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कोतवाल के सामने ही महिला सिपाही और दीवान भिड़े
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कोतवाल के सामने ही महिला सिपाही और दीवान भिड़े
सलेमपुर। दो पक्षों में सुलह होने के बाद भी बृहस्पतिवार को कोतवाली में रकम की वापसी के लिए दीवान और महिला सिपाही में तू-तू, मैं-मैं शुरू हो गई। कोतवाल की मौजूदगी में हुई घटना के दौरान कई फरियादी भी उपस्थित थे। दोनों ने एक दूसरे को धमकी भी दी। कोतवाल ने समझा बुझाकर शांत कराया।
कोतवाली थाना क्षेत्र के अहिरौली गांव की संध्या देवी व नगर की हरैया वार्ड की उषा देवी के बीच किसी बात पर कई दिनों से विवाद चल रहा था। मामला जब कोतवाली पहुंचा तो थाने के एक दीवान ने इस मामले में उषा देवी से 14 हजार रुपये में सुलह की बात तय की। उसमें 10 हजार रुपये पीड़ित को दिया गया और चार हजार रुपए दीवान ने खुद रख लिया। पैसा देने के बाद भी जब मामला नहीं सुलझा तो बुधवार को संध्या देवी ने एसपी कार्यालय आकर दीवान पर रकम लेने का आरोप लगाते हुए प्रार्थनापत्र दिया। प्रकरण की जांच सीओ सलेमपुर को दी गई। मामले के निराकरण के लिए कोतवाल नवीन कुमार मिश्र ने दोनों पक्षों को बृहस्पतिवार को थाने बुलाया और उनका बयान लेेने के लिए महिला डेस्क पर तैनात महिला कांस्टेबल प्रीति सिंह को लगाया। दोनों महिलाएं महिलाएं हेल्प डेस्क पर बैठकर बयान दर्ज करा रही थीं। इसी बीच आरोपी दीवान पहुंच गया और सिपाही प्रीति सिंह के पास से फरियादी उषा देवी की बांह पकड़कर बाहर ले जाने लगा। महिला फरियादी को घसीटने की बात महिला सिपाही को खराब लगी। उसने इसका विरोध किया तो दीवान आग बबूला हो गया। महिला सिपाही ने भी उसी भाषा में समझाया तो दीवान चिल्लाने लगा। फिर दोनों के बीच कहासुनी और नोकझोंक हो गई। मामला इतना बढ़ गया कि दोनों एक दूसरे को देख लेने की धमकी भी देने लगे। इसके बाद कोतवाल व एसआई ने दोनों को डांटकर मामला शांत कराया। कोतवाल नवीन मिश्र ने बताया कि महिला का बयान दर्ज हो रहा था। इसी दौरान दोनों पुलिसकर्मियों के बीच कहासुनी और तू-तू मैं-मैं हो गई। मामले को शांत करा दिया गया है। दीवान ने जो पैसा लिया था उसे पीड़िता को दिलवा दिया गया है।
दीवान और महिला सिपाही के बीच किस बात पर कहासुनी हुई, मुझे थाने के किसी जिम्मेदार ने बताया नहीं है। कुछ लोगों का फोन जरूर इस संबंध में आया था कि ऐसा हुआ है। मामले को उच्चाधिकारियों के संज्ञान में लाया जाएगा। जो दोषी होगा कार्रवाई होगी। -कपिल मुनी सिंह
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सीओ सलेमपुर
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सलेमपुर। दो पक्षों में सुलह होने के बाद भी बृहस्पतिवार को कोतवाली में रकम की वापसी के लिए दीवान और महिला सिपाही में तू-तू, मैं-मैं शुरू हो गई। कोतवाल की मौजूदगी में हुई घटना के दौरान कई फरियादी भी उपस्थित थे। दोनों ने एक दूसरे को धमकी भी दी। कोतवाल ने समझा बुझाकर शांत कराया।
कोतवाली थाना क्षेत्र के अहिरौली गांव की संध्या देवी व नगर की हरैया वार्ड की उषा देवी के बीच किसी बात पर कई दिनों से विवाद चल रहा था। मामला जब कोतवाली पहुंचा तो थाने के एक दीवान ने इस मामले में उषा देवी से 14 हजार रुपये में सुलह की बात तय की। उसमें 10 हजार रुपये पीड़ित को दिया गया और चार हजार रुपए दीवान ने खुद रख लिया। पैसा देने के बाद भी जब मामला नहीं सुलझा तो बुधवार को संध्या देवी ने एसपी कार्यालय आकर दीवान पर रकम लेने का आरोप लगाते हुए प्रार्थनापत्र दिया। प्रकरण की जांच सीओ सलेमपुर को दी गई। मामले के निराकरण के लिए कोतवाल नवीन कुमार मिश्र ने दोनों पक्षों को बृहस्पतिवार को थाने बुलाया और उनका बयान लेेने के लिए महिला डेस्क पर तैनात महिला कांस्टेबल प्रीति सिंह को लगाया। दोनों महिलाएं महिलाएं हेल्प डेस्क पर बैठकर बयान दर्ज करा रही थीं। इसी बीच आरोपी दीवान पहुंच गया और सिपाही प्रीति सिंह के पास से फरियादी उषा देवी की बांह पकड़कर बाहर ले जाने लगा। महिला फरियादी को घसीटने की बात महिला सिपाही को खराब लगी। उसने इसका विरोध किया तो दीवान आग बबूला हो गया। महिला सिपाही ने भी उसी भाषा में समझाया तो दीवान चिल्लाने लगा। फिर दोनों के बीच कहासुनी और नोकझोंक हो गई। मामला इतना बढ़ गया कि दोनों एक दूसरे को देख लेने की धमकी भी देने लगे। इसके बाद कोतवाल व एसआई ने दोनों को डांटकर मामला शांत कराया। कोतवाल नवीन मिश्र ने बताया कि महिला का बयान दर्ज हो रहा था। इसी दौरान दोनों पुलिसकर्मियों के बीच कहासुनी और तू-तू मैं-मैं हो गई। मामले को शांत करा दिया गया है। दीवान ने जो पैसा लिया था उसे पीड़िता को दिलवा दिया गया है।
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दीवान और महिला सिपाही के बीच किस बात पर कहासुनी हुई, मुझे थाने के किसी जिम्मेदार ने बताया नहीं है। कुछ लोगों का फोन जरूर इस संबंध में आया था कि ऐसा हुआ है। मामले को उच्चाधिकारियों के संज्ञान में लाया जाएगा। जो दोषी होगा कार्रवाई होगी। -कपिल मुनी सिंह
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