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Deoria News: 22 किलोमीटर खुशहाली देगा बाईपास, जाम से मिलेगा निजात
Sat, 08 Apr 2023 12:31 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
Updated Sat, 08 Apr 2023 12:31 AM IST
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- 110 हेक्टेयर भूमि होगी अधिग्रहीत, 968 किसानों को मुआवजा देने की तैयारी
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। सिरजम के पास से 22 किमी लंबा निकलनेे वाला बाईपास क्षेत्र के लोगों के लिए खुशहाली का रस्ता लेकर आएगा। उनकी आर्थिक तरक्की की राह तो मजबूत करेगा ही आत्मनिर्भर बनाकर नए देवरिया के स्वप्न को भी साकार करने में अहम भूमिका निभाएगा। साथ ही शहर भी बड़ी समस्या बन चुके जाम से भी शहरियों को छुटकारा मिल सकेगा।
बाईपास बनने से दूरी के साथ ही समय की भी बचत होगी। देवरिया-गोरखपुर मार्ग पर स्थित सिरजम के पास से बनने वाले बाईपास के लिए अधिसूचना शुक्रवार को जारी कर दी गई। 37 गांवों के किसानों की 110 हेक्टेयर भूमि अधिग्रहीत कर उनको मुआवजा देने की तैयारी की जा रही है। बाईपास बनने के बाद कई पिछड़े गांवों की एनएच तक पहुंच हो जाएगी। बाईपास निर्माण के लिए करीब 10 दिन पहले 19 सौ करोड़ रुपये का बजट भी जारी हो चुका है।
शहर में बाईपास मार्ग न होने के कारण बड़े वाहनों को शहर के गोरखपुर रोड पर ओवरब्रिज और रुद्रपुर मोड़ पर रोक दिया जाता है। सुबह आठ से रात आठ बजे तक वाहनों को इधर से जाने के लिए करीब 12 घंटे तक इंतजार करना पड़ता है। जबकि बाईपास मार्ग न होने के चलते सबसे अधिक शहर के सिविल लाइंस पर वाहनों के आवागमन के कारण दिन में जाम की समस्या से लोगों को जूझना पड़ता था, क्योंकि अन्य कोई मार्ग नहीं है। देवरिया- गोरखपुर मार्ग से बाईपास मार्ग सिरजम के पास से निकल कर देवरिया-सलेमपुर मार्ग पर मुंडेरा गांव के पास पहुंचेगा, जो राष्ट्रीय राज मार्ग 727 ए के 37 गांवों से गुजरेगा। इसके हो जाने से शहर में बड़े वाहनों का दबाव कम हो जाएगा। करीब 22.270 किलोमीटर के इस मार्ग के निर्माण के लिए 37 गांवों के 968 किसानों की भूमि के अधिग्रहण की कार्रवाई शुरू कर दी गई है। अधिसूचना प्रकाशित कर दिया है, जिस पर आपत्तियां और सुझाव भी मांगे गए हैं।
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यह गांव जुड़ जाएंगे बाईपास मार्ग से
मुंडेरा, सुकरौली, अहिलवार बुर्जुग और खुर्द, धनौती, कचुआर, देवरिया मीर, चकरवा धूस, घटैलागाजी और चेती, पकड़ी बुजुर्ग, पगरा परसिया, रामपुर खुर्द, कुसम्हा वेलवा, गोबराई, धनौती खास, पोखरभिंडा, भगौतीपुर, गौरा, भीमपुर, परसा बरवां, जैतपुरा, मुंडेरा, बांसगांव बुजुर्ग, धतुरा, बरारी, सझवा, बलुआ, बैतालपुर, गुड़री, इटवा, सिरजम खास से बाईपास गुजरेगा।
शहर में जाम की समस्या से मिलेगी मुक्ति
देवरिया। शहर का सिविल लाइंस ही एक ऐसा मार्ग है जिस पर 60 हजार वाहनों का दबाव प्रतिदिन है। बाईपास मार्ग बनने से गोरखपुर, आजमगढ़, मऊ, बलिया, गाजीपुर, वाराणसी, कुशीनगर सहित अन्य जनपदों के साथ ही बिहार, बंगाल, झारखंड, असम को जाने वाले वाहन शहर के सिविल लाइंस का सहारा नहीं लेना पड़ेगा। वह बाईपास मार्ग से ही देवरिया-सलेमपुर और कसया मार्ग पर पहुंच जाएंगे। जबकि दूसरी तरफ बैतालपुर तेल डिपो पर हर रोज आने वाले हजारों टैंकर भी शहर में न आकर बाहर से ही निकल जाएंगे।
बढ़ेंगे जमीन के दाम, होगा विकास
