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सीबीआई टीम ने फिर खंगाला मुलाकातियों का ब्योरा
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सीबीआई ने फिर खंगाला मुलाकातियों का ब्योरा
स्टेशन रोड के एक होटल से लिया गया रुकने वालों का रिकॉर्ड
एक साल तक नाम बदल-बदलकर बुक रहे थे एक कमरा
अमर उजाला ब्यूरो
देवरिया। सीबीआई टीम ने जेल पहुंचकर फिर मुलाकातियों का रिकॉर्ड खंगाला है। इसके साथ ही स्टेशन रोड के एक होटल से भी रिकॉर्ड लिया गया है। इसमें माफिया अतीक अहमद के खास गुर्गे रुकते थे। सूत्रों के मुताबिक एक साल तक नाम बदल-बदलकर एक कमरा बुक रहा है।
लखनऊ के रियल एस्टेट कारोबारी मोहित जायसवाल का अपहरण कर देवरिया जेल में पिटाई के मामले की जांच कर रही सीबीआई 12 जुलाई से जिले में रुककर जांच कर रही है। सोमवार और मंगलवार को सीबीआई टीम के दो सदस्यों ने जेल पहुंचकर अतीक अहमद से मुलाकात करने वालों का रिकॉर्ड खंगाला। सीबीआई टीम के पहुंचने पर जेल प्रशासन के लोग चौकन्ना रहे। सोमवार की देर शाम टीम के दोनों सदस्य स्टेशन रोड के एक होटल में पहुंचे। यहां मई 2017 से दिसंबर 2018 के बीच कमरा बुक कराकर रुकने वालों के बारे में जानकारी ली गई। सूत्रों की मानें तो इस होटल के एक कमरे में अतीक अहमद के गुर्गे रहते थे। नाम बदल-बदल कर इस कमरे को बुक कराया गया है। जब तक अतीक अहमद देवरिया जेल में बंद रहे हैं, उनके गुर्गे इस कमरे में रहे हैं। जेल अधीक्षक केपी त्रिपाठी ने बताया कि सीबीआई टीम अपनी जांच में जुटी है। उनके मांगने पर संबंधित रिकॉर्ड उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
बंदी रक्षकों की मेहरबानी से जेल में पहुंच रहा प्रतिबंधित सामान
देवरिया। बंदी रक्षकों की मेहरबानी से जिला जेल में प्रतिबंधित सामान बंदियों तक पहुंच रहा है। शराब तस्कर से मिलने लखनऊ से आए एक शख्स ने तीन पैकेट सिगरेट अंदर नहीं पहुंचने पर आपत्ति जताई। बाहर खड़े बंदीरक्षकों ने उसे लौटा दिया। लार के मेहरौना चौकी से गिरफ्तार कर राजपाल नाम के शराब तस्कर को पुलिस ने जेल भेजा। मंगलवार को उससे मिलने लखनऊ से एक शख्स आया। वह तीन पैकेट सिगरेट लेकर अंदर जा रहा था। गेट के बाद चेकिंग में वह तीनों पैकेट लेकर गया। गेट पर चेकिंग में बंदी रक्षक ने दो पैकेट सिगरेट बाहर निकाल दिया और एक पैकेट ही अंदर ले जाने दिया। मुलाकात के बाद लौटने पर उसने बंदी रक्षकों से आपत्ति दर्ज कराई। कहा कि पिछली बार वह सारा सामान लेकर अंदर गया था। इस बाबत जेल अधीक्षक केपी त्रिपाठी ने बताया कि जांच-पड़ताल के बाद ही मुलाकातियों को जेल के अंदर भेजा जाता है। कोई प्रतिबंधित सामान जेल में अंदर नहीं जाता है।
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स्टेशन रोड के एक होटल से लिया गया रुकने वालों का रिकॉर्ड
एक साल तक नाम बदल-बदलकर बुक रहे थे एक कमरा
अमर उजाला ब्यूरो
देवरिया। सीबीआई टीम ने जेल पहुंचकर फिर मुलाकातियों का रिकॉर्ड खंगाला है। इसके साथ ही स्टेशन रोड के एक होटल से भी रिकॉर्ड लिया गया है। इसमें माफिया अतीक अहमद के खास गुर्गे रुकते थे। सूत्रों के मुताबिक एक साल तक नाम बदल-बदलकर एक कमरा बुक रहा है।
लखनऊ के रियल एस्टेट कारोबारी मोहित जायसवाल का अपहरण कर देवरिया जेल में पिटाई के मामले की जांच कर रही सीबीआई 12 जुलाई से जिले में रुककर जांच कर रही है। सोमवार और मंगलवार को सीबीआई टीम के दो सदस्यों ने जेल पहुंचकर अतीक अहमद से मुलाकात करने वालों का रिकॉर्ड खंगाला। सीबीआई टीम के पहुंचने पर जेल प्रशासन के लोग चौकन्ना रहे। सोमवार की देर शाम टीम के दोनों सदस्य स्टेशन रोड के एक होटल में पहुंचे। यहां मई 2017 से दिसंबर 2018 के बीच कमरा बुक कराकर रुकने वालों के बारे में जानकारी ली गई। सूत्रों की मानें तो इस होटल के एक कमरे में अतीक अहमद के गुर्गे रहते थे। नाम बदल-बदल कर इस कमरे को बुक कराया गया है। जब तक अतीक अहमद देवरिया जेल में बंद रहे हैं, उनके गुर्गे इस कमरे में रहे हैं। जेल अधीक्षक केपी त्रिपाठी ने बताया कि सीबीआई टीम अपनी जांच में जुटी है। उनके मांगने पर संबंधित रिकॉर्ड उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
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बंदी रक्षकों की मेहरबानी से जेल में पहुंच रहा प्रतिबंधित सामान
देवरिया। बंदी रक्षकों की मेहरबानी से जिला जेल में प्रतिबंधित सामान बंदियों तक पहुंच रहा है। शराब तस्कर से मिलने लखनऊ से आए एक शख्स ने तीन पैकेट सिगरेट अंदर नहीं पहुंचने पर आपत्ति जताई। बाहर खड़े बंदीरक्षकों ने उसे लौटा दिया। लार के मेहरौना चौकी से गिरफ्तार कर राजपाल नाम के शराब तस्कर को पुलिस ने जेल भेजा। मंगलवार को उससे मिलने लखनऊ से एक शख्स आया। वह तीन पैकेट सिगरेट लेकर अंदर जा रहा था। गेट के बाद चेकिंग में वह तीनों पैकेट लेकर गया। गेट पर चेकिंग में बंदी रक्षक ने दो पैकेट सिगरेट बाहर निकाल दिया और एक पैकेट ही अंदर ले जाने दिया। मुलाकात के बाद लौटने पर उसने बंदी रक्षकों से आपत्ति दर्ज कराई। कहा कि पिछली बार वह सारा सामान लेकर अंदर गया था। इस बाबत जेल अधीक्षक केपी त्रिपाठी ने बताया कि जांच-पड़ताल के बाद ही मुलाकातियों को जेल के अंदर भेजा जाता है। कोई प्रतिबंधित सामान जेल में अंदर नहीं जाता है।
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