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‘दिव्यांग हो तो पेंशन पर चले जाओ’
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सिपाही
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देवरिया। मार्ग दुर्घटना में एक पैर गंवा चुका सिपाही फील्ड ड्यूटी से राहत की फरियाद लेकर एसपी के पास पहुंचा तो उसे एसपी की खरी-खरी सुननी पड़ी। कहा कि विभाग में दिव्यांग की जरूरत नहीं है। यहां तो दौड़ने वाला सिपाही चाहिए। दिक्कत है तो पेंशन पर चले जाओ। एसपी की बातें सुन सिपाही की आंखें भर आई।
डायल-100 में तैनात सिपाही आनंद सिंह महराजगंज का रहने वाला है। छह महीना पहले वह पर छुट्टी गया था और वहां दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल हो गया। बायां पैर पूरी तरह से कुचल गया था। इस कारण घुटने के नीचे से पैर काटना पड़ा। उपचार के बाद शुक्रवार को आनंद एसपी कार्यालय पहुंचा। यहां एसपी को प्रार्थना-पत्र देकर कहीं कार्यालय में अटैच करने की गुजारिश की। सिपाही आनंद का प्रार्थना-पत्र देखते ही एसपी बोले कि विभाग में दौड़ने वाले सिपाहियों की जरूरत है। ऑफिस में कौन सा काम कर लोगे? क्यों ऐसा किया जाए? क्यों नहीं पेंशन लेकर चले जाते हो? एसपी प्रमोद कुमार के इस जवाब से दिव्यांग हुआ सिपाही काफी मर्माहत था। वहीं, कार्यालय में मौजूद विभागीय और अन्य लोग भी एसपी के इस जवाब से हतप्रभ दिखे। लोगों का कहना था कि एसपी को सिपाही के आवेदन पर सहानुभूति पूर्वक विचार करना चाहिए। दूसरी तरफ आंखों में आंसू लिए सिपाही कार्यालय से बाहर निकल गया। हालांकि एसपी प्रमोद कुमार ने उसका आवेदन रख लिया। उनका कहना था कि ऑफिस की जरूरत और दक्षता के अनुसार प्रार्थना पत्र पर कार्रवाई की जाएगी।
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डायल-100 में तैनात सिपाही आनंद सिंह महराजगंज का रहने वाला है। छह महीना पहले वह पर छुट्टी गया था और वहां दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल हो गया। बायां पैर पूरी तरह से कुचल गया था। इस कारण घुटने के नीचे से पैर काटना पड़ा। उपचार के बाद शुक्रवार को आनंद एसपी कार्यालय पहुंचा। यहां एसपी को प्रार्थना-पत्र देकर कहीं कार्यालय में अटैच करने की गुजारिश की। सिपाही आनंद का प्रार्थना-पत्र देखते ही एसपी बोले कि विभाग में दौड़ने वाले सिपाहियों की जरूरत है। ऑफिस में कौन सा काम कर लोगे? क्यों ऐसा किया जाए? क्यों नहीं पेंशन लेकर चले जाते हो? एसपी प्रमोद कुमार के इस जवाब से दिव्यांग हुआ सिपाही काफी मर्माहत था। वहीं, कार्यालय में मौजूद विभागीय और अन्य लोग भी एसपी के इस जवाब से हतप्रभ दिखे। लोगों का कहना था कि एसपी को सिपाही के आवेदन पर सहानुभूति पूर्वक विचार करना चाहिए। दूसरी तरफ आंखों में आंसू लिए सिपाही कार्यालय से बाहर निकल गया। हालांकि एसपी प्रमोद कुमार ने उसका आवेदन रख लिया। उनका कहना था कि ऑफिस की जरूरत और दक्षता के अनुसार प्रार्थना पत्र पर कार्रवाई की जाएगी।
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