देवरिया। बाईपास मार्ग बनने से जिन 37 गांवों की भूमि ली जा रही है वहां की भूमि अब महंगी हो जाएगी। इससे किसानों को फायदा होगा, जबकि दूसरी तरफ रोजगार के भी अवसर मिलेंगे। गांवों के लिए आवागमन की सुविधा आसान हो जाएगी। इस रास्ते लंबी दूरी की बसों का आवागमन होगा।
बाईपास मार्ग बनने से बैतालपुर और देवरिया दोनों जगहों पर जाम से मुक्ति मिलेगी। इससे क्षेत्र का विकास होगा। भूमि का दाम बढ़ेगा। साथ ही रोजगार के अवसर मिलेंगे।
- अनिरुद्ध सिंह, व्यवसायी
बाईपास मार्ग को लेकर क्षेत्र में काफी खुशी है। हम लोगों का गांव अब एनएच मार्ग से जुड़ जाएगा। कई तरह के विकास के अवसर मिलेंगे। आने-जाने की सुविधा भी बढ़ेगी।
- धीरेंद्र मणि त्रिपाठी, व्यवसायी
बाईपास मार्ग बनने से बैतालपुर के आसपास का इलाका नया औद्योगिक केंद्र बनेगा। इसके होने से पूरे जिले को फायदा होगा। सबसे बड़ा फायदा बड़े वाहन के चलते कस्बे में हादसे का जो भय बना रहता था इससे मुक्ति मिलेगी। - वपुन बरनवाल, उद्यमी
मेरे गांव से होकर बाईपास गुजरेगा। इससे गांव का विकास होगा। एनएच मार्ग जुड़ने के कारण भूमि की कीमत बढ़ेगी। आने वाले समय में नए बाजार की भी स्थापना होगी।
- राजू मणि, उद्यमी
बाईपास मार्ग की अधिसूचना राष्ट्रीय राजमार्ग और परिवहन मंत्रालय ने शुक्रवार को जारी कर दिया है। इसके लिए आपत्ति और सुझाव मांगे गए हैं। इसमें 110 हेक्टेयर भूमि किसानों की ली जानी है।
सौरभ सिंह, एसडीएम सदर
जिले में बाईपास मार्ग बनने से आवागमन की सुविधा सुलभ होगी। विकास की दिशा में बाईपास की अहम भूमिका होगी। दूसरे जनपद से आने वाले लोगों को जाम से जूझना नहीं पड़ेगा। पहले केवल सिविल लाइंस मार्ग ही था, जिससे सभी वाहनों का गुजरना होता था। इसके चलते पूरे शहर में वाहनों का दबाव बढ़ जाता था। ट्रैफिक की समस्या आ जाती थी।
- रवींद्र कुमार, मुख्य विकास अधिकरी
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देवरिया। सिरजम के पास से 22 किमी लंबा निकलनेे वाला बाईपास क्षेत्र के लोगों के लिए खुशहाली का रस्ता लेकर आएगा। उनकी आर्थिक तरक्की की राह तो मजबूत करेगा ही आत्मनिर्भर बनाकर नए देवरिया के स्वप्न को भी साकार करने में अहम भूमिका निभाएगा। साथ ही शहर भी बड़ी समस्या बन चुके जाम से भी शहरियों को छुटकारा मिल सकेगा।
बाईपास बनने से दूरी के साथ ही समय की भी बचत होगी। देवरिया-गोरखपुर मार्ग पर स्थित सिरजम के पास से बनने वाले बाईपास के लिए अधिसूचना शुक्रवार को जारी कर दी गई। 37 गांवों के किसानों की 110 हेक्टेयर भूमि अधिग्रहीत कर उनको मुआवजा देने की तैयारी की जा रही है। बाईपास बनने के बाद कई पिछड़े गांवों की एनएच तक पहुंच हो जाएगी। बाईपास निर्माण के लिए करीब 10 दिन पहले 19 सौ करोड़ रुपये का बजट भी जारी हो चुका है।
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शहर में बाईपास मार्ग न होने के कारण बड़े वाहनों को शहर के गोरखपुर रोड पर ओवरब्रिज और रुद्रपुर मोड़ पर रोक दिया जाता है। सुबह आठ से रात आठ बजे तक वाहनों को इधर से जाने के लिए करीब 12 घंटे तक इंतजार करना पड़ता है। जबकि बाईपास मार्ग न होने के चलते सबसे अधिक शहर के सिविल लाइंस पर वाहनों के आवागमन के कारण दिन में जाम की समस्या से लोगों को जूझना पड़ता था, क्योंकि अन्य कोई मार्ग नहीं है। देवरिया- गोरखपुर मार्ग से बाईपास मार्ग सिरजम के पास से निकल कर देवरिया-सलेमपुर मार्ग पर मुंडेरा गांव के पास पहुंचेगा, जो राष्ट्रीय राज मार्ग 727 ए के 37 गांवों से गुजरेगा। इसके हो जाने से शहर में बड़े वाहनों का दबाव कम हो जाएगा। करीब 22.270 किलोमीटर के इस मार्ग के निर्माण के लिए 37 गांवों के 968 किसानों की भूमि के अधिग्रहण की कार्रवाई शुरू कर दी गई है। अधिसूचना प्रकाशित कर दिया है, जिस पर आपत्तियां और सुझाव भी मांगे गए हैं।
