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निजी अस्पताल में प्रसूता की मौत पर हंगामा
Updated Fri, 07 Sep 2018 10:42 PM IST
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जिला कारगार के सामने संजीवनी नरत्गि होम में प्रसुता के मौत के बाद बच्चे को गोद में लेकर लापरवाही का आरोप लगाते घर वाले।
- फोटो : अमर उजाला
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देवरिया। निजी अस्पताल में भर्ती प्रसूता की शुक्रवार की भोर में मौत हो गई। इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए परिवारवालों ने हंगामा खड़ा कर दिया। मौके पर पहुंची पुलिस ने मामले को शांत कराया। पति की तहरीर पर कोतवाली पुलिस ने संजीवनी हॉस्पिटल की डॉक्टर और कर्मचारियों के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का केस दर्ज कर लिया है। मामले की छानबीन की जा रही है।
सलेमपुर कोतवाली इलाके के बभनौली पांडेय गांव निवासी सत्यनारायण पांडेय की शादी तीन साल पूर्व शालिनी पांडेय से हुई थी। पत्नी के गर्भवती होने पर वह संजीवनी हॉस्पिटल में नियमित चेकअप कराते रहे। सत्यनारायण के मुताबिक डॉक्टर ने भरोसा दिया था कि नार्मल डिलीवरी हो जाएगी। डॉक्टर की सलाह पर चार सितंबर को मरीज को भर्ती करा दिया गया। पांच सितंबर को अचानक से डॉक्टर ने ऑपरेशन करने की बात कही। जैसे-तैसे रुपये का इंतजाम कर दिया गया। दिन में एक बजे ऑपरेशन से बच्ची पैदा हुई। डॉक्टर ने पत्नी के पेट में टांका लगा दिया। उसी दिन से पत्नी का पेट फूलने लगा था। डॉक्टर से कहने पर गैस होने की बात कहकर इंजेक्शन लगवा देती थी। शुक्रवार की भोर में पत्नी की मौत हो गई। सूचना मिलते ही परिवार के लोग अस्पताल में हंगामा करने लगे। सूचना पर पहुंची पुलिस ने समझा कर मामले को शांत कराया। सत्यनारायण ने कोतवाली पुलिस को तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की। तहरीर के आधार पर कोतवाली पुलिस ने संजीवनी हॉस्पिटल की डॉ. रेनू जायसवाल और उनके कर्मचारियों के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का केस दर्ज कर लिया है। सदर कोतवाल विजय नारायण का कहना है कि केस दर्ज कर लिया गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिलने पर धाराओं में बढ़ोत्तरी की जा सकती है। उधर, चिकित्सक डॉ. रेनू ने आरोपों को निराधार बताया है। कहा कि इलाज में कोई लापरवाही नहीं हुई। कुछ लोगों ने मामले को बेवजह तूल दिया है।
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सलेमपुर कोतवाली इलाके के बभनौली पांडेय गांव निवासी सत्यनारायण पांडेय की शादी तीन साल पूर्व शालिनी पांडेय से हुई थी। पत्नी के गर्भवती होने पर वह संजीवनी हॉस्पिटल में नियमित चेकअप कराते रहे। सत्यनारायण के मुताबिक डॉक्टर ने भरोसा दिया था कि नार्मल डिलीवरी हो जाएगी। डॉक्टर की सलाह पर चार सितंबर को मरीज को भर्ती करा दिया गया। पांच सितंबर को अचानक से डॉक्टर ने ऑपरेशन करने की बात कही। जैसे-तैसे रुपये का इंतजाम कर दिया गया। दिन में एक बजे ऑपरेशन से बच्ची पैदा हुई। डॉक्टर ने पत्नी के पेट में टांका लगा दिया। उसी दिन से पत्नी का पेट फूलने लगा था। डॉक्टर से कहने पर गैस होने की बात कहकर इंजेक्शन लगवा देती थी। शुक्रवार की भोर में पत्नी की मौत हो गई। सूचना मिलते ही परिवार के लोग अस्पताल में हंगामा करने लगे। सूचना पर पहुंची पुलिस ने समझा कर मामले को शांत कराया। सत्यनारायण ने कोतवाली पुलिस को तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की। तहरीर के आधार पर कोतवाली पुलिस ने संजीवनी हॉस्पिटल की डॉ. रेनू जायसवाल और उनके कर्मचारियों के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का केस दर्ज कर लिया है। सदर कोतवाल विजय नारायण का कहना है कि केस दर्ज कर लिया गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिलने पर धाराओं में बढ़ोत्तरी की जा सकती है। उधर, चिकित्सक डॉ. रेनू ने आरोपों को निराधार बताया है। कहा कि इलाज में कोई लापरवाही नहीं हुई। कुछ लोगों ने मामले को बेवजह तूल दिया है।
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