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पेंटर की हत्या, गांव के बाहर लाश फेंकी

Sun, 06 May 2018 11:25 PM IST
Updated Sun, 06 May 2018 11:25 PM IST
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पेंटर की हत्या, गांव के बाहर लाश फेंकी
धनन्जय का फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
बरहज। मदनपुर थानाक्षेत्र के भदिला प्रथम गांव में रविवार की सुबह एक पेंटर की लाश मिली। उसका गला गमछे से कसा था। चेहरे पर धारदार हथियार से हमले के निशान मिले। पहचान के बाद पुलिस ने शव को कब्जे में ले लिया है। घटना के पीछे प्रेम-प्रसंग को कारण माना जा रहा है। पिता की तहरीर पर पुलिस ने एक नामजद सहित तीन लोगों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। छानबीन शुरू कर दी है।
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मदनपुर थानाक्षेत्र के भदिला प्रथम गांव निवासी सुखनंदन साहनी का बेटा धनंजय (25) पेंटिंग का काम करता है। परिजनों के मुताबिक शनिवार की रात वह गांव के पंचायत भवन में ही सोने की बात कह घर से निकला। सुबह वापस नहीं लौटने पर घर वाले पंचायत भवन पहुंचे तो वह नदारद था। खोजबीन के दौरान गांव के बाहर निर्जन स्थान पर उसकी लाश मिली। उसके चेहरे पर धारदार हथियार से चोट के निशान, आंख पर घूंसा, पैरों में रस्सी और गले में गमछा कसा हुआ था। मौके से पुलिस ने एक छीनी बरामद की है। धनंजय की हत्या को लेकर लोगों में तरह-तरह की चर्चा है। सूचना पर एएसपी दक्षिणी गणेश साहा, उत्तरी सुरेंद्र बहादुर सिंह, सीओ रुद्रपुर बृजेंद्र राय घटनास्थल पर पहुंचे। इस संबंध में प्रभारी थाना निरीक्षक मदनपुर भीष्मपाल सिंह ने बताया कि पिता की तहरीर पर एक नामजद समेत तीन लोगों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया है। मामला प्रेम-प्रसंग का प्रतीत हो रहा है। हर पहलू पर जांच की जा रही है। जल्द ही हत्यारे पुलिस की गिरफ्त में होंगे।
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मंगल गीतों की जगह मची चीख-पुकार
बरहज। भदिला प्रथम गांव निवासी धनंजय साहनी केरल में पेंटर का काम करता था। वह तीन दिन पूर्व चचेरी बहन सोनमती की शादी और अपने फलदान के सिलसिले में गांव आया था। उसकी हुई हत्या से परिवार में कोहराम मच गया है। मंगल गीतों की जगह चीख-पुकार मच गई है। सुखनंदन साहनी की छह संतान रामानंद, राजीव, प्रवीण, रमिता और राजमती में धनंजय तीसरे नंबर पर था। वह मकान पेंटिंग का कुशल कारीगर था। छह मई को चचेरी बहन की बारात संतकबीरनगर से आनी थी, जबकि गोरखपुर के मछरगांवां से उसके फलदान के लिए लोग आने वाले थे। लोगों को क्या पता था कि खुशी मातम में बदल जाएगी। धनंजय की हत्या से मां बसंती देवी का रो-रोकर बुरा हाल है। बारात आने वाले घर पर शहनाई की जगह चीख-पुकार मची थी। सोनमती की शादी और आने वाली बारात को लेकर लोग असमंजस में हैं।
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