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यह गांव जुड़ जाएंगे बाईपास मार्ग से
मुंडेरा, सुकरौली, अहिलवार बुर्जुग और खुर्द, धनौती, कचुआर, देवरिया मीर, चकरवा धूस, घटैलागाजी और चेती, पकड़ी बुजुर्ग, पगरा परसिया, रामपुर खुर्द, कुसम्हा वेलवा, गोबराई, धनौती खास, पोखरभिंडा, भगौतीपुर, गौरा, भीमपुर, परसा बरवां, जैतपुरा, मुंडेरा, बांसगांव बुजुर्ग, धतुरा, बरारी, सझवा, बलुआ, बैतालपुर, गुड़री, इटवा, सिरजम खास से बाईपास गुजरेगा।
शहर में जाम की समस्या से मिलेगी मुक्ति
देवरिया। शहर का सिविल लाइंस ही एक ऐसा मार्ग है जिस पर 60 हजार वाहनों का दबाव प्रतिदिन है। बाईपास मार्ग बनने से गोरखपुर, आजमगढ़, मऊ, बलिया, गाजीपुर, वाराणसी, कुशीनगर सहित अन्य जनपदों के साथ ही बिहार, बंगाल, झारखंड, असम को जाने वाले वाहन शहर के सिविल लाइंस का सहारा नहीं लेना पड़ेगा। वह बाईपास मार्ग से ही देवरिया-सलेमपुर और कसया मार्ग पर पहुंच जाएंगे। जबकि दूसरी तरफ बैतालपुर तेल डिपो पर हर रोज आने वाले हजारों टैंकर भी शहर में न आकर बाहर से ही निकल जाएंगे।
बढ़ेंगे जमीन के दाम, होगा विकास
देवरिया। बाईपास मार्ग बनने से जिन 37 गांवों की भूमि ली जा रही है वहां की भूमि अब महंगी हो जाएगी। इससे किसानों को फायदा होगा, जबकि दूसरी तरफ रोजगार के भी अवसर मिलेंगे। गांवों के लिए आवागमन की सुविधा आसान हो जाएगी। इस रास्ते लंबी दूरी की बसों का आवागमन होगा।
बाईपास मार्ग बनने से बैतालपुर और देवरिया दोनों जगहों पर जाम से मुक्ति मिलेगी। इससे क्षेत्र का विकास होगा। भूमि का दाम बढ़ेगा। साथ ही रोजगार के अवसर मिलेंगे।
- अनिरुद्ध सिंह, व्यवसायी
बाईपास मार्ग को लेकर क्षेत्र में काफी खुशी है। हम लोगों का गांव अब एनएच मार्ग से जुड़ जाएगा। कई तरह के विकास के अवसर मिलेंगे। आने-जाने की सुविधा भी बढ़ेगी।
- धीरेंद्र मणि त्रिपाठी, व्यवसायी
बाईपास मार्ग बनने से बैतालपुर के आसपास का इलाका नया औद्योगिक केंद्र बनेगा। इसके होने से पूरे जिले को फायदा होगा। सबसे बड़ा फायदा बड़े वाहन के चलते कस्बे में हादसे का जो भय बना रहता था इससे मुक्ति मिलेगी। - वपुन बरनवाल, उद्यमी
मेरे गांव से होकर बाईपास गुजरेगा। इससे गांव का विकास होगा। एनएच मार्ग जुड़ने के कारण भूमि की कीमत बढ़ेगी। आने वाले समय में नए बाजार की भी स्थापना होगी।
- राजू मणि, उद्यमी
बाईपास मार्ग की अधिसूचना राष्ट्रीय राजमार्ग और परिवहन मंत्रालय ने शुक्रवार को जारी कर दिया है। इसके लिए आपत्ति और सुझाव मांगे गए हैं। इसमें 110 हेक्टेयर भूमि किसानों की ली जानी है।
सौरभ सिंह, एसडीएम सदर
जिले में बाईपास मार्ग बनने से आवागमन की सुविधा सुलभ होगी। विकास की दिशा में बाईपास की अहम भूमिका होगी। दूसरे जनपद से आने वाले लोगों को जाम से जूझना नहीं पड़ेगा। पहले केवल सिविल लाइंस मार्ग ही था, जिससे सभी वाहनों का गुजरना होता था। इसके चलते पूरे शहर में वाहनों का दबाव बढ़ जाता था। ट्रैफिक की समस्या आ जाती थी।
- रवींद्र कुमार, मुख्य विकास अधिकरी