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Deoria News: मनोरंजन के संसाधन के साथ होगा बच्चों का इलाज
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मनोरंजन के संसाधन के साथ होगा बच्चों का इलाज
देवरिया। पोषण पुनर्वास केंद्र (एनआरसी) नए कलेवर में दिखेगा। यहां कुपोषित बच्चों को इलाज के साथ अब मनोरंजन के संसाधन उपलब्ध कराए जाएंगे। यह केंद्र एमसीएच विंग में संचालित होगा। स्वास्थ्य विभाग ने इसके लिए तैयारी कर ली गई है। यहां बच्चों के साथ माता को भी निशुल्क भोजन देने व रहने की सुविधा होगी।
सरकार का कुपोषित बच्चों को स्वस्थ करने पर जोर है। इसके लिए योजनाएं चलाई रही हैं और पोषण पुनर्वास केंद्र स्थापित किए गए हैं। मेडिकल कॉलेज से संबद्ध जिला अस्पताल के पुराने भवन में केंद्र स्थापित था। भवन टूटने के बाद पीआईसीयू के समीप चल रहा था, जहां पर्याप्त इंतजाम नहीं थे। मेडिकल कॉलेज के प्रधानाचार्य डॉ. राजेश कुमार बरनवाल, सीएमओ डॉ. राजेश झा व सीएमएस डॉ. एचके मिश्रा ने एनआरसी को बेहतर स्वरूप व संसाधन से लैस करने की योजना बनाई। केंद्र को एमसीएच विंग के तीसरे तले पर एसएनसीयू के समीप शिफ्ट करने का निर्णय लिया गया। अधिकारियों का प्रयास रंग लगाया है।
यह केंद्र अब आकर्षक दिखेगा। यह संसाधनों से लैस होगा। यहां दस बेड पर पांच साल से कम उम्र के बच्चों को भर्ती कर इलाज किया जाएगा। बच्चों के मनोरंजन के लिए दीवारों पर उनसे संबंधित आकर्षक चित्र लगाए गए हैं। उन्हें संतुलित आहार, विटामिन, मिनिरल पदार्थों का सेवन कराया जाएगा और इलाज किया जाएगा, ताकि बच्चा स्वस्थ हो जाए। बच्चों के साथ मां को भी रहने और भोजन के इंतजाम किए जाएंगे। रविवार को सीएमओ व सीएमएस ने केंद्र का निरीक्षण किया और आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने अपने हाथों से बेड को भी ठीक किया।
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टीवी पर कार्टून देखने और खिलौनों की होगी व्यवस्था
पोषण पुनर्वास केंद्र पर बच्चों के मन के अनुकूल वातावरण बनाया जाएगा। उनके मनोरंजन के लिए टीवी लगाया जाएगा, जिस पर कार्टून का प्रसारण होगा। वहीं खेलने के लिए खिलौने भी उपलब्ध होंगे।
केंद्र पर यह है व्यवस्था
दस बेड का वार्ड, चिकित्सक कक्ष, रसोई घर, बाथरूम की व्यवस्था की गई है। वहीं एक प्रतीक्षालय भी बनाया गया है। वार्ड के बाहर पोषण पुनर्वास केंद्र में भर्ती के मानक, केंद्र के उद्देश्य व सेवा के बारे पोस्टर लगाया गया है। केंद्र के नोडल अधिकारी डॉ. एचके मिश्रा हैं। यहां डॉ. सृष्टि, डाइटिशियन अनामिका मिश्रा, चार स्टाफ नर्स शशि तिवारी, ब्यूटी मिश्रा, श्वेता चौहान, तृप्ती भारती, केयर टेकर ओमप्रकाश मणि व रसोइया वृज नरायन चौहान की तैनाती की गई है।
दो सप्ताह में बच्चे को स्वस्थ कर घर भेजा जाएगा
सीएमएस डॉ. एचके मिश्रा ने बताया कि केंद्र पर कुपोषित बच्चों का इलाज किया जाएगा। उन्हें संतुलित आहार, विटामिन, मिनिरल पदार्थों का सेवन कराया जाएगा। दो सप्ताह में बच्चों को स्वस्थ कर और 15 किग्रा वजन बढ़ाकर घर भेजा जाएगा।
पोषण पुनर्वास केंद्र का उद्देश्य छह वर्ष तक के अति कुपोषिण बच्चों की उचित देखभाल है। बच्चों की शारीरिक एवं मनोसामाजिक वृद्धि को प्रोत्साहित करना, खानपान व उचित देेखभाल में माताओं के व्यवहार में परिवर्तन लाने की क्षमता विकसित करना व समुदाय को पोषण से संबंधित समस्याओं तथा समाधान के प्रति जागरूक करना है। केंद्र पर बच्चों को बेहतर सुविधा और इलाज की व्यवस्था होगी।
