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सड़क हादसे में एक मजदूर की मौत, दो घायल
Updated Sun, 03 Sep 2017 06:03 PM IST
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भटनी (देवरिया) । अचानक लोडेड ट्राली पलटने से एक मजदूर की मौत हो गई और दो घायल हो गए। घायलों का इलाज जिला अस्पताल में चल रहा है। मजदूर का शव पुलिस ने कब्जे में ले लिया। इसकी खबर मिलते ही घर वालों में कोहराम मच गया।
एकलाआम के एक ईंट-भट्ठे से ट्रैक्टर-ट्राली राबिश लेकर बेहरा डाबर गांव में रविवार को जा रहा था। लोडेड ट्राली पर बेहरा डाबर गांव निवासी मजदूर विनय कुमार शर्मा 21, सन्नी शर्मा 14 और राहुल यादव 16 बैठे थे। सुबह करीब आठ बजे ट्राली जिगिना मिश्र गांव के मोड़ पर पहुंची थी कि अचानक साइकिल सवार एक लड़का ट्रेक्टर के सामने आ गया। इसे बचाने की चक्कर में ट्राली पलट गई और तीनों मजदूर दब गए। यह देख ट्रैक्टर पर मौजूद मजदूर और चालक शोर मचाने लगे। लोगों की मदद से मजदूरों को किसी तरह बाहर निकाला गया। लोग तीनों को लेकर पीएचसी पहुंचे। इलाज नहीं मिलने पर एंबुलेंस से लेकर जिला अस्पताल आए। राहुल को डॉक्टर ने मृत घोषित कर दिया। इसकी खबर गांव पहुंची तो महिलाओं में चीख-पुकार मच गई। सदर कोतवाल नीतिश श्रीवास्तव ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया।
इनसेट में
...तो बच सकती थी जान
भटनी। दुर्घटना के बाद घायलों को लेकर लोग पीएचसी पर पहुंचे। इमरजेंसी में कोई डॉक्टर मौजूद नहीं था। इसकी जानकारी होने पर लोग हंगामा करने लगे। लोग एंबुलेंस की व्यवस्था कर घायलों का जिला अस्पताल लाए, जहां राहुल की मौत हो गई। लोगों का कहना है कि अगर प्राथमिक उपचार पीएचसी पर मिल गया होता तो शायद राहुल की जान बच सकती थी। इसके पूर्व भी ऐसी लापरवाही भटनी पीएचसी पर सामने आई है।
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इनसेट में
हादसे के बाद फरिश्ता बनकर आए लोग
भटनी। पुलिस की मिलीभगत से भटनी में एक ट्रैक्टर में दो ट्राली जोड़कर मिट्टी, राबिश ढो रही है। इसकी वजह से हादसे का डर बन रह रहा है। रविवार को जो हादसा हुआ उसमें भी दो ट्राली एक साथ लगी थी। हादसे के बाद आस-पास के लोग फरिश्ता बनकर आए और दस मिनट में ट्राली में दबे मजदूरों को ट्रैैक्टर की मदद से निकाल दिया लेकिन सूचना के बाद भी पुलिस मौके पर नहीं पहुंची।
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एकलाआम के एक ईंट-भट्ठे से ट्रैक्टर-ट्राली राबिश लेकर बेहरा डाबर गांव में रविवार को जा रहा था। लोडेड ट्राली पर बेहरा डाबर गांव निवासी मजदूर विनय कुमार शर्मा 21, सन्नी शर्मा 14 और राहुल यादव 16 बैठे थे। सुबह करीब आठ बजे ट्राली जिगिना मिश्र गांव के मोड़ पर पहुंची थी कि अचानक साइकिल सवार एक लड़का ट्रेक्टर के सामने आ गया। इसे बचाने की चक्कर में ट्राली पलट गई और तीनों मजदूर दब गए। यह देख ट्रैक्टर पर मौजूद मजदूर और चालक शोर मचाने लगे। लोगों की मदद से मजदूरों को किसी तरह बाहर निकाला गया। लोग तीनों को लेकर पीएचसी पहुंचे। इलाज नहीं मिलने पर एंबुलेंस से लेकर जिला अस्पताल आए। राहुल को डॉक्टर ने मृत घोषित कर दिया। इसकी खबर गांव पहुंची तो महिलाओं में चीख-पुकार मच गई। सदर कोतवाल नीतिश श्रीवास्तव ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया।
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...तो बच सकती थी जान
भटनी। दुर्घटना के बाद घायलों को लेकर लोग पीएचसी पर पहुंचे। इमरजेंसी में कोई डॉक्टर मौजूद नहीं था। इसकी जानकारी होने पर लोग हंगामा करने लगे। लोग एंबुलेंस की व्यवस्था कर घायलों का जिला अस्पताल लाए, जहां राहुल की मौत हो गई। लोगों का कहना है कि अगर प्राथमिक उपचार पीएचसी पर मिल गया होता तो शायद राहुल की जान बच सकती थी। इसके पूर्व भी ऐसी लापरवाही भटनी पीएचसी पर सामने आई है।
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हादसे के बाद फरिश्ता बनकर आए लोग
भटनी। पुलिस की मिलीभगत से भटनी में एक ट्रैक्टर में दो ट्राली जोड़कर मिट्टी, राबिश ढो रही है। इसकी वजह से हादसे का डर बन रह रहा है। रविवार को जो हादसा हुआ उसमें भी दो ट्राली एक साथ लगी थी। हादसे के बाद आस-पास के लोग फरिश्ता बनकर आए और दस मिनट में ट्राली में दबे मजदूरों को ट्रैैक्टर की मदद से निकाल दिया लेकिन सूचना के बाद भी पुलिस मौके पर नहीं पहुंची।