प्राथमिक विद्यालय चौबरिया में सहायक अध्यापक पद पर। एक अप्रैल 2016 को तत्कालीन डीएम अनीता श्रीवास्तव ने उस समय के बीएसए मनोज मिश्र को आदेश दिया था कि प्रियंका को मां विंध्यवासिनी महिला प्रशिक्षण एवं समाज सेवा संस्थान की ओर से स्टेशन रोड पर संचालित बालगृह बालिका में शिक्षण कार्य के लिए संबद्ध कर दिया जाए। यह आदेश लगभग दो साल तक प्रभावी रहा। इस बीच कई डीएम और कई बीएसए आए, लेकिन किसी का ध्यान इस पर नहीं गया। पूर्व बीएसए उपेंद्र कुमार ने अप्रैल में सभी की संबद्धता समाप्त करने का आदेश दिया। इसके बाद प्रियंका अपने मूल विद्यालय पर वापस हो गईं। अब जब देवरिया बालिका गृह का मामला उठा तो बेसिक शिक्षा विभाग में इस बात की चर्चा होने लगी है कि गिरिजा त्रिपाठी ने अपनी पहुंच के बल पर ऐसा करा लिया था।
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