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झुंड में बैठ रहे लोग, बिना मास्क हो रही खरीदारी
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रोडवेज परिसर में बिना मास्क के बैठे यात्री।संवाद न्यूज एजेंसी
- फोटो : DEORIA
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झुंड में बैठ रहे लोग, बिना मास्क हो रही खरीदारी
होली पर संक्रमित प्रदेशों से घर लौट रहे लोग, फिर बढ़ रहा संक्रमण का खतरा
अमर उजाला ब्यूरो
देवरिया। कोरोना-19 संक्रमण एक बार फिर तेजी से पांव पसारने लगा हैं। लेकिन कोई कोविड-19 नियमों का पालन कर रहा है। मुंबई समेत कई महानगरों में संक्रमण बढ़ने के कारण प्रदेश में अलर्ट जारी किया गया है, लेकिन प्रशासन न तो खुद इसका पालन कर रहा और न ही करा पा रहा है। सरकारी कार्यालयों, प्राइवेट अस्पतालों में सैकड़ों की संख्या में लोगों की भीड़ जुट रही है। लोग झुंड में बैठ रहे हैं। प्राइवेट अस्पतालों में संक्रमण से बचाव के लिए इंतजाम नहीं हैं। लोगों की लापरवाही इस कदर है कि कोई मास्क लगा रहा न सैनिटाइजर। लोग दो गज की दूरी को भी जरूरी नहीं समझ रहे।
कोरोना संक्रमण का दौर मार्च में ही होली के बाद शुरू हुआ था। अप्रैल से संक्रमण की रफ्तार इस कदर बढ़ी कि लॉकडाउन हो गया। मुंबई, दिल्ली एवं अन्य शहरों से लोग पैदल लौटें। इनमें से अधिकतर संक्रमित रहे। इससे गांव-गांव संक्रमण फैल गया। जुलाई और अगस्त माह में संक्रमण सबसे अधिक रहा। कुछ दिन बाद राहत मिली तो लोग अपने काम पर लौटने लगे। अब एक बार फिर महाराष्ट्र सहित कई प्रदेशों में संक्रमण ने तेजी से पांव पसारना शुरू कर दिया है। होली में लोगों के लौटने का दौर शुरू हो गया है। ऐसे में एक बार फिर संक्रमण बढ़ने का भय लोगों को सताने लगा है। कारण न तो कहीं कोई मास्क लगा रहा है न ही सैनिटाइजर का प्रयोग कर रहा है। झुंड में लोग बैठ रहे हैं। सामाजिक दूरी का पालन नहीं दिख रहा है। प्रशासनिक बैठकों, आयोजनों, प्रदर्शन, धरना, सामान की खरीददारी सभी जगह ऐसे हालात पैदा हो गए हैं।
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इनसेट
यूं कम हुआ संक्रमण, अब फिर सताने लगा भय
कोरोना के संक्रमितों पर गौर करें तो दिसंबर माह में संक्रमितों की संख्या 203 की थी। लेकिन जनवरी 2021 में यह संख्या घटकर 48 की हो गई। फरवरी में 18 और मार्च में अभी तक यह संख्या सात की है। अब तक संक्रमितों की संख्या 6772 की हो गई है। इसमें 6666 लोग स्वस्थ हो चुके हैं। अब तक 95 लोगों की मौत हो चुकी है। जबकि एक्टिव मरीजों की संख्या अब भी 11 की है। इसके पूर्व 31 अक्तूबर को कोरोना पॉजिटिव मरीजों की संख्या 6285 थी। 84 लोगों की मौत हो चुकी थी। एक्टिव केस 210 थे। 30 नवंबर को संक्रमितों की संख्या 6525 और एक्टिव केस 122 थे।
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40 हजार लोगों को लग चुका है टीका
जिले में स्वास्थ्य विभाग तकरीबन 77 हजार लोगों को टीका लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया है। इसमें तकरीबन 40 हजार लोगों को टीका लग चुका है। इसमें स्वास्थ्यकर्मी से लेकर बुजुर्ग एवं प्रशासनिक अधिकारी, पुलिसकर्मी शामिल हैं। सैंपलिंग बढ़ा दी गई है। ताकि बाहर से आने वालों की अधिक से अधिक जांच हो सके। सीएमओ ने 45 वर्ष से ऊपर के लोगों से रजिस्ट्रेशन कराने की अपील की है।
क्या कहते हैं मेडिकल कारोबारी
कोरोना के बाद करीब आठ माह तक तो सैनिटाइजर और मास्क की बिक्री हुई लेकिन इन दिनों एक दम बिक्री कम हो गई है। बहुत कम लोग खरीदारी करने के लिए आ रहे हैं। बिक्री कम होने से माल भी नहीं मंगाया जा रहा है।
-जितेंद्र कुमार, दवा कारोबारी
लोग मास्क लगाना भूल गए हैं। सैनिटाइजर की बिक्री नहीं हो रही है। थोक में लोगों के पास दोनों सामान कम आ रहा है। फुटकर दवा की दुकानों पर बिक्री न होने के कारण मास्क और सैनिटाइजर दुकानदार मंगाना ही छोड़ दे रहे हैं।
-रंजित सिंह, अध्यक्ष केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट वेलफेयर एसोसिएशन
मास्क और सैनिटाइजर की बिक्री बंद हो चुकी है। करीब चार माह से बहुत तेजी से बिक्री में गिरावट आई है। लोग कोरोना को लेकर सावधानियों को भूल गए हैं। जब दुकान पर बिक्री नहीं होगी तो माल मंगाने से फायदा क्या है। इसके कारण दुकान पर लोग सैनिटाइजर और मास्क रखने से परहेज करने लगे हैं।
-प्रवीण केडिया, महामंत्री दवा विक्रेता समिति
कोट:
महानगरों से जो लोग आ रहे हैं उनकी रेलवे स्टेशन पर स्क्रीनिंग कराई जा रही हैं। लोगों से अपील है कि बाहर से आएं तो जांच जरूर करां लें, मास्क लगाएं और सामाजिक दूरी का पालन जरूर करें।
-डॉ. आलोक पांडेय, मुख्य चिकित्सा अधिकारी
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होली पर संक्रमित प्रदेशों से घर लौट रहे लोग, फिर बढ़ रहा संक्रमण का खतरा
अमर उजाला ब्यूरो
देवरिया। कोरोना-19 संक्रमण एक बार फिर तेजी से पांव पसारने लगा हैं। लेकिन कोई कोविड-19 नियमों का पालन कर रहा है। मुंबई समेत कई महानगरों में संक्रमण बढ़ने के कारण प्रदेश में अलर्ट जारी किया गया है, लेकिन प्रशासन न तो खुद इसका पालन कर रहा और न ही करा पा रहा है। सरकारी कार्यालयों, प्राइवेट अस्पतालों में सैकड़ों की संख्या में लोगों की भीड़ जुट रही है। लोग झुंड में बैठ रहे हैं। प्राइवेट अस्पतालों में संक्रमण से बचाव के लिए इंतजाम नहीं हैं। लोगों की लापरवाही इस कदर है कि कोई मास्क लगा रहा न सैनिटाइजर। लोग दो गज की दूरी को भी जरूरी नहीं समझ रहे।
कोरोना संक्रमण का दौर मार्च में ही होली के बाद शुरू हुआ था। अप्रैल से संक्रमण की रफ्तार इस कदर बढ़ी कि लॉकडाउन हो गया। मुंबई, दिल्ली एवं अन्य शहरों से लोग पैदल लौटें। इनमें से अधिकतर संक्रमित रहे। इससे गांव-गांव संक्रमण फैल गया। जुलाई और अगस्त माह में संक्रमण सबसे अधिक रहा। कुछ दिन बाद राहत मिली तो लोग अपने काम पर लौटने लगे। अब एक बार फिर महाराष्ट्र सहित कई प्रदेशों में संक्रमण ने तेजी से पांव पसारना शुरू कर दिया है। होली में लोगों के लौटने का दौर शुरू हो गया है। ऐसे में एक बार फिर संक्रमण बढ़ने का भय लोगों को सताने लगा है। कारण न तो कहीं कोई मास्क लगा रहा है न ही सैनिटाइजर का प्रयोग कर रहा है। झुंड में लोग बैठ रहे हैं। सामाजिक दूरी का पालन नहीं दिख रहा है। प्रशासनिक बैठकों, आयोजनों, प्रदर्शन, धरना, सामान की खरीददारी सभी जगह ऐसे हालात पैदा हो गए हैं।
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इनसेट
यूं कम हुआ संक्रमण, अब फिर सताने लगा भय
कोरोना के संक्रमितों पर गौर करें तो दिसंबर माह में संक्रमितों की संख्या 203 की थी। लेकिन जनवरी 2021 में यह संख्या घटकर 48 की हो गई। फरवरी में 18 और मार्च में अभी तक यह संख्या सात की है। अब तक संक्रमितों की संख्या 6772 की हो गई है। इसमें 6666 लोग स्वस्थ हो चुके हैं। अब तक 95 लोगों की मौत हो चुकी है। जबकि एक्टिव मरीजों की संख्या अब भी 11 की है। इसके पूर्व 31 अक्तूबर को कोरोना पॉजिटिव मरीजों की संख्या 6285 थी। 84 लोगों की मौत हो चुकी थी। एक्टिव केस 210 थे। 30 नवंबर को संक्रमितों की संख्या 6525 और एक्टिव केस 122 थे।
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40 हजार लोगों को लग चुका है टीका
जिले में स्वास्थ्य विभाग तकरीबन 77 हजार लोगों को टीका लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया है। इसमें तकरीबन 40 हजार लोगों को टीका लग चुका है। इसमें स्वास्थ्यकर्मी से लेकर बुजुर्ग एवं प्रशासनिक अधिकारी, पुलिसकर्मी शामिल हैं। सैंपलिंग बढ़ा दी गई है। ताकि बाहर से आने वालों की अधिक से अधिक जांच हो सके। सीएमओ ने 45 वर्ष से ऊपर के लोगों से रजिस्ट्रेशन कराने की अपील की है।
क्या कहते हैं मेडिकल कारोबारी
कोरोना के बाद करीब आठ माह तक तो सैनिटाइजर और मास्क की बिक्री हुई लेकिन इन दिनों एक दम बिक्री कम हो गई है। बहुत कम लोग खरीदारी करने के लिए आ रहे हैं। बिक्री कम होने से माल भी नहीं मंगाया जा रहा है।
-जितेंद्र कुमार, दवा कारोबारी
लोग मास्क लगाना भूल गए हैं। सैनिटाइजर की बिक्री नहीं हो रही है। थोक में लोगों के पास दोनों सामान कम आ रहा है। फुटकर दवा की दुकानों पर बिक्री न होने के कारण मास्क और सैनिटाइजर दुकानदार मंगाना ही छोड़ दे रहे हैं।
-रंजित सिंह, अध्यक्ष केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट वेलफेयर एसोसिएशन
मास्क और सैनिटाइजर की बिक्री बंद हो चुकी है। करीब चार माह से बहुत तेजी से बिक्री में गिरावट आई है। लोग कोरोना को लेकर सावधानियों को भूल गए हैं। जब दुकान पर बिक्री नहीं होगी तो माल मंगाने से फायदा क्या है। इसके कारण दुकान पर लोग सैनिटाइजर और मास्क रखने से परहेज करने लगे हैं।
-प्रवीण केडिया, महामंत्री दवा विक्रेता समिति
कोट:
महानगरों से जो लोग आ रहे हैं उनकी रेलवे स्टेशन पर स्क्रीनिंग कराई जा रही हैं। लोगों से अपील है कि बाहर से आएं तो जांच जरूर करां लें, मास्क लगाएं और सामाजिक दूरी का पालन जरूर करें।
-डॉ. आलोक पांडेय, मुख्य चिकित्सा अधिकारी