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Deoria News: सपोर्ट के लिए बना चकिया कोठी बाईपास कीचड़ व पानी से सना, सांसत में राहगीर
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चार दिन पूर्व हुआ है पुल की ढलाई का कार्य
संवाद न्यूज एजेंसी
भाटपाररानी। क्षेत्र के भिंगारी बाजार-भवानी छापर मुख्य मार्ग पर चकिया कोठी स्याही नदी का पुल पर बनाई गई बाईपास सड़क कीचड़, पानी से सराबोर हो गई है। इससे गुजरने में राहगीरों परेशानी हो रही है, वहीं बाइक व चारपहिया सवार को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इस खतरनाक हो चुके बाईपास सड़क पर प्रतिदिन दर्जनों राहगीर गिरकर घायल हो रहे हैं। जबकि जिम्मेदार मौन धारण किए हुए हैं। इसे लेकर लोगों में आक्रोश है।
चकिया कोठी चौराहा पर स्थित स्याही नदी पर ब्रिटिश हुकूमत के दौरान पुल का निर्माण किया गया था। पुल काफी मजबूत था। आठ माह पहले नवनिर्माण के लिए विभाग की ओर से पुल को तोड़ दिया गया। लोगों की आवागमन को देखते हुए विभाग ने पुल के बगल में स्याही नदी की मिट्टियों को तराश कर कच्ची बाईपास सड़क बना दी, लेकिन बाईपास सड़क की लेवलिंग का कोई ख्याल नहीं रखा गया। यह सड़क ऊबड़-खाबड़ है। इस पर गर्मी के मौसम में धूल की मोटी परत जम गई थी। उस रास्ते से गुजरते समय लोग धूल से सराबोर हो जाते थे। इधर कुछ दिनों से हो रही बरसात में सड़क पर जमी धूल कीचड़ में बदल गई है। हर दिन कीचड़ में दर्जनों गाड़ियां फंस रही हैं। वहीं प्रतिदिन दर्जनों राहगीर कीचड़ में गिरकर घायल हो रहे हैं। जबकि विभाग आंखें बंद किए हुए है।हालांकि आठ माह बाद यहां की नवनिर्मित पुल की ढलाई का कार्य दो जुलाई को पूरा हो गया। बावजूद इसके इस पुल से होकर आवागमन बहाल होने में अभी देरी हो सकती है। इसे देखते हुए क्षेत्रीय लोगों ने बाईपास सड़क को दुरुस्त किए जाने की मांग की है। यदि इस बाईपास सड़क को दुरुस्त नहीं किया गया तो मूसलाधार बारिश होने पर सड़क के बंद होने की नौबत भी आ सकती है। अधिशासी अभियंता डीके सिंह ने कहा कि उस एप्रोच को भी ठीक कराने का कार्य किया जा रहा है ताकि राहगीरों को परेशानी न हो।
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संवाद न्यूज एजेंसी
भाटपाररानी। क्षेत्र के भिंगारी बाजार-भवानी छापर मुख्य मार्ग पर चकिया कोठी स्याही नदी का पुल पर बनाई गई बाईपास सड़क कीचड़, पानी से सराबोर हो गई है। इससे गुजरने में राहगीरों परेशानी हो रही है, वहीं बाइक व चारपहिया सवार को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इस खतरनाक हो चुके बाईपास सड़क पर प्रतिदिन दर्जनों राहगीर गिरकर घायल हो रहे हैं। जबकि जिम्मेदार मौन धारण किए हुए हैं। इसे लेकर लोगों में आक्रोश है।
चकिया कोठी चौराहा पर स्थित स्याही नदी पर ब्रिटिश हुकूमत के दौरान पुल का निर्माण किया गया था। पुल काफी मजबूत था। आठ माह पहले नवनिर्माण के लिए विभाग की ओर से पुल को तोड़ दिया गया। लोगों की आवागमन को देखते हुए विभाग ने पुल के बगल में स्याही नदी की मिट्टियों को तराश कर कच्ची बाईपास सड़क बना दी, लेकिन बाईपास सड़क की लेवलिंग का कोई ख्याल नहीं रखा गया। यह सड़क ऊबड़-खाबड़ है। इस पर गर्मी के मौसम में धूल की मोटी परत जम गई थी। उस रास्ते से गुजरते समय लोग धूल से सराबोर हो जाते थे। इधर कुछ दिनों से हो रही बरसात में सड़क पर जमी धूल कीचड़ में बदल गई है। हर दिन कीचड़ में दर्जनों गाड़ियां फंस रही हैं। वहीं प्रतिदिन दर्जनों राहगीर कीचड़ में गिरकर घायल हो रहे हैं। जबकि विभाग आंखें बंद किए हुए है।हालांकि आठ माह बाद यहां की नवनिर्मित पुल की ढलाई का कार्य दो जुलाई को पूरा हो गया। बावजूद इसके इस पुल से होकर आवागमन बहाल होने में अभी देरी हो सकती है। इसे देखते हुए क्षेत्रीय लोगों ने बाईपास सड़क को दुरुस्त किए जाने की मांग की है। यदि इस बाईपास सड़क को दुरुस्त नहीं किया गया तो मूसलाधार बारिश होने पर सड़क के बंद होने की नौबत भी आ सकती है। अधिशासी अभियंता डीके सिंह ने कहा कि उस एप्रोच को भी ठीक कराने का कार्य किया जा रहा है ताकि राहगीरों को परेशानी न हो।
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