- डॉ. राजेश झा, सीएमओ
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देवरिया। पोषण पुनर्वास केंद्र (एनआरसी) नए कलेवर में दिखेगा। यहां कुपोषित बच्चों को इलाज के साथ अब मनोरंजन के संसाधन उपलब्ध कराए जाएंगे। यह केंद्र एमसीएच विंग में संचालित होगा। स्वास्थ्य विभाग ने इसके लिए तैयारी कर ली गई है। यहां बच्चों के साथ माता को भी निशुल्क भोजन देने व रहने की सुविधा होगी।
सरकार का कुपोषित बच्चों को स्वस्थ करने पर जोर है। इसके लिए योजनाएं चलाई रही हैं और पोषण पुनर्वास केंद्र स्थापित किए गए हैं। मेडिकल कॉलेज से संबद्ध जिला अस्पताल के पुराने भवन में केंद्र स्थापित था। भवन टूटने के बाद पीआईसीयू के समीप चल रहा था, जहां पर्याप्त इंतजाम नहीं थे। मेडिकल कॉलेज के प्रधानाचार्य डॉ. राजेश कुमार बरनवाल, सीएमओ डॉ. राजेश झा व सीएमएस डॉ. एचके मिश्रा ने एनआरसी को बेहतर स्वरूप व संसाधन से लैस करने की योजना बनाई। केंद्र को एमसीएच विंग के तीसरे तले पर एसएनसीयू के समीप शिफ्ट करने का निर्णय लिया गया। अधिकारियों का प्रयास रंग लगाया है।
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यह केंद्र अब आकर्षक दिखेगा। यह संसाधनों से लैस होगा। यहां दस बेड पर पांच साल से कम उम्र के बच्चों को भर्ती कर इलाज किया जाएगा। बच्चों के मनोरंजन के लिए दीवारों पर उनसे संबंधित आकर्षक चित्र लगाए गए हैं। उन्हें संतुलित आहार, विटामिन, मिनिरल पदार्थों का सेवन कराया जाएगा और इलाज किया जाएगा, ताकि बच्चा स्वस्थ हो जाए। बच्चों के साथ मां को भी रहने और भोजन के इंतजाम किए जाएंगे। रविवार को सीएमओ व सीएमएस ने केंद्र का निरीक्षण किया और आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने अपने हाथों से बेड को भी ठीक किया।
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टीवी पर कार्टून देखने और खिलौनों की होगी व्यवस्था
पोषण पुनर्वास केंद्र पर बच्चों के मन के अनुकूल वातावरण बनाया जाएगा। उनके मनोरंजन के लिए टीवी लगाया जाएगा, जिस पर कार्टून का प्रसारण होगा। वहीं खेलने के लिए खिलौने भी उपलब्ध होंगे।
केंद्र पर यह है व्यवस्था
दस बेड का वार्ड, चिकित्सक कक्ष, रसोई घर, बाथरूम की व्यवस्था की गई है। वहीं एक प्रतीक्षालय भी बनाया गया है। वार्ड के बाहर पोषण पुनर्वास केंद्र में भर्ती के मानक, केंद्र के उद्देश्य व सेवा के बारे पोस्टर लगाया गया है। केंद्र के नोडल अधिकारी डॉ. एचके मिश्रा हैं। यहां डॉ. सृष्टि, डाइटिशियन अनामिका मिश्रा, चार स्टाफ नर्स शशि तिवारी, ब्यूटी मिश्रा, श्वेता चौहान, तृप्ती भारती, केयर टेकर ओमप्रकाश मणि व रसोइया वृज नरायन चौहान की तैनाती की गई है।
दो सप्ताह में बच्चे को स्वस्थ कर घर भेजा जाएगा
सीएमएस डॉ. एचके मिश्रा ने बताया कि केंद्र पर कुपोषित बच्चों का इलाज किया जाएगा। उन्हें संतुलित आहार, विटामिन, मिनिरल पदार्थों का सेवन कराया जाएगा। दो सप्ताह में बच्चों को स्वस्थ कर और 15 किग्रा वजन बढ़ाकर घर भेजा जाएगा।
पोषण पुनर्वास केंद्र का उद्देश्य छह वर्ष तक के अति कुपोषिण बच्चों की उचित देखभाल है। बच्चों की शारीरिक एवं मनोसामाजिक वृद्धि को प्रोत्साहित करना, खानपान व उचित देेखभाल में माताओं के व्यवहार में परिवर्तन लाने की क्षमता विकसित करना व समुदाय को पोषण से संबंधित समस्याओं तथा समाधान के प्रति जागरूक करना है। केंद्र पर बच्चों को बेहतर सुविधा और इलाज की व्यवस्था होगी।
- डॉ. राजेश झा, सीएमओ