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सीएचसी के पीछे चल रहा था अवैध अस्पताल
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ुद्रपुर में अवैध नर्सिंग होम पर छापामारी के दौरान प्रसव कक्ष में भर्ती मरीज
- फोटो : DEORIA
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शिकायत के बाद सीएचसी अधीक्षक ने की छापामारी, संचालक फरार
अस्पताल में भर्ती मिली चार प्रसूता, आशाओं की भी संलिप्तता उजागर
अमर उजाला ब्यूरो
रुद्रपुर। सीएचसी से महज पांच सौ मीटर दूर सेमरौना गांव में गैर पंजीकृत अस्पताल का भंडाफोड़ हुआ है। बुधवार को सीएचसी के अधीक्षक डॉ. धर्मेंद्र सिंह और एचईओ एलबी चौधरी ने अस्पताल पर छापेमारी की तो पोल खुली। इसमें आशा कार्यकर्ताओं की संलिप्तता भी सामने आई है। अस्पताल का संचालक फरार हो गया। चार प्रसूता भर्ती मिलीं। टीम ने नोटिस चस्पा कर संचालक को अभिलेख उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है।
जांच टीम को अस्पताल में ऑपरेशन थियेटर और मेडिकल स्टोर संचालित होता मिला। यहां भर्ती मरीज रीता देवी, नीलम, रीता और किरन साहनी ने बताया कि प्रसव पीड़ा होने पर गांव की आशा उन्हें इस अस्पताल में ले गई। चारों के ऑपरेशन किए गए थे। वहां काम रहने वाली रामकुमारी और शकिना खातून ने बताया कि अस्पताल डॉ. एके गौतम और डॉ. जितेंद्र जायसवाल के नाम पर चल रहा है। जांच में मौके पर वैधता संबंधी कोई अभिलेख नहीं मिला। अस्पताल के बाहर संचालित मेडिकल स्टोर का भी लाइसेंस नहीं था। जांच अधिकारी डॉ. धर्मेंद्र सिंह ने बताया कि संचालक को नोटिस दिया गया है। ऐसे अस्पताल को चलाने में संलिप्त आशाओं के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। संचालक के दो दिन में कागजात प्रस्तुत न करने पर एफआईआर दर्ज कराई जाएगी।
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शिकायत के बाद सीएचसी अधीक्षक ने की छापामारी, संचालक फरार
अस्पताल में भर्ती मिली चार प्रसूता, आशाओं की भी संलिप्तता उजागर
अमर उजाला ब्यूरो
रुद्रपुर। सीएचसी से महज पांच सौ मीटर दूर सेमरौना गांव में गैर पंजीकृत अस्पताल का भंडाफोड़ हुआ है। बुधवार को सीएचसी के अधीक्षक डॉ. धर्मेंद्र सिंह और एचईओ एलबी चौधरी ने अस्पताल पर छापेमारी की तो पोल खुली। इसमें आशा कार्यकर्ताओं की संलिप्तता भी सामने आई है। अस्पताल का संचालक फरार हो गया। चार प्रसूता भर्ती मिलीं। टीम ने नोटिस चस्पा कर संचालक को अभिलेख उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है।
जांच टीम को अस्पताल में ऑपरेशन थियेटर और मेडिकल स्टोर संचालित होता मिला। यहां भर्ती मरीज रीता देवी, नीलम, रीता और किरन साहनी ने बताया कि प्रसव पीड़ा होने पर गांव की आशा उन्हें इस अस्पताल में ले गई। चारों के ऑपरेशन किए गए थे। वहां काम रहने वाली रामकुमारी और शकिना खातून ने बताया कि अस्पताल डॉ. एके गौतम और डॉ. जितेंद्र जायसवाल के नाम पर चल रहा है। जांच में मौके पर वैधता संबंधी कोई अभिलेख नहीं मिला। अस्पताल के बाहर संचालित मेडिकल स्टोर का भी लाइसेंस नहीं था। जांच अधिकारी डॉ. धर्मेंद्र सिंह ने बताया कि संचालक को नोटिस दिया गया है। ऐसे अस्पताल को चलाने में संलिप्त आशाओं के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। संचालक के दो दिन में कागजात प्रस्तुत न करने पर एफआईआर दर्ज कराई जाएगी